Tuesday, September 1, 2026
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हरकतों से बाज नहीं आ रहा पाकिस्तान, लगातार 9वें दिन LoC पर किया सीज़फायर का उल्लंघन

शनिवार को लगातार नौवें दिन, पाकिस्तान की सेना ने जम्मू-कश्मीर में एलओसी (नियंत्रण रेखा) पर भारतीय चौकियों पर बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की।

 शनिवार को लगातार नौवें दिन, पाकिस्तान की सेना ने जम्मू-कश्मीर में एलओसी (नियंत्रण रेखा) पर भारतीय चौकियों पर बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की। सैन्य सूत्रों ने बताया कि 2 और 3 मई की रात को पाकिस्तान की सेना ने कुपवाड़ा, उड़ी और अखनूर क्षेत्रों में छोटे हथियारों से फायरिंग की। भारतीय सेना ने तुरंत और उचित जवाब दिया।
22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन में पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा आतंकियों ने 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी थी, जिनमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय शामिल थे। इस नृशंस हत्या के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया है। इस घटना से पूरे देश में गुस्सा फैल गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इन आतंकियों, उनके मददगारों और समर्थकों को कहीं से भी ढूंढ कर सजा दी जाएगी।
सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी से 40 मिनट तक बैठक की। इससे पहले उन्होंने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान से सेना की तैयारियों पर पूरी जानकारी ली थी। प्रधानमंत्री मोदी ने सेना को पूरी छूट दी है कि वे पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए जरूरी कार्रवाई करें।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी श्रीनगर में थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ सुरक्षा की समीक्षा की। उन्होंने सेना से कहा कि आतंकियों के खिलाफ पूरी ताकत से कार्रवाई की जाए।
इसी बीच, आतंकियों और उनके समर्थकों को सख्त संदेश देने के लिए सुरक्षा बलों ने आतंकियों के मकानों को गिराना जारी रखा है। पिछले शुक्रवार को त्राल और बिजबेहड़ा इलाकों में दो आतंकियों आदिल हुसैन ठोकर और आसिफ शेख के घर गिराए गए। ये दोनों लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य थे और पहलगाम हमले में शामिल थे। अब तक सुरक्षा बलों ने कश्मीर घाटी में सक्रिय 10 आतंकियों के घर गिरा दिए हैं। सोमवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने भी सर्वसम्मति से इस जघन्य हमले की निंदा की और एक प्रस्ताव पारित किया।
भारत ने अटारी-वाघा सीमा को बंद कर दिया है, पाकिस्तानी नागरिकों को देश से बाहर निकाल दिया है, सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया है और पाकिस्तानी उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है।
इसके जवाब में पाकिस्तान ने कहा है कि वह अब शिमला समझौते को नहीं मानेगा और साथ ही उसने नियंत्रण रेखा की अनदेखी करने का भी निर्णय लिया है, जो जम्मू-कश्मीर में दोनों देशों के बीच वास्तविक सीमा मानी जाती है।

IPL 2025: अभिषेक की पारी ना आई किसी काम, गुजरात टाइटंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को 38 रनों से दी मात

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गुजरात टाइटंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को 38 रनों से दी मात

गुजरात टाइटंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को 38 रनों से हरा दिया । गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में छह विकेट पर 224 रन बनाए, जवाब में हैदराबाद की टीम 20 ओवर में छह विकेट पर 186 रन ही बना सकी। हैदराबाद के लिए अभिषेक शर्मा ने 41 गेंदों पर चार चौकों और छह छक्कों की मदद से 74 रन बनाए, लेकिन उनकी पारी भी टीम को जीत नहीं दिला सकी। गुजरात की ओर से मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने दो-दो विकेट लिए, जबकि ईशांत शर्मा और गेराल्ड कोएट्जे को एक-एक विकेट मिले।
गुजरात टाइटंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को जीत के लिए 225 रनों का लक्ष्य दिया। सनराइजर्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया और गुजरात ने 20 ओवर में छह विकेट पर 224 रन बनाए। कप्तान शुभमन गिल और जोस बटलर के अर्धशतकों की मदद से गुजरात हैदराबाद को 225 रनों का बड़ा लक्ष्य दे पाई है। गुजरात के लिए गिल ने सबसे ज्यादा 38 गेंदों पर 10 चौकों और दो छक्कों की मदद से 76 रन बनाए, जबकि बटलर ने 37 गेंदों पर तीन चौकों और चार छक्कों की मदद से 64 रन की पारी खेली। गिल और सुदर्शन ने गुजरात को मजबूत शुरुआत दिलाई और पहले विकेट के लिए 87 रन जोड़े। गिल और सुदर्शन की शानदार बल्लेबाजी की मदद से गुजरात ने पावरप्ले का सर्वोच्च स्कोर भी बनाया। हालांकि सुदर्शन अर्धशतक पूरा नहीं कर सके और 48 रन बनाकर पवेलियन लौटे। उसके बाद वॉशिंगटन सुंदर 21, राहुल तेवतिया 06, राशिद खान 00 पर आउट हुए और शाहरुख खान 06* रन बनाकर नाबाद रहे। सनराइजर्स की ओर से जयदेव उनादकट ने अंतिम ओवर में 3, पैट कमिंस ने 01 और जीशान अंसारी ने 01 विकेट लिया।

दोनों टीमों की प्लेइंग-11 :-

गुजरात टाइटंसः साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, राहुल तेवतिया, शाहरुख खान, राशिद खान, आर साई किशोर, गेराल्ड कोएट्जे, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा।
(इम्पैक्ट प्लेयरः ईशांत शर्मा, महिपाल लोमरोर, अनुज रावत, अरशद खान, शेरफाने रदरफोर्ड।)

सनराइजर्स हैदराबादः अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, हेनरिच क्लासेन (विकेटकीपर), अनिकेत वर्मा, कामिंदु मेंडिस, नीतीश कुमार रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), हर्षल पटेल, जयदेव उनादकट, जीशान अंसारी, मोहम्मद शमी।
(इम्पैक्ट प्लेयरः अभिनव मनोहर, सचिन बेबी, ट्रेविस हेड, राहुल चाहर, वियान मुल्डर।)

MLA Jagroop Gill ने आप संयोजक Arvind Kejriwal से की मुलाकात

जगरूप सिंह गिल ने पिछले सप्ताह नई दिल्ली में आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल से मुलाकात कर पंजाब की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण पहलों पर चर्चा की

बठिंडा के विधायक जगरूप सिंह गिल ने पिछले सप्ताह नई दिल्ली में आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल से मुलाकात कर पंजाब की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण पहलों पर चर्चा की तथा उन्हें राज्य की ताजा राजनीतिक स्थिति तथा भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ उठाए जा रहे कदमों तथा नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता अभियान के बारे में जानकारी दी।
जगरूप सिंह गिल ने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य और नशीली दवाओं की तस्करी से निपटने के प्रयासों पर जानकारी साझा की। उन्होंने स्थानीय निकायों को पुनर्जीवित करने और वित्तपोषण चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक नीति नोट भी प्रस्तुत किया, जिससे शहरी विकास में परिवर्तनकारी बदलाव का मार्ग प्रशस्त हुआ।
जगरूप सिंह गिल ने जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया, जैसे कि उन भवनों के नियमितीकरण के लिए नीति बनाना जो सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण की श्रेणी में नहीं आते हैं।
जगरूप सिंह गिल ने अमृत पाल सिंह सिद्धू के साथ बातचीत करते हुए कहा कि “स्थानीय निकायों के लिए धन की कमी को दूर करने और शहरी नागरिकों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए कुछ नीतिगत पहल की जा सकती हैं”।
जगरूप गिल ने सुझाव दिया कि “चूंकि सार्वजनिक विरोध के बिना इन अतिक्रमणों को ध्वस्त करना लगभग असंभव होगा और इनमें से अधिकांश संरचनाएं कम से कम दशकों पुरानी हैं, इसलिए ये सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण के रूप में योग्य नहीं हैं, शहरी नागरिकों को एकमुश्त राहत देने और जमीनी हकीकत को स्वीकार करने के लिए ऐसी संरचनाओं के लिए एकमुश्त नियमितीकरण नीति लाई जा सकती है”।
इसके अतिरिक्त, जगरूप गिल ने इस तथ्य की ओर ध्यान दिलाया कि शहरी विकास विभाग के तहत सुधार ट्रस्टों और अन्य विकास प्राधिकरणों सहित स्थानीय निकायों द्वारा बेचे जाने वाले बूथों का फ्लोर एरिया अनुपात (एफ.ए.आर.) 1:1 है, जिसका अर्थ है कि केवल भूतल पर ही निर्माण किया जा सकता है।
जगरूप गिल ने अरविंद केजरीवाल को बताया कि ज़्यादातर साइटें बिना छत के अधिकार के बेची जाती हैं। एफ.ए.आर. को 1:1 से ऊपर बढ़ाकर, अतिरिक्त पहली मंज़िल बनाने की क्षमता के साथ छत के अधिकार बेचे जा सकते हैं, बशर्ते कि संरचनागत सुरक्षा हो। इस कार्यक्रम से काफ़ी धन जुटाया जा सकता है क्योंकि ये बूथ व्यावहारिक रूप से हर शहर के वांछनीय क्षेत्रों में स्थित हैं।
एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए जगरूप सिंह गिल ने अरविंद केजरीवाल से कहा कि “पूरे पंजाब में भूमि अधिग्रहण के कई मामले अभी भी चल रहे हैं, और स्थानीय स्वशासन विभाग के तहत सुधार ट्रस्ट जैसे स्थानीय निकाय और आवास एवं शहरी विकास विभाग के तहत अन्य विकास प्राधिकरण लंबे समय से लंबी कानूनी लड़ाई में उलझे हुए हैं।”
विधायक गिल ने कहा, “इससे शहरी आवास उद्योग प्रभावित हुआ है, जिससे जनता उचित मूल्य पर आवास के लाभ से वंचित हो रही है, जो कि स्थानीय प्राधिकारियों की जिम्मेदारी है।”

नशे के खिलाफ कार्यक्रम में शामिल हुए CM सैनी, Punjab and Haryana के राज्यपाल भी रहे मौजूद

हरियाणा और पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में शनिवार को नशे के विरोध में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

 हरियाणा और पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में शनिवार को नशे के विरोध में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया शामिल हुए। इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों ने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब के राज्यपाल ने पत्रकारों से बातचीत भी की। दोनों ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के विकास में युवाओं की भूमिका अहम होती है। ऐसी स्थिति में अगर हम चाहते हैं कि हमारे देश का विकास दोहरी गति से हो, तो हमारे लिए यह जरूरी हो जाता है कि हम युवाओं को नशे के जंजाल से दूर रखें।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, ‘‘आमतौर पर देखा जाता है कि युवा अपने दोस्तों के साथ रहने के दौरान नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं। उन्हें लगता है कि इससे उन्हें आनंद मिलेगा, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। धीरे-धीरे करके युवा नशे के जाल में पूरी तरह से फंस जाते हैं और अपनी जिंदगी तबाह कर लेते हैं। इसी को देखते हुए हमने इस कार्यक्रम का आयोजन किया है, जिसमें हम युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील कर रहे हैं, ताकि वे देश के विकास में अपना अहम योगदान दे सकें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के विकसित राष्ट्र के संकल्प को पूरा करने के लिए युवाओं का नशे से दूर रहना नितांत आवश्यक है। इससे उनके मन और तन दोनों ही स्वस्थ रहेंगे और जब हमारे युवाओं का तन और मन दोनों ही स्वस्थ रहेंगे, तभी वे देश के विकास में अपना योगदान दे सकेंगे।’’
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि हम लगातार इस प्रयास में जुटे हुए हैं कि हमारा राष्ट्र नशामुक्त हो। कोई भी युवा नशे की गिरफ्त में नहीं रहे। यह एक तरह का जन आंदोलन है और इसमें सफलता सिर्फ सरकार के प्रयासों से ही मुमकिन नहीं हो पाएगी, बल्कि आम लोगों को भी आगे आना होगा।
उन्होंने कहा कि मैं जनता से चाहता हूं कि वे जहां कहीं भी हैं, वहां से ही इस आंदोलन की शुरुआत करें और युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करें, ताकि वे देश के विकास में अपना योगदान दे सकें।

पूर्व मुख्यमंत्री Channi ने उठाए सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल, विवाद उठता देख दी सफाई, कहा…

कांग्रेस नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर सवाल खड़े किए है।

 कांग्रेस नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर सवाल खड़े किए है। बता दें की एक ब्यान में उन्होंने कहा कि ‘वे कहते है कि पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की है, कहां हुई सर्जिकल स्ट्राइक, किसी को नहीं पता चला। ‘ हालांकि अपने दिए ब्यान के बाद चरणजीत सिंह चन्नी सफाई देते हुए भी नजर आए। लेकिन उनके सवाल ने सियासी गलियारों में खलबली मचा दी। उनके इस ब्यान से विवाद खड़ा हो गया। BJP ने चन्नी के इस ब्यान पर पूरी कांग्रेस का घेराव किया है।
BJP ने कांग्रेस को घेरा-
दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने चन्नी के ब्यान पर कहा, “कांग्रेस ने फिर भारतीय वायुसेना पर सवाल उठाए हैं। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने एक बार फिर कहा है कि उन्हें सर्जिकल स्ट्राइक पर भरोसा नहीं है और उन्हें सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत चाहिए। कांग्रेस पार्टी, गांधी परिवार, राहुल गांधी की यह कैसी मानसिकता है कि वे सेना, भारतीय वायुसेना पर सवाल उठाते रहते हैं? पाकिस्तान खुद कह रहा है कि भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक करके बहुत नुकसान पहुंचाया है। चरणजीत सिंह चन्नी ने फिर गांधी परिवार की गंदी राजनीति और गंदी मानसिकता को दिखाया है जो हमेशा सेना पर सवाल उठाते हैं और सेनाओं का मनोबल गिराते हैं। मैं इसकी निंदा करता हूं।”
चन्नी ने दी सफाई-
चन्नी ने अपने ब्यान पर सफाई देते हुए कहा, “इसका सबूत नहीं मांगा जाता है, और मैं भी नहीं मांग रहा हूं। मैं जो कह रहा हूं वो ये है कि इसे भटकाने की कोशिश मत करो। ये बहुत ही संवेदनशील मुद्दा है। तू इधर उधर की बात मत कर, बता की काफिला क्यों लूटा…जिन निर्दोष पर्यटकों से उनका धर्म-देश पूछकर उन्हें मार दिया गया, वो परिवार आज न्याय चाहते हैं। सरकार को उन्हें न्याय दिलाना चाहिए। हम हर तरह से सरकार के साथ हैं।”
ये था चन्नी का विवादित ब्यान-
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, “आज तक मुझे पता नहीं चल पाया कि स्ट्राइक कहां हुई, उस समय लोग कहां मारे गए और पाकिस्तान में यह कहां हुआ। क्या हमें पता नहीं चलेगा कि हमारे देश में बम गिरा है? वे कहते हैं कि उन्होंने पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की। कुछ नहीं हुआ। कहीं भी सर्जिकल स्ट्राइक नहीं देखी गई। किसी को पता नहीं चला। मैंने हमेशा (सबूत) मांगे हैं। लेकिन आज लोगों के जख्मों पर मरहम लगाने की जरूरत है। हम उनसे (सरकार से) मांग करते हैं कि वे कुछ करें। लोगों को बताएं कि पहलगाम आतंकवादी हमले के अपराधी कौन हैं और उन्हें सजा दें।”

 

Punjab: Civil Hospital में दो पक्षों बीच हुई हिंसक झड़प, मचा हड़कंप

कपूरथला जिले के सिविल अस्पताल में गुरुवार रात एक गंभीर हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई जब दो पक्ष आपस में भिड़ गए।

कपूरथला जिले के सिविल अस्पताल में गुरुवार रात एक गंभीर हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई जब दो पक्ष आपस में भिड़ गए। यह झगड़ा अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में हुआ, जहां घरेलू विवाद में घायल दो महिलाओं का इलाज चल रहा था। झगड़े के बाद अस्पताल में तनावपूर्ण माहौल बन गया और मरीजों व स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई।
-दो पक्षों बीच शुरू हो गई हाथापाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नामदेव कॉलोनी की निवासी कांति और काजल नामक दो महिलाएं, जो आपस में रिश्तेदार हैं, एक पारिवारिक विवाद के चलते आपस में उलझ गई थीं। बीती रात हुए इस झगड़े में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें इलाज के लिए सिविल अस्पताल लाया गया। इलाज के दौरान ही दोनों पक्षों के परिजनों में कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई।
-इमरजेंसी वार्ड में मचा हड़कंप
इमरजेंसी वार्ड में हुई इस अप्रत्याशित घटना से अन्य मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों में दहशत फैल गई। अस्पताल प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला और दोनों पक्षों को शांत कराया। घटना में शामिल एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच जारी है।
अस्पताल प्रशासन ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस प्रकार का व्यवहार अस्वीकार्य है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व महिला कांस्टेबल Amandeep Kaur को ड्रग केस में मिली जमानत, 29 दिन बाद बठिंडा जेल से हुई रिहा

पंजाब के बठिंडा जिले में ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार की गई पूर्व महिला कांस्टेबल अमनदीप कौर को एक महीने बाद जमानत मिल गई है।

 पंजाब के बठिंडा जिले में ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार की गई पूर्व महिला कांस्टेबल अमनदीप कौर को एक महीने बाद जमानत मिल गई है। 1 मई को अदालत ने उन्हें 50,000 रुपये के जमानती बांड पर रिहा करने का आदेश दिया। अमनदीप को 2 अप्रैल को उस समय गिरफ्तार किया गया था जब वह पुलिस की जांच से बचने की कोशिश कर रही थी। तलाशी के दौरान उसके वाहन के गियरबॉक्स से 17.71 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी।
-आलीशान शोंक बने जांच का विषय
गिरफ्तारी के तुरंत बाद पंजाब पुलिस ने राज्य की सख्त नशा विरोधी नीति के तहत अमनदीप को सेवा से बर्खास्त कर दिया। जांच के दौरान सामने आया कि अमनदीप एक बेहद आलीशान जीवनशैली जी रही थी, जिसमें महंगे वाहन, कीमती संपत्तियां और लग्जरी ब्रांड्स की भरमार शामिल थी। इससे उसके संभावित अवैध स्रोतों से कमाई पर सवाल उठने लगे हैं।
-ANTF कर रही गहनता से जांच
एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) अब उसकी संपत्तियों, लेन-देन और सोशल नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, कौर के संबंध कुछ संदिग्ध व्यक्तियों से भी बताए जा रहे हैं, जो पहले से ड्रग मामलों में संलिप्त हैं।
सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय अमनदीप कौर अक्सर अपनी जीवनशैली और पर्सनल ब्रांडिंग को लेकर चर्चा में रहती थीं। उनकी गिरफ़्तारी के बाद न सिर्फ पुलिस विभाग में बल्कि उनके सोशल मीडिया फॉलोअर्स के बीच भी हलचल मच गई है। यह मामला पुलिस विभाग में भीतर तक छिपे संभावित नेटवर्क की ओर भी इशारा कर रहा है।
जांच अधिकारी अब यह जानने में जुटे हैं कि अमनदीप किसी बड़े ड्रग सिंडिकेट से जुड़ी थीं या नहीं। आने वाले हफ्तों में उनकी डिजिटल गतिविधियों, कॉल रिकॉर्ड और बैंक लेन-देन की रिपोर्ट सामने आने की उम्मीद है, जिससे इस केस की गहराई का अंदाज़ा लगाया जा सकेगा।

Amritsar Police की बड़ी कार्रवाई : अवैध हथियार और नकली नगदी सहित 6 आरोपी गिरफ्तार

अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों, नकली नगदी के साथ 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत पंजाब पुलिस बड़ी कार्रवाई कर रही है। अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों, नकली नगदी के साथ 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, पंजाब पुलिस ने आरोपियों के पास से 02 पिस्तौल, 21 जिंदा कारतूस, ₹2 लाख की नकली मुद्रा, 02 स्प्लेंडर मोटरसाइकिलें और 05 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई सतिंदर सिंह (आईपीएस), डीआईजी बॉर्डर रेंज और मनिंदर सिंह (आईपीएस), एसएसपी अमृतसर ग्रामीण के निर्देशों पर की गई। पूरी टीम का नेतृत्व एसपी (जांच) आदित्य वारियर और डीएसपी (डी) मनिंदरपाल सिंह ने किया।
-आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
आरोपियों के खिलाफ लोपोके थाना में एफआईआर नंबर 76, दिनांक 01-05-2025 को भारतीय दंड संहिता की धारा 61(2), 29 बीएनएस, 25/54/59 आर्म्स एक्ट और धारा 181 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस द्वारा पूछताछ जारी है और गिरफ्तार आरोपियों के नेटवर्क और उनके संभावित सहयोगियों की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जो भी इस गिरोह से जुड़ा पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Court ने Sonia Gandhi और Rahul Gandhi को जारी किया नोटिस, 8 मई को होगी सुनवाई

दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को नेशनल हेराल्ड धन शोधन मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी को नोटिस जारी किया।

 दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को नेशनल हेराल्ड धन शोधन मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी को नोटिस जारी किया। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के समय सोनिया गांधी और राहुल गांधी को अपना पक्ष रखने का अधिकार है। न्यायाधीश ने कहा, ‘‘किसी भी स्तर पर पक्ष रखने का अधिकार निष्पक्ष सुनवाई की जान है।’’ उन्होंने मामले की अगली सुनवाई आठ मई के लिए तय की।
2021 में ED ने शुरू की थी जांच
हाल में आरोपपत्र दाखिल करने वाले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2021 में अपनी जांच शुरू की थी, जब एक मजिस्ट्रेट अदालत ने 26 जून 2014 को भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर एक निजी शिकायत पर संज्ञान लिया था।
ईडी ने शिकायत में क्या कहा?
ईडी ने कहा कि शिकायत में कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों द्वारा एक ‘‘आपराधिक साजिश’’ को उजागर किया गया है, जिसमें कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, उनके सांसद पुत्र राहुल गांधी, कांग्रेस के दिवंगत नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीस के अलावा अन्य नेताओं और एक निजी कंपनी ‘यंग इंडियन’ शामिल हैं।
इन सभी पर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) से संबंधित 2,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों का गलत तरह से अधिग्रहण कर धन शोधन में शामिल होने का आरोप है। सोनिया और राहुल यंग इंडियन के शेयरधारक हैं और दोनों के पास 38-38 प्रतिशत शेयर हैं।

Canada Study Visa नियमों में बड़ा बदलाव… Punjabi Students पर पड़ेगा असर, होगा नुकसान या फायदा

विदेशों में पढ़ाई करने के इच्छुक भारतीय छात्रों के लिए कनाडा से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है।

 विदेशों में पढ़ाई करने के इच्छुक भारतीय छात्रों के लिए कनाडा से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। कनाडा सरकार ने विदेशी छात्रों के लिए स्टडी वीजा से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब से यदि कोई छात्र कनाडा में अपना कॉलेज या यूनिवर्सिटी बदलना चाहता है, तो उसे एक नया स्टडी परमिट प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
#पहले क्या था नियम?
अब तक छात्रों को कॉलेज ट्रांसफर करने के लिए केवल इमिग्रेशन, रिफ्यूजी एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) पोर्टल पर जानकारी अपडेट करनी होती थी। इस प्रक्रिया में न तो नया वीजा लगता था और न ही पढ़ाई बाधित होती थी। लेकिन अब यह सुविधा खत्म कर दी गई है।
#क्या है नया नियम?
IRCC के अनुसार, अब पोस्ट-सेकेंडरी स्तर पर (जैसे कॉलेज से यूनिवर्सिटी या एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज) स्थानांतरित होने के लिए छात्रों को पहले नया स्टडी परमिट प्राप्त करना होगा। जब तक यह परमिट अप्रूव नहीं हो जाता, तब तक छात्र नए संस्थान में पढ़ाई शुरू नहीं कर सकेंगे। यदि कोई छात्र बिना अनुमति पढ़ाई शुरू करता है, तो यह उनके स्टडी परमिट की शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा।
#छात्रों पर असर: नुकसान या फायदा?
यह बदलाव विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों से कनाडा जाने वाले छात्रों को प्रभावित करेगा, जहां बड़ी संख्या में युवा हर साल उच्च शिक्षा के लिए कनाडा जाते हैं।
-नुकसान: छात्रों को न सिर्फ दोबारा वीजा आवेदन की जटिल प्रक्रिया से गुजरना होगा, बल्कि इसमें समय और पैसा दोनों खर्च होंगे। इससे योजना में देरी भी हो सकती है।
-फायदा: सरकार का मानना है कि यह कदम फर्जी कॉलेजों और वीजा धोखाधड़ी को रोकने में मदद करेगा। इससे केवल वही छात्र स्थानांतरित हो सकेंगे जो वाकई गंभीरता से पढ़ाई करना चाहते हैं।
#सरकार का पक्ष क्या है?
IRCC का कहना है कि यह बदलाव छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और वीजा प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किया गया है। इससे कनाडा के शैक्षणिक संस्थानों की साख भी बरकरार रहेगी।
#क्या करें छात्र?
जो छात्र अभी कॉलेज बदलने की सोच रहे हैं, उन्हें चाहिए कि 30 अप्रैल 2025 से पहले प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि उन्हें नए नियमों का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, वीजा कंसल्टेंट और IRCC की आधिकारिक वेबसाइट से समय-समय पर जानकारी लेते रहें।