Monday, October 5, 2026
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ANTF की कार्रवाई बड़ी कार्रवाई: मुठभेड़ के दौरान ड्रग तस्कर को किया ढेर, 2 kg हेरोइन व 15 लाख बरामद

पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ जारी जंग में एक और बड़ी कामयाबी हासिल हुई है।

पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ जारी जंग में एक और बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), फिरोजपुर रेंज ने एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए जगरांव में एक खतरनाक ड्रग तस्कर को मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया। यह ऑपरेशन गुरुवार देर रात को अंजाम दिया गया।
ANTF को खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली थी कि दो संदिग्ध तस्कर भारी मात्रा में हेरोइन और अवैध हथियारों के साथ इलाके में सक्रिय हैं। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की। इस दौरान एक तस्कर, जिसकी पहचान राजू के रूप में हुई है, ने पुलिस पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में राजू को गोली लगी और उसे गंभीर हालत में जगरांव सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। उसका एक साथी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश अब भी जारी है।
-बरामदगी और आपराधिक इतिहास
पुलिस ने मौके से करीब 2 किलो हेरोइन, ₹15 लाख की ड्रग मनी और एक अवैध हथियार जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मारा गया तस्कर राजू एक आदतन अपराधी था, जिसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से ही 19 एफआईआर दर्ज थीं।
-जांच में जुटी पुलिस
थाना जगरांव में इस संबंध में एक एफआईआर दर्ज की गई है और फरार तस्कर के साथ-साथ पूरे नेटवर्क के पीछे के और आगे के लिंक की जांच शुरू कर दी गई है। ANTF का मानना है कि इस गिरोह के तार अंतर्राष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस की टीमें अब अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
-पंजाब पुलिस का सख्त संदेश
पंजाब पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि राज्य में नशा तस्करी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम प्रदेश को ड्रग्स से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है, और जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।”

PUNJAB : आपातकाल स्थिति पर इन जगहों पर लोगों को किया जाएगा शिफ्ट

आप्रेशन सिंदूर (Operation Sindoor) से बौखलाया पाकिस्तान ऐसे बड़े एक्शन करने का प्रयास कर रहा है।

आप्रेशन सिंदूर (Operation Sindoor) से बौखलाया पाकिस्तान ऐसे बड़े एक्शन करने का प्रयास कर रहा है जिससे उसकी अपने लोगों में नाक तो बची रहे परन्तु ऐसा हो नहीं पा रहा। जहां भारतीय सेना का हर हमला स्टीक मार कर रहा है वहीं पाकिस्तानी ड्रोन्स व मिसाइलें खिलौने जैसी प्रतीत होने लगी हैं। यही कारण है कि पाकिस्तान के हर हमले को नाकाम किया जा रहा है। बीती वीरवार की रात पाकिस्तान ने पठानकोट, फिरोजपुर, कपूरथला और जालंधर में ड्रोन हमले किए, जिन्हें भारतीय प्रतिरक्षा प्रणाली ने असफल कर दिया।
वहीं जिले में धमाकों की आवाज से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें आनी शुरू हो गई। बताया गया कि जालंधर के कुछ इलाके जिनमे मंड, कैंट इलाका, सुरानुस्सी, सूर्या इंक्लेव में धमाकों की आवाजे सुनी गई। मंड इलाके में मौके पर पहुंचे डीएसपी विजय कुवंर ने मामले की जांच की और लोगों पैनिक ना होने की अपील की।

वहीं दूसरी ओर डीसी हिमांशु अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि 2 ड्रोन जालंधर में दिखाई दिए। जिसे आर्मी ने मुस्तैदी दिखाते हुए ध्वस्त कर दिया। जिसमें से एक एक ड्रोन जालंधर के पीएपी के पास बीएसएफ में ध्वस्त किया गया और दूसरा सुरानुसी के पास ध्वस्त किया गया।

इस दौरान भारत-पाक के बीच बने युद्ध के हालातों के मद्देनजर प्रशासन की तरफ से एक लिस्ट जारी की गई। जिसमें आपातकालीन स्थिति बनने पर शहर की पब्लिक को इन जगहों पर शिफ्ट करने के बारे बताया गया। प्रशासन की ओर से जारी लिस्ट में ज्यादातर सरकारी और प्राइवेट स्कूल व कॉलेज शामिल है, जहां आपातकाल की स्थिति होने पर लोगों को शिफ्ट किया जा सकता है।
फेक दावों और वीडियो पर ध्यान न दें
फिलहाल आम जनता से अपील की जा रही है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल फेक दावों और वीडियो पर ध्यान न दें और किसी के बहकावे में आकर ऐसी जानकारी पब्लिक न करें जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचे. लोगों को घबराए बिना हिम्मत से काम लेना है और प्रशासन का सहयोग करना है. किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके प्रशासन को मदद के लिए बुलाया जा सकता है।

Punjab सरकार का बड़ा एक्शन: आतंक और नशा तस्करी रोकने के लिए 9 एंटी-ड्रोन सिस्टम किया तैनात

मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में शुक्रवार को आयोजित पंजाब कैबिनेट की बैठक में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया।

 राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ मन सरकार द्वारा बड़ा एक्शन लिया गया। जिसके तहत सीमा पार से जारी ड्रोन के ज़रिए नशा और हथियारों की तस्करी की साजिशों को करारा जवाब देने के लिए एक साहसिक और रणनीतिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में शुक्रवार को आयोजित पंजाब कैबिनेट की बैठक में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया।
बता दें कि, पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे संवेदनशील इलाकों में 9 एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए जाएंगे। यह पहली बार है जब राज्य सरकार ने आतंकवाद और नशे के नेटवर्क को एक साथ निशाना बनाने के लिए इतने बड़े पैमाने पर तकनीकी समाधान को अपनाने का निर्णय लिया है।
सरकार का मानना है कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और ड्रोन के माध्यम से हो रही नशे की तस्करी पंजाब की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है, जिसे अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “यह सिर्फ सुरक्षा नहीं, हमारी युवा पीढ़ी के भविष्य की लड़ाई है। आतंकवाद और नशे के गठजोड़ को जड़ से खत्म करना हमारी प्राथमिकता है, और इसके लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
-हाईटेक निगरानी और फौरन कार्रवाई
तैनात किए जाने वाले एंटी-ड्रोन सिस्टम न केवल ड्रोन को ट्रैक करेंगे, बल्कि आवश्यक होने पर उन्हें निष्क्रिय भी कर सकेंगे। ये सिस्टम अत्याधुनिक सेंसर, रडार और इंटरसेप्शन तकनीक से लैस होंगे। इससे सीमा पर होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी और किसी भी संदिग्ध हरकत पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
-राजनीतिक इच्छाशक्ति का उदाहरण
यह फैसला पंजाब सरकार की उस राजनीतिक इच्छाशक्ति को दर्शाता है, जो लंबे समय से केंद्र और राज्यों के बीच साझा जिम्मेदारी बन चुकी सीमा सुरक्षा को लेकर स्पष्ट और प्रभावशाली रुख अपनाने की मांग कर रही थी। आम आदमी पार्टी की यह पहल राज्य स्तर पर पहली बार किसी सरकार द्वारा लिए गए इस तरह के ठोस तकनीकी कदमों में से एक है।
-नशे के कारोबार पर चोट
ड्रोन के माध्यम से हो रही हेरोइन, हथियार और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी पंजाब में एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है। एंटी-ड्रोन तकनीक के आने से इन आपराधिक गतिविधियों पर बड़ा अंकुश लगने की उम्मीद है। साथ ही, इससे आतंकवादी संगठनों की फंडिंग पर भी असर पड़ेगा।
पंजाब सरकार के इस फैसले को न केवल राज्य के भीतर बल्कि देशभर में सुरक्षा के क्षेत्र में एक अहम पहल के तौर पर देखा जा रहा है। अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में यह रणनीति कितना असर दिखा पाती है।

कपूरथला में आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं, प्रशासन पूरी तरह अलर्ट: डिप्टी कमिश्नर

सीमावर्ती क्षेत्रों में मौजूदा हालात के बीच कपूरथला जिला प्रशासन ने लोगों को आश्वस्त किया है कि जिले में आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में मौजूदा हालात के बीच कपूरथला जिला प्रशासन ने लोगों को आश्वस्त किया है कि जिले में आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है। डिप्टी कमिश्नर श्री अमित कुमार पंचाल ने स्पष्ट किया कि तेल, गैस, राशन, फल-सब्जियों समेत सभी जरूरी वस्तुएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और उनकी आपूर्ति सुचारु रूप से जारी है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में उत्पन्न हुई तनावपूर्ण स्थितियों के कारण लोगों के मन में अनावश्यक डर बैठ गया है, जिससे कालाबाजारी और जमाखोरी की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत जरूरी वस्तुओं के अवैध भंडारण पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है।
-प्रशासन ने गठित की विशेष टास्क फोर्स
जिला स्तर पर आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस टास्क फोर्स की अगुवाई जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रण अधिकारीऔर ‘जिला मंडी अधिकारी’ करेंगे। यह टीम जिले भर में सप्लाई चैन की निगरानी करेगी और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को तुरंत सुलझाने के लिए कार्य करेगी।
-लोगों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
डिप्टी कमिश्नर ने आम नागरिकों की सुविधा के लिए संबंधित अधिकारियों के संपर्क नंबर सार्वजनिक किए हैं ताकि वे किसी भी प्रकार की समस्या या जानकारी के लिए सीधे संपर्क कर सकें:

डीएफएससी संयोगता (तेल व ईंधन संबंधी): 84275-55440
डॉ. रजिंदरपाल सिंह (पशुधन सेवाएं): 77172-67008
गगनदीप सिंह, जिला मंडी अधिकारी (फल-सब्जी): 94642-92474
गुरप्रीत सिंह, डीएम मार्कफेड (पशु चारा): 98784-28755

-अफवाहों से बचें, प्रशासन पर रखें भरोसा
डिप्टी कमिश्नर ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति कालाबाजारी या जमाखोरी में संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जम्मू-उधमपुर से दिल्ली के लिए चलेंगी विशेष ट्रेनें, भारत-पाक तनाव के बीच रेलवे का बड़ा ऐलान

भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के कारण भारतीय रेलवे ने जम्मू और उधमपुर से दिल्ली के लिए 3 स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है।

ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम आतंकवादी हमले की जवाबी कार्रवाई थी। इसके बाद से ही दोनों देशों में टकराव की स्थिति और गहरी हो गई है। पाकिस्तान द्वारा मिसाइल और ड्रोन अटैक का इंडिया ने करारा जवाब दिया है। हालांकि, स्थिति की नाजुकता देखते हुए हवाई सेवाओं में भी उलट-फेर हुआ है। इस बीच भारतीय रेलवे ने भी एक घोषणा की है, जिसके तहत जम्मू और उधमपुर से दिल्ली के लिए 3 स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। ट्रेन सेवा प्रदान करने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वहां से निकालने का है। ये ट्रेनें आज इन समय पर चलाई जाएंगी।
कहां से कब कौन सी ट्रेन चलेंगी?
जानकारी के मुताबिक, ट्रेन संख्या 04612 को जम्मू से सुबह 10:45 बजे चलेगी। इस ट्रेन में 12 अनरिजर्व्ड कोच और सामान्य और आरक्षित श्रेणी के यात्रियों के लिए 12 आरक्षित कोच शामिल हैं। दूसरी ट्रेन दोपहर 12:45 पर उधमपुर से रवाना होगी। यह 20 कोचों वाली वंदे भारत रेक ट्रेन है। यह ट्रेन जम्मू और पठानकोट के रास्ते चलेगी, जो उत्तरी जिलों को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ेगी। इसके अलावा, एक और 22 कोच वाली पूरी तरह से आरक्षित एलएचबी विशेष ट्रेन शुक्रवार शाम को लगभग 7:00 बजे जम्मू से रवाना होगी।
अनारक्षित होंगी सभी ट्रेनें
बता दें कि भारतीय रेलवे द्वारा ये तीनों ट्रेनें अनारक्षित हैं। जिन लोगों को रिजर्वेशन नहीं मिल पाया है, वे इन ट्रेनों की मदद ले सकते हैं। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है, जिस कारण भारत के रिहायशी इलाकों में अटैक होने की संभावनाएं हैं। बीते दिन जम्मू-कश्मीर एयरपोर्ट को निशाना भी बनाने की कोशिश की गई थी।
बढ़ रहा तनाव
गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच तनाव ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद से बढ़ गया है। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने एयर स्ट्राइक कर पाकिस्तान और पीओजेके के 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। ये ठिकाने जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के थे। 7-8 मई को पाकिस्तान ने भारत पर ड्रोन अटैक की कोशिश की थी, जिसका भारत ने करारा जवाब दिया।

EaseMyTrip ने जारी की एडवाइजरी, तुर्की-अजरबैजान की यात्रा करते समय बरतें सावधानियां

 यात्रियों को तुर्की और अजरबैजान सहित देशों की यात्रा करते समय सावधानी बरतने के लिए कहा गया।

भारत के प्रमुख ऑनलाइन ट्रैवल टेक प्लेटफॉर्म में से एक, EaseMyTrip.com ने शुक्रवार को यात्रा करने को लेकर एडवाइजरी जारी की, जिसमें यात्रियों को तुर्की और अजरबैजान सहित देशों की यात्रा करते समय सावधानी बरतने के लिए कहा गया।
इन दोनों देशों ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान को समर्थन दिया है। ईजमाई ट्रिप के सह-संस्थापक और अध्यक्ष निशांत पिट्टी ने हालिया घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों को संवेदनशील क्षेत्रों की यात्रा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में हुई घटनाओं से हम बहुत चिंतित हैं। EaseMyTrip में यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम अपने सभी ग्राहकों को सलाह देते हैं कि वे अत्यधिक सावधानी बरतें और संवेदनशील क्षेत्रों की यात्रा की योजना बनाने से पहले अपडेट रहें।

क्या दी गई सलाह?

वहीं, भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के बीच, कई एयरलाइनों ने यात्रियों से उड़ानों के रवाना होने से 3 घंटे पहले हवाई अड्डों पर पहुंचने का आग्रह करते हुए सलाह जारी की है। यात्रियों से सरकार द्वारा अनुमोदित वैध फोटो पहचान दस्तावेज साथ रखने का भी अनुरोध किया गया है।
उड़ान हुए रद्द
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा के बीच हवाई अड्डे बंद किए जाने के बाद स्पाइसजेट ने उत्तर भारत के छह हवाई अड्डे से उड़ान संचालन रद्द करने की घोषणा की है।

ये हवाई अड्डे रहेंगे बंद

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट की गई अपनी ट्रैवल एडवाइजरी में स्पाइसजेट ने कहा कि लेह, श्रीनगर, जम्मू, अमृतसर, कांडला और धर्मशाला हवाई अड्डे फिलहाल बंद हैं और इन शहरों से आने-जाने वाली सभी उड़ानें 10 मई को सुबह 5:29 बजे तक निलंबित रहेंगी।
इससे पहले, इंडिगो ने हवाईअड्डे बंद होने के संबंध में विमानन अधिकारियों के निर्देशों के बाद 10 मई तक उत्तर, उत्तर-पश्चिमी और मध्य भारत के 11 शहरों में अपनी उड़ान संचालन रद्द कर दिया था। इंडिगो ने अपने यात्रा परामर्श में कहा कि श्रीनगर, जम्मू, अमृतसर, लेह, चंडीगढ़, धर्मशाला, बीकानेर, जोधपुर, ग्वालियर, किशनगढ़ और राजकोट प्रभावित शहर हैं जहां उड़ान संचालन 10 मई को सुबह 5:29 बजे तक रद्द कर दिया गया है।
क्या था पहलगाम मामला?
बता दें कि भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी समूहों से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। ये ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।

‘ग्राहक पेट्रोल-डीजल खरीदनें से बचें’, पाकिस्तान से बढ़ते तनाव के बीच इंडियन ऑयल की अपील

पाकिस्तान से बढ़ते तनाव के बीच इंडियन ऑयल ने ग्राहकों से विशेष अपील की है।

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले दो दिनों से पाकिस्तान लगातार ड्रोन और मिसाइल से भारत के सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है। हालांकि पाकिस्तान की एक भी मिसाइल भारत को नुकसान नहीं पहुंचा पाई क्योंकि भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने उसको नेस्तनाबुद कर दिया। इस बीच इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने लोगों को विश्वास दिलाया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। कंपनी ने कहा कि घबराकर खरीदारी करने की कोई जरूरत नहीं है। उसके सभी आउटलेट पर ईंधन और एलपीजी आसानी से उपलब्ध है।
कंपनी ने लोगों से शांति बनाए रखने और अनावश्यक रूप से आउटलेट पर जाने से बचने की सलाह दी है। इस प्रकार की हरकतें आपूर्ति श्रृंखला को बाधित कर सकती हैं और इससे अराजकता फैल सकती है। कंपनी ने लोगों से आगे कहा कि शांत रहकर और अनावश्यक भीड़ से बचकर हमें आपकी बेहतर सेवा करने में मदद करें। इसस हमारी आपूर्ति लाइन निर्बाध रूप से चलती रहेंगी।
बता दें कि पाकिस्तान लगातार भारत पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर रहा है लेकिन भारत नापाक हमले का करारा जवाब दे रहा है। भारत का मिसाइल डिफेंस सिस्टम मिसाइल और ड्रोन को हवा में खत्म कर दे रहा है। इससे अब तक हुए हमलों में किसी भी प्रकार से जान-माल की हानि नहीं हुई है। वहीं भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के कई फाइटर जेट और एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया है।

भारत-पाकिस्तान तनाव: पंजाब में सभी स्कूल-कॉलेज रहेंगे बंद, परीक्षाएं हुई रद्द

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनज़र पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनज़र पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले के बाद स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसके जवाब में भारतीय सेना की कार्रवाई और सीमा पर बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए पंजाब में सभी शिक्षण संस्थानों को तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। साथ ही, सभी परीक्षाएं अगली सूचना तक स्थगित कर दी गई हैं।
आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने घोषणा की है कि अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं फिलहाल स्थगित की जा रही हैं। विश्वविद्यालय ने कहा कि नई तिथियों की घोषणा कम से कम पांच दिन पहले कर दी जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों से संयम बनाए रखने की अपील की है।
सीमा पर बढ़ी सख्ती, बीएसएफ ने घुसपैठ की कोशिश नाकाम की
फिरोजपुर सेक्टर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को गुरुवार रात मार गिराया। घुसपैठिए की पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है। वह लाखा सिंह वाला चौकी के पास एक गेट से घुसपैठ की कोशिश कर रहा था, जिसे जवानों ने समय रहते रोक दिया।
सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
पंजाब सरकार ने जनता की सहायता के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। नागरिक किसी भी आपात स्थिति में 0172-2741803 और 0172-2749901 पर संपर्क कर सकते हैं।
सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट, बिजली बंद
फिरोजपुर, पठानकोट, फाजिल्का, अमृतसर, गुरदासपुर और तरनतारन जैसे सीमावर्ती जिलों में गुरुवार रात बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई। अधिकारियों का कहना है कि यह एहतियातन कदम है। वहीं, चंडीगढ़ प्रशासन ने भी शनिवार तक सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है।
पुलिस की छुट्टियां रद्द
पंजाब पुलिस के सभी कर्मियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “सुरक्षा को देखते हुए राज्य भर में सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय बंद रहेंगे। वहीं अमन अरोड़ा ने कहा, “पूरा पंजाब भारतीय सेना के साथ खड़ा है। यदि ज़रूरत पड़ी तो राज्य पुलिस बल सेना का भरपूर साथ देगा।”
लोगों में चिंता, कई गांवों से हो रहा पलायन
तनावपूर्ण स्थिति के कारण पंजाब के कुछ सीमावर्ती गांवों के लोग अपने परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।

भारत-पाकिस्तान युद्ध बीच 0 लाइन पर बसे गांवों में डर का माहौल

भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को देखते हुए सीमा और जीरो लाइन पर दहशत का माहौल है और थेह कल्ला, गिल पन्न गांव के लोग अपने घरेलू सामान, कृषि उपकरण और पशुधन को सुरक्षित स्थान

भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को देखते हुए सीमा और जीरो लाइन पर दहशत का माहौल है और थेह कल्ला, गिल पन्न गांव के लोग अपने घरेलू सामान, कृषि उपकरण और पशुधन को सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे हैं। इन गांवों में पहुंचकर दोनों देशों के बीच बने माहौल के बारे में जानकारी जुटाई गई। थेह कल्ला गांव के 90 वर्षीय कश्मीर सिंह, जिन्होंने अपने जीवन में 1965 और 1971 के युद्ध देखे थे, ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि हम इस गांव के पुराने वासी हैं और 1965 और 1971 जैसी उस समय की लड़ाइयों के दौरान भी हमने अपने परिवार और अपने पालतू जानवरों को लेकर अपने रिश्तेदारों के पास चले गए थे।
वहीं, खालड़ा वासी 88 वर्षीय बापू मोहन सिंह ने कहा कि हमने पहले युद्ध अपने घरों और गांवों में लड़े थे। अब सरकारी व्यवस्था बहुत तेज है, मतलब आम लोगों को हर समस्या के बारे में पहले से ही जानकारी दे दी जाती है और बताया जाता है कि आप कैसे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा कर सकते हैं। हमारे समय में लोग अपने घरों में 5-7 फीट गहरे गड्ढे बनाकर उनमें राशन-पानी जमा करते थे।
अगर कोई बाहर रह जाता तो वे पुराने मिट्टी के घरों में या खुले आसमान के नीचे, घने पेड़ों के नीचे बैठकर अपना समय बिताते।उन्होंने बताया कि पिछले युद्धों में हम अपने सैनिकों के खाने-पीने का सामान मिलजुल कर उन तक पहुंचाते रहे हैं। उन्होंने आम जनता से युद्ध की झूठी अफवाहों से खुद को बचाने की अपील की। इस दौरान सुखदेव सिंह थेह कल्ला, राजबीर सिंह गिल पन्न मौजूद थे।

आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने वाले कुछ क्षेत्रों में ब्लैकआउट हटाया जा रहा : DC Jalandhar

जालंधर के डीसी हिमांशु अग्रवाल ने आदेश जारी किया है कि आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने वाले कुछ क्षेत्रों में ब्लैकआउट हटाया जा रहा है।

जालंधर के डीसी हिमांशु अग्रवाल ने आदेश जारी किया है कि आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने वाले कुछ क्षेत्रों में ब्लैकआउट हटाया जा रहा है, लेकिन यह भी अनुरोध किया गया है कि बाहरी लाइटें बंद रखी जाएं, जिनकी रौशनी बाहर तक फैल सकती हैं। घर में बिजली के उपकरणों का उपयोग केवल आवश्यकतानुसार ही किया जाना चाहिए।