Saturday, May 30, 2026
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जगराओं में राइस मिल पर कृषि विभाग की रेड:252 क्विंटल सब्सिडी वाली खाद बरामद, मालिक समेत तीन पर केस

एएसआई तरसेम सिंह के अनुसार, खेतिबाड़ी विकास अफसर-कम-खाद निरीक्षक सिधवां बेट हर्ष कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी।

पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं में किसानों के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी पर उपलब्ध करवाई जाने वाली यूरिया खाद की कथित कालाबाजारी का बड़ा खुलासा हुआ है। कृषि विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गांव गोरसिया मक्खन रोड स्थित खुदाई चक्क की एक राइस मिल पर छापा मारा।
यहां से भारी मात्रा में यूरिया खाद बरामद की गई।मौके पर पहुंची पुलिस ने राइस मिल मालिक अभिषेक कुमार, वनीत कुमार और प्रवीन कुमार के खिलाफ थाना सिधवां बेट में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एएसआई तरसेम सिंह के अनुसार, खेतिबाड़ी विकास अफसर-कम-खाद निरीक्षक सिधवां बेट हर्ष कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कृषि अधिकारी रमिंदर सिंह और कृषि विकास अधिकारी अमनदीप शर्मा के साथ मिलकर श्री शाम राइस मिल, गोरसिया मक्कन रोड गांव खुदाई चक्क में जांच की थी। छापेमारी के दौरान राइस मिल मालिक अभिषेक कुमार और अमृतपाल सिंह मौके पर मौजूद थे।
560 बैग यूरिया खाद बरामद
जांच के दौरान राइस मिल के अंदर से 560 बैग यूरिया खाद बरामद किए गए, जिसका कुल वजन 252 क्विंटल है। दस्तावेजों की जांच में कई अनियमितताएं सामने आईं। अधिकारियों के मुताबिक, यूरिया की बिल्टी नंबर 1953 दिनांक 07 मई 2026 को गोयल एंड कंपनी सुनाम द्वारा काटी गई थी। यह बिल्टी गुरप्रीत सिंह के नाम पर बनाई गई थी, जिनके पास रैक से सीधे खाद खरीदने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था।
इतना ही नहीं, जिस फर्म के नाम पर यह खाद मंगवाई गई थी, उसके पास खाद कारोबार करने का लाइसेंस भी मौजूद नहीं पाया गया। इसके बाद कृषि विभाग की टीम ने पंजाब पेस्टीसाइड एंड फर्टिलाइजर, भूंदड़ी में भी छापा मारा, जहां भारी मात्रा में खाद अवैध रूप से भंडारित पाई गई।
निजी लाभ के लिए की हेराफेरी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि राइस मिल मालिक अभिषेक कुमार ने अपने भाई वनीत कुमार के साथ मिलकर निजी लाभ के लिए सब्सिडी वाली यूरिया की कथित तौर पर हेराफेरी की। इसमें आढ़ती श्री दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी और रैक होल्डर गोयल एंड कंपनी सुनाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। आरोप है कि किसानों के हिस्से की खाद को गुपचुप तरीके से स्टोर कर ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी की जा रही थी।
फिलहाल तीनों आरोपी फरार
कृषि विभाग ने मामले को किसानों के अधिकारों पर सीधा डाका करार दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है और इस खेल में शामिल अन्य लोगों पर भी जल्द बड़ी कार्रवाई हो सकती है। वही इस मामले को लेकर जांच अधिकारी ने बताया कि फिलहाल तीनों आरोपी फरार चल रहे है। जिनको पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। उनके गिरफ्तार होने के बाद भी आगे की जांच होगी।
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