Wednesday, October 7, 2026
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Jalandhar: दो मिनट बजा सायरन, 15 मिनट ब्लैक आउट, चला Rescue Operation

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जालंधर के लायलपुर खालसा कॉलेज फॉर वुमेन में सिविल डिफेंस एयर रेड/ब्लैकआउट मॉक अभ्यास हुआ।

मॉकड्रिल की शुरूआत एयर रेड चेतावनी सिग्नल से हुई, जिसके बाद ऑल क्लियर सिग्नल (2 मिनट तक लगातार तेज आवाज वाला सायरन) से समाप्त हुआ।
रात 8 से 8:15 बजे तक ब्लैकआउट के बाद, संबंधित विभागों के समन्वय से अग्निशमन अभियान, खोज और बचाव अभियान, प्राथमिक उपचार और मेडिकल सहायता, घायल व्यक्तियों को निकालने, यातायात और भीड़ नियंत्रण उपायों की रिहर्सल की गई। इस अभ्यास के दौरान सिविल डिफेंस कमांडेंट जसकरण सिंह के नेतृत्व में सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों, जिला पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम एसडीआरएफ, एनसीसी और होम गार्ड कर्मियों के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को उचित ढंग से निभाया।
इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने कहा कि यह एक नियमित अभ्यास था। उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस की तैयारियों और विभागों के समन्वय से उठाए गए आवश्यक कदमों की जांच के लिए नियमित तौर पर इस प्रकार की मॉकड्रिल करवाई जाती है। इसके अलावा, जागरूकता भी पैदा की जाती है। उन्होंने कहा कि लोगों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए।
सिविल डिफेंस की तैयारी के लिए मॉकड्रिल होती रहती है। लोगों को इस संबंध में जागरूक भी रहना चाहिए, ताकि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए खुद को तैयार रखा जा सके। शुक्रवार रात को ङुई मॉकड्रिल में सभी विभागों की तैयारियों को जांचा गया। लोगों का भरपूर सहयोग भी इस दौरान िमला।

Amritpal Singh को 30 तक न्यायिक हिरासत में भेजा:अजनाला केस में पुलिस ने नहीं मांगा अतिरिक्त रिमांड, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई पेशी

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पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को आज अजनाला कोर्ट में 2 दिन का पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया।

कोर्ट ने उन्हें 30 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उनके वकील रितुराज सिंह ने बताया कि पुलिस अब तक किसी भी तरह की रिकवरी नहीं कर पाई है। अजनाला पुलिस ने आगे किसी अतिरिक्त पुलिस रिमांड की मांग नहीं की। पूरी सुनवाई के दौरान मामला शांतिपूर्ण रहा और अदालत ने मौजूदा तथ्यों के आधार पर न्यायिक हिरासत का आदेश दिया।
गौरतलब है कि पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम 21 अप्रैल को असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल पहुंची थी, जहां अमृतपाल सिंह राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत बंद थे। उनकी NSA के तहत नजरबंदी 22 अप्रैल को समाप्त हो चुकी है, जिसके बाद पुलिस ने पुराने मामले में कार्रवाई तेज कर दी।
अमृतपाल सिंह के वकील एडवोकेट ऋतुराज सिंह ने बताया तब बताया था कि NSA समाप्त हो चुका है, लेकिन FIR नंबर 39 के तहत कानूनी कार्रवाई जारी है। इस मामले में धारा 307 समेत कई गंभीर आरोप दर्ज हैं। उनके अनुसार, इस केस में शामिल अन्य सहयोगियों की पहले ही अदालत में पेशी हो चुकी है।

मोगा के रोड़े गांव से गिरफ्तार किया गया था अमृतपाल

गौरतलब है कि अमृतपाल को अप्रैल 2023 में मोगा के रोड़े गांव से गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले फरवरी 2023 में अजनाला पुलिस थाने पर बड़ा विवाद हुआ था, जब अमृतपाल अपने समर्थकों के साथ बैरिकेड्स तोड़कर थाने में घुस गए थे। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच झड़प भी हुई थी, जिसका मकसद एक गिरफ्तार साथी को छुड़ाना बताया गया था।

अमृतपाल सिंह सहित कुल 41 लोगों के खिलाफ आरोप दर्ज

इस मामले में अमृतपाल सिंह सहित कुल 41 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, आपराधिक साजिश और दंगा जैसे गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, अमृतपाल इस केस के मुख्य आरोपी हैं।

Ludhiana के स्कूलों को फिर मिली बम धमकी, अलर्ट मोड में प्रशासन और पुलिस

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लुधियाना में एक बार फिर स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है।

आज चार प्रमुख स्कूलों को एक संदिग्ध ई-मेल के जरिए धमकी भेजी गई, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस तुरंत अलर्ट मोड पर आ गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्प्रिंग डेल पब्लिक स्कूल, पौदार इंटरनेशनल स्कूल, मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल और बीआरएस नगर स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल को यह धमकी भरा ई-मेल मिला। जैसे ही स्कूल प्रबंधन को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत अभिभावकों के व्हाट्सएप ग्रुप्स में सूचना साझा की और पुलिस को इसकी रिपोर्ट दी।
सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्प्रिंग डेल स्कूल ने एहतियातन बच्चों को घर भेज दिया। अन्य स्कूलों में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस टीमों द्वारा परिसर की जांच की जा रही है।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्कूल परिसरों की गहन तलाशी शुरू की गई। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पूरे क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

पहले भी मिल चुकी है धमकी

गौरतलब है कि इससे पहले 10 मार्च को भी लुधियाना के कुछ स्कूलों को इसी तरह की धमकी भरे ई-मेल प्राप्त हुए थे, जिससे शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। उस समय भी सीबीएसई से जुड़े तीन स्कूलों को निशाना बनाया गया था, जिसके बाद बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया था।

सूबे में अचानक होगा ब्लैकआउट: सायरन बजते ही अंधेरा, जानें क्यों हो रही Mock drill

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 पंजाब के सभी जिलों में शुक्रवार को एक विशेष ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।

इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति के लिए लोगों और प्रशासन की तैयारी को जांचना है। यह मॉक ड्रिल रात 8:00 बजे से 8:15 बजे तक चलेगी। कुछ मुख्य स्थान जहां यह ड्रिल आयोजित की जाएगी।
  • अमृतसर: पिटेक्स ग्राउंड, रणजीत एवेन्यू
  • लुधियाना: पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) और अगर नगर (PSPCL डिवीजन क्षेत्र)
सायरन और बिजली बंद करने की प्रक्रिया
शाम 7:55 बजे एक सायरन बजाया जाएगा, जिससे लोगों को अलर्ट किया जाएगा। धार्मिक स्थानों से भी पब्लिक अनाउंसमेंट किए जाएंगे। सायरन बजते ही बिजली विभाग संबंधित क्षेत्रों की बिजली सप्लाई बंद कर देगा।

लोगों के लिए जरूरी निर्देश

प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की है। इस दौरान

  • सभी लाइटें बंद रखें

  • किसी भी तरह का पावर बैकअप इस्तेमाल न करें

  • टॉर्च, मोमबत्ती या माचिस का उपयोग न करें

  • पूरी तरह ब्लैकआउट का पालन करें

किन एजेंसियों की भागीदारी होगी

इस मॉक ड्रिल में कई विभाग मिलकर काम करेंगे

  • नेशनल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF)

  • फायर ब्रिगेड

  • पुलिस विभाग

  • हेल्थ डिपार्टमेंट

  • सिविल डिफेंस

  • म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन

  • NCC और जिला प्रशासन

मॉक ड्रिल का उद्देश्य

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य है अचानक आने वाली आपात स्थिति का अभ्यास करना। प्रशासन की तैयारियों की जांच करना। लोगों को जागरूक और तैयार बनाना।
अमृतसर प्रशासन ने दी विशेष जानकारीअमृतसर जिला प्रशासन के अनुसार यह अभ्यास भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत किया जा रहा है। इसकी शुरुआत “एयर रेड” चेतावनी सायरन से होगी। यह ड्रिल सिर्फ तय किए गए क्षेत्र (पिटेक्स ग्राउंड, रणजीत एवेन्यू) में ही होगी। जरूरी सेवाएं इस दौरान चालू रहेंगी।
ड्रिल समाप्त होने का संकेत
ड्रिल खत्म होने के बाद लगातार 2 मिनट तक तेज सायरन बजाया जाएगा। यह “ऑल क्लियर” का संकेत होगा।

Punjab में बढ़ती गर्मी को लेकर शिक्षा विभाग ने जताई चिंता, उठाई स्कूलों का समय बदलने की मांग

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पंजाब में अप्रैल महीने के दौरान ही तेज गर्मी ने अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है।

चिलचिलाती धूप और लू के तेज थपेड़ों ने खासकर स्कूली बच्चों के लिए स्थिति चिंताजनक बना दी है। सरकारी स्कूलों के छात्र सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
बढ़ते तापमान को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के डायरेक्टर जनरल की ओर से सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की गाइडलाइंस के आधार पर स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि सुबह की सभा और कक्षाओं के दौरान बच्चों को लू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए।
हालांकि जमीनी स्तर पर स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। इसे देखते हुए अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने स्कूलों के समय में तत्काल बदलाव की मांग की है। उनका सुझाव है कि स्कूल का समय सुबह 7 बजे से 11 बजे तक कर दिया जाए, क्योंकि इसके बाद तापमान असहनीय हो जाता है और बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
बिजली कटौती से बढ़ी परेशानी
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली गुल रहने के कारण कक्षाएं गर्म भट्टियों जैसी बन रही हैं। निजी और सरकारी स्कूलों में इस सुविधा को लेकर बड़ा अंतर देखा जा रहा है। जहां निजी स्कूल जनरेटर और इनवर्टर की मदद से कुछ राहत दे पा रहे हैं, वहीं कई सरकारी स्कूलों में ऐसी सुविधा न होने से बच्चों को भीषण गर्मी में बैठना पड़ रहा है।
इसके अलावा पीने के पानी की समस्या भी गंभीर हो गई है। बिजली न होने पर मोटरें बंद हो जाती हैं और वाटर कूलर काम नहीं करते, जिससे छात्रों को पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ता है।
साइकिल से आने वाले बच्चों पर बढ़ा खतरा
सरकारी स्कूलों के अधिकांश छात्र मध्यम या निम्न आय वर्ग से आते हैं और कई किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय करते हैं। दोपहर में छुट्टी के समय तेज धूप और लू उनके लिए बेहद खतरनाक साबित हो रही है।
घर लौटते समय बच्चों में चक्कर आना, बेहोशी और नाक से खून आने जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। अभिभावकों का कहना है कि दोपहर 2 बजे तक बच्चों को स्कूल में रखना उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम बन सकता है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों की मांग है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों के समय में तुरंत बदलाव किया जाए।

Smriti Mandhana के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर भारत को हराया, साउथ अफ्रीका की कप्तान ने 220 रन ठोके

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साउथ अफ्रीका की कप्तान लॉरा वुलफार्ट ने अपने T20I करियर का सबसे तेज शतक जड़ा.

साउथ अफ्रीका की महिला टीम ने भारत के खिलाफ तीसरा T20 भी जीत लिया है. इसी के साथ उसने 5 मैचों की T20 सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बनाते हुए सीरीज पर कब्जा जमा लिया. साउथ अफ्रीका ने भारत को तीसरे T20 में 9 विकेट से हराया. इससे पहले साउथ अफ्रीका ने भारत को पहले T20 में 6 विकेट से और दूसरे T20 में 8 विकेट से हराया था. साउथ अफ्रीकी महिलाओं ने T20 सीरीज के तीनों मुकाबले रन चेज करते हुए जीते, जिसमें उसके कप्तान लॉरा वुलफार्ट की बड़ी भूमिका रही. भारत के खिलाफ 3-0 की अजेय बढ़त दिलाते हुए सीरीज पर कब्जा कराने में साउथ अफ्रीका की कप्तान के बनाए 220 रनों का बड़ा योगदान रहा. इस दौरान लॉरा वुलफार्ट ने स्मृति मंधाना और मेग लेनिंग के नाम दर्ज वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी की.

साउथ अफ्रीका की कप्तान ने जड़ा सबसे तेज शतक

T20 सीरीज के तीसरे मुकाबले में भारत ने शेफाली वर्मा के बनाए 64 रन और हरमनप्रीत कौर के 66 रन की बदौलत साउथ अफ्रीका के सामने जीत के लिए 193 रन का लक्ष्य रखा था. इस बड़े रन चेज में साउथ अफ्रीका की कप्तान लॉरा वुलफार्ट ने अपनी टीम को पहली गेंद से फ्रंट से लीड किया. तीसरे T20 में लॉरा वुलफार्ट ने अपने करियर का सबसे तेज शतक जड़ा. साउथ अफ्रीका की कप्तान के बल्ले से निकले तूफानी शतक ने उनकी टीम का काम आसान कर दिया. उनका विकेट हालांकि 16वें ओवर में गिर गया था मगर तब तक साउथ अफ्रीका की जीत और भारतीय महिलाओं की एक और हार की राह तैयार हो चुकी थी.

लॉरा वुलफार्ट ने 47 गेंदों पर जमाया शतक

लॉरा वुलफार्ट ने 53 गेंदों का सामना कर 115 रन बनाए. 216.98 की स्ट्राइक रेट से खेली इस पारी में 5 छक्के और 14 चौके शामिल रहे. लॉरा वुलफार्ट ने 47 गेंदों पर अपने T20I करियर के सबसे तेज शतक की स्क्रिप्ट लिखी, जो कि महिला T20I में चौथा सबसे तेज शतक है. ये लॉरा वुलफार्ट के T20I करियर का ओवरऑल तीसरा शतक है.

साउथ अफ्रीका के कप्तान ने की वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी

भारत के खिलाफ तीसरे T20 में शतक जमाने के साथ ही लॉरा वुलफार्ट ने स्मृति मंधाना और मेग लेनिंग के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी की. महिलाओं के इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा 17 शतक बनाने का रिकॉर्ड स्मृति मंधाना और मेग लेनिंग के नाम है. मगर अब इस लिस्ट में लॉरा वुलफार्ट का भी नाम जुड़ गया है. उनके भी इंटरनेशनल करियर में अब 17 शतक हो चुके हैं. लॉरा वुलफार्ट ने टेस्ट में 1, वनडे में 13 और T20I में 3 शतक जड़े हैं.

220 रन ठोककर भारत के खिलाफ जिताई T20 सीरीज

5 मैचों की T20 सीरीज के पहले तीनों मुकाबलों में लॉरा वुलफार्ट ने फिफ्टी प्लस स्कोर बनाया है. तीसरे T20 में 115 रन बनाने से पहले उन्होंने दूसरे T20 में 54 रन जबकि पहले T20 में 51 रन बनाए. इस तरह अब तक 220 रन बनाकर वो ना सिर्फ सीरीज की सबसे सफल बल्लेबाज बन चुकी है बल्कि अपनी टीम को T20 सीरीज भी जिता चुकी है. 3 मैचों में 220 रन लॉरा वुलफार्ट मे 73.33 की औसत से बनाए हैं.

Iran युद्ध में बुरी तरह फ्लॉप हुआ America , सामने आए सबूत… 25 दिन में सेना के 4 अफसर बर्खास्त

पेंटागन ने हालिया कार्रवाई में नेवल सेक्रेटरी को बर्खास्त कर दिया है.

ईरान युद्ध में अमेरिका के बुरी तरह से फ्लॉप होने के सबूत सामने आने लगे हैं. जंग में सफलता न दिलाने की वजह से अमेरिका ने पिछले 25 दिनों में सेना के 4 बड़े अफसरों बर्खास्त कर दिया है. लिस्ट में ताजा नाम नेवल सेक्रेटरी जॉन फेलन का है. होर्मुज में ईरान की नाकाबंदी को ध्वस्त न कर पाने की वजह से पेंटागन ने फेलन को बर्खास्त कर दिया है. फिलेन पिछले डेढ़ साल से इस पद पर काबिज थे.
फेलन से पहले आर्मी चीफ जनरल रेंडी जॉर्ज, मेजर जनरल डेविड होंडले और मेजर जनरल विलियम ग्रीन जूनियर को बर्खास्त किया जा चुका है. तीनों को ही जंग में सफलता नहीं दिलाने के कारण बर्खास्त किया गया था.

फेलन राष्ट्रपति ट्रंप के बेहद करीबी अफसर

एक्सियोस के मुताबिक फेलन को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बेहद करीबी अफसर माना जाता है. दोनों को कई मौकों पर ट्रंप के निजी रिजॉर्ट मार-ए-लागो में देखा गया है. फेलन और ट्रंप के बीच जंग को लेकर हाल ही में टेक्स्ट पर बातचीत भी हुई थी. इसके बावजूद पेंटागन प्रमुख पीट हेगसेथ ने उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया है.
फेलन पर कमांड को दरकिनार करने और युद्ध में अपेक्षित सफलता नहीं दिलाने का आरोप है. हालांकि, आधिकारिक बयान में यह कहा है कि फेलन ने खुद ही इस्तीफे की पेशकश की है.

अमेरिका के फ्लॉप होने के सबूत सामने आए

1. फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक होर्मुज के बाहर अमेरिका नाकाबंदी करने में पूरी तरह विफल साबित हुआ है. सेंटकॉम के बयान के उलट बुधवार (22 अप्रैल) को 34 ईरानी जहाज होर्मुज से गुजर गए. इन जहाजों को अमेरिका रोक नहीं पाया. उधर, सेंटकॉम का कहना है कि उसने होर्मुज के बार 10 हजार सैनिक लगा रखे हैं.
2. मंगलवार (21 अप्रैल) को इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच पीस डील को लेकर बैठक प्रस्तावित थी. इस बैठक में ईरान और अमेरिका के डेलिगेशन को शामिल होना था, लेकिन ईरान ने आने से मना कर दिया. इसके बावजूद ट्रंप ने सीजफायर को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाने का फैसला किया.
3. सीएनएन के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप ईरान जंग से बाहर निकलना चाहते हैं. इसकी एक वजह संभावित मिडटर्म इलेक्शन है. ट्रंप को लगता है कि मिडटर्म इलेक्शन तक अगर युद्ध जारी रहता है तो उनकी पार्टी को काफी ज्यादा नुकसान हो सकता है. इसलिए ट्रंप ने ईरान से बिना बात किए सीजफायर को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया है.

Punjab में बनेगा बासमती का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस… खेती से किसानों की आमदनी दोगुनी करने का प्लान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में बासमती के लिए एक उच्चस्तरीय सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का फैसला लिया है.

नीदरलैंड दौरे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों के हित के लिए कृषि और उद्योग क्षेत्र की कार्यप्रणालियों का गहराई से अध्ययन किया. जिससे खाद्यान्न उत्पादन में उस देश को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई. भगवंत मान ने कहा कि राज्य में फसली विविधता को बड़े स्तर पर प्रोत्साहन देने की जरूरत है. इस दिशा में नीदरलैंड पंजाब की बड़ी मदद कर सकता है. उन्होंने कहा कि देश की भलाई के लिए पंजाब के किसानों ने उपजाऊ भूमि और पानी जैसे अनमोल प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक उपयोग किया है.
मुख्यमंत्री मान ने रॉटरडैम में एलटी फूड्स की सुविधा का दौरा किया, जहां कंपनी ने 80 से अधिक देशों में अपनी मौजूदगी और एक लाख से अधिक किसानों के साथ मजबूत संबंधों की जानकारी दी. उन्होंने टिकाऊ खेती की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरने के लिए कीटनाशकों के उपयोग में कमी लाना और वैश्विक बाजार में बासमती चावल को बढ़ावा देना जरूरी है.

टिकाऊ खेती पद्धतियों के लिए पहल

भगवंत मान के प्रयासों से एलटी फूड्स ने पंजाब में बासमती चावल के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने तथा सुनिश्चित खरीद और कम कीटनाशक उपयोग वाली खेती को बढ़ावा देने का भरोसा दिया. मुख्यमंत्री ने शोध और टिकाऊ खेती पद्धतियों के लिए डच बहुराष्ट्रीय कंपनियों और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के बीच सहयोग मजबूत करने की वकालत की.

Cm Bhagwant Mann Meeting

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि यह केंद्र वास्तविक कृषि आय बढ़ाने और बासमती उत्पादन में वृद्धि के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन को रोकने में उत्प्रेरक साबित होगा. इसी दौरान उन्होंने आल्समीयर स्थित फ्लोरीकल्चर ऑक्शन मार्केट का भी दौरा किया, जो दुनिया का सबसे बड़ा फूल और पौधा बाजार है. यहां उन्होंने डच नीलामी प्रणाली के उत्पादन, लॉजिस्टिक्स और वैश्विक वितरण के उच्च स्तर के समन्वय को समझा. मान ने पंजाब में भी इसी तरह का मॉडल अपनाने की इच्छा जताई, जिससे कृषि वैल्यू चेन मजबूत होगी और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी.

भारत-नीदरलैंड का कृषि सहयोग

मुख्यमंत्री ने कृषि डायरेक्टर-जनरल सहित वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में नीदरलैंड सरकार के कृषि, मत्स्य पालन, खाद्य सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के साथ विस्तृत बैठक भी की. भारत और नीदरलैंड के बीच लंबे समय से चले आ रहे कृषि सहयोग का उल्लेख करते हुए उन्होंने जल दक्षता आधारित खेती, फसली विविधता, तकनीक आधारित उत्पादकता वृद्धि और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए डच विशेषज्ञता की मांग की.
भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब, नीदरलैंड की उन्नत कृषि प्रणालियों को अपनाने के लिए उत्सुक है, जिसमें ऑटोमेशन, ए.आई., ड्रोन, डेटा आधारित फसल प्रबंधन के प्रयोग के साथ-साथ ग्रीनहाउस कृषि में नवीनताएं शामिल हैं.

फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल

उन्होंने पंजाब की प्रगतिशील नीति ढांचे, जिनमें औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 और फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल शामिल हैं, के बारे में भी भागीदारों को जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ये नीतियां समयबद्ध और पारदर्शी मंजूरियां सुनिश्चित करती हैं. इस दौरान भगवंत सिंह मान ने तकनीक आधारित, टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर एकीकृत कृषि एवं औद्योगिक अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई.

Amritsar में ISI लिंक वाला संदिग्ध युवक गिरफ्तार: दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त, फॉरेंसिक जांच जारी

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 नेटवर्क की तलाश में जुटी एजेंसियां

अमृतसर देहाती पुलिस के अधीन थाना खलचियां की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी खुफिया इनपुट और सतर्क निगरानी के आधार पर की गई है, जिससे क्षेत्र में संभावित खतरे को समय रहते टाल दिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी युवक संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था और उसके संपर्क सीमा पार तक जुड़े हुए थे। पुलिस ने उसके पास से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक अहम कड़ी साबित हो सकती है और इससे कई और खुलासे होने की संभावना है।
नेटवर्क का पता लगाने के लिए गहन जांच
पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच की जा रही है। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी का नेटवर्क कितना बड़ा है और वह किन-किन लोगों के संपर्क में था। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सख्त कार्रवाई और जनता से सहयोग की अपील
अमृतसर देहाती पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी देश विरोधी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

Jalandhar में कबाड़ गोदाम में लगी आग:दूर तक उठा धुआं, घरों से बाहर निकले लोग, फायर ब्रिगेड पहुंची

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जालंधर के गढ़ा इलाके में गुरु दीवान नगर स्थित एक कबाड़ के गोदाम में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई।

इस घटना से आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। आग का धुआं दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने में जुट गईं।

आग लगने के बाद लोग घरों से बाहर निकले।

आग लगने के बाद लोग घरों से बाहर निकले।

रिहायशी इलाके में है गोदाम

स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह गोदाम रिहायशी इलाके में स्थित है। उन्होंने पहले भी कई बार नगर निगम से इसे हटाने की शिकायत की थी। निवासियों के अनुसार, गोदाम से आने वाली दुर्गंध और सांस लेने में दिक्कत के कारण उन्हें परेशानी होती थी, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

फायर ब्रिगेड आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही

आसपास के लोगों ने शुरुआत में खुद ही आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैल गई। इसके बाद उन्होंने फायर ब्रिगेड को सूचित किया। फायर ब्रिगेड की टीमें अभी भी आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही है।