जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले और भारत के ऑप्रेशन सिंदूर के बाद पंजाब के शहरों में मॉक ड्रिल की गई।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले और भारत के ऑप्रेशन सिंदूर के बाद पंजाब के शहरों में मॉक ड्रिल की गई। इसके बाद शाम 7.30 बजे शहरों में ब्लैकआउट शुरू हो गया है। बिजली बंद होते ही सायरन बजा और शहरों की सड़कों में सन्नाटा पसर गया। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बंद रही। सभी शहरों में पुलिस ब्लैक आउट को सफल बनाने में जुटी रही।
ब्लैक आऊट के दौरान जालंधर, अमृतसर, लुधियाना, मोहाली, पटियाला, बठिंडा सहित अन्य शहरों में सायरन की आवाजें आती रही जबकि सड़कों पर अंधेरा और सन्नाटा पसर गया। फिरोजपुर के कैंटोन्मैंट एरिया में भी सायरन बजे और अंधेरा छाया रहा। यहां खतरे को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। राज्य के गांवों में भी ब्लैक आऊट रहा। गांव में सुबह से ही गुरुद्वारों से बकायदा अनाउंसमेंट होती रही और लोगों को प्रशासन की ओर से दी गई हिदायतों के बारे में जानकारी दे दी गई थी। इसका असर यह रहा कि गांवों में भी ब्लैक आऊट का पूरा असर रहा।
पंजाब में जिलों में ब्लैक आऊट का समय अलग-अलग रखा गया था। कई शहरों में ब्लैक आऊट शुरु होने से पहले ही बाजार बंद हो गए। प्रशासन ने सभी जिलों में विभिन्न माध्यमों से मॉक ड्रिल और ब्लैक आऊट के लिए जागरुक कर दिया था और इसका पालन करने की सख्त हिदायतें दी गई थीं। इससे पहले आज सुबह मॉक ड्रिल के दौरान जालंधर, अमृतसर और मोहाली-लुधियाना सहित पंजाब के शहर सायरन की आवाज से गूंजे। सायरन बजते ही स्कूलों में बच्चे डैस्क के नीचे छिप गए। प्ले ग्राउंड में खेलते बच्चे सेफ जगह ढूंढने के लिए दौड़े। स्कूल में पुलिस ने बच्चों को सिविल डिफैंस के तरीके बताए। बच्चों को सिखाया की युद्ध की स्थिति में कैसे खुद का बचाव करना है।