PUNJAB : आपातकाल स्थिति पर इन जगहों पर लोगों को किया जाएगा शिफ्ट
आप्रेशन सिंदूर (Operation Sindoor) से बौखलाया पाकिस्तान ऐसे बड़े एक्शन करने का प्रयास कर रहा है।
आप्रेशन सिंदूर (Operation Sindoor) से बौखलाया पाकिस्तान ऐसे बड़े एक्शन करने का प्रयास कर रहा है जिससे उसकी अपने लोगों में नाक तो बची रहे परन्तु ऐसा हो नहीं पा रहा। जहां भारतीय सेना का हर हमला स्टीक मार कर रहा है वहीं पाकिस्तानी ड्रोन्स व मिसाइलें खिलौने जैसी प्रतीत होने लगी हैं। यही कारण है कि पाकिस्तान के हर हमले को नाकाम किया जा रहा है। बीती वीरवार की रात पाकिस्तान ने पठानकोट, फिरोजपुर, कपूरथला और जालंधर में ड्रोन हमले किए, जिन्हें भारतीय प्रतिरक्षा प्रणाली ने असफल कर दिया।
वहीं जिले में धमाकों की आवाज से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें आनी शुरू हो गई। बताया गया कि जालंधर के कुछ इलाके जिनमे मंड, कैंट इलाका, सुरानुस्सी, सूर्या इंक्लेव में धमाकों की आवाजे सुनी गई। मंड इलाके में मौके पर पहुंचे डीएसपी विजय कुवंर ने मामले की जांच की और लोगों पैनिक ना होने की अपील की।

वहीं दूसरी ओर डीसी हिमांशु अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि 2 ड्रोन जालंधर में दिखाई दिए। जिसे आर्मी ने मुस्तैदी दिखाते हुए ध्वस्त कर दिया। जिसमें से एक एक ड्रोन जालंधर के पीएपी के पास बीएसएफ में ध्वस्त किया गया और दूसरा सुरानुसी के पास ध्वस्त किया गया।

इस दौरान भारत-पाक के बीच बने युद्ध के हालातों के मद्देनजर प्रशासन की तरफ से एक लिस्ट जारी की गई। जिसमें आपातकालीन स्थिति बनने पर शहर की पब्लिक को इन जगहों पर शिफ्ट करने के बारे बताया गया। प्रशासन की ओर से जारी लिस्ट में ज्यादातर सरकारी और प्राइवेट स्कूल व कॉलेज शामिल है, जहां आपातकाल की स्थिति होने पर लोगों को शिफ्ट किया जा सकता है।
फेक दावों और वीडियो पर ध्यान न दें
फिलहाल आम जनता से अपील की जा रही है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल फेक दावों और वीडियो पर ध्यान न दें और किसी के बहकावे में आकर ऐसी जानकारी पब्लिक न करें जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचे. लोगों को घबराए बिना हिम्मत से काम लेना है और प्रशासन का सहयोग करना है. किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके प्रशासन को मदद के लिए बुलाया जा सकता है।
Punjab सरकार का बड़ा एक्शन: आतंक और नशा तस्करी रोकने के लिए 9 एंटी-ड्रोन सिस्टम किया तैनात
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में शुक्रवार को आयोजित पंजाब कैबिनेट की बैठक में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया।
राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ मन सरकार द्वारा बड़ा एक्शन लिया गया। जिसके तहत सीमा पार से जारी ड्रोन के ज़रिए नशा और हथियारों की तस्करी की साजिशों को करारा जवाब देने के लिए एक साहसिक और रणनीतिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में शुक्रवार को आयोजित पंजाब कैबिनेट की बैठक में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया।
बता दें कि, पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे संवेदनशील इलाकों में 9 एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए जाएंगे। यह पहली बार है जब राज्य सरकार ने आतंकवाद और नशे के नेटवर्क को एक साथ निशाना बनाने के लिए इतने बड़े पैमाने पर तकनीकी समाधान को अपनाने का निर्णय लिया है।
सरकार का मानना है कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और ड्रोन के माध्यम से हो रही नशे की तस्करी पंजाब की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है, जिसे अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “यह सिर्फ सुरक्षा नहीं, हमारी युवा पीढ़ी के भविष्य की लड़ाई है। आतंकवाद और नशे के गठजोड़ को जड़ से खत्म करना हमारी प्राथमिकता है, और इसके लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
-हाईटेक निगरानी और फौरन कार्रवाई
तैनात किए जाने वाले एंटी-ड्रोन सिस्टम न केवल ड्रोन को ट्रैक करेंगे, बल्कि आवश्यक होने पर उन्हें निष्क्रिय भी कर सकेंगे। ये सिस्टम अत्याधुनिक सेंसर, रडार और इंटरसेप्शन तकनीक से लैस होंगे। इससे सीमा पर होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी और किसी भी संदिग्ध हरकत पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
-राजनीतिक इच्छाशक्ति का उदाहरण
यह फैसला पंजाब सरकार की उस राजनीतिक इच्छाशक्ति को दर्शाता है, जो लंबे समय से केंद्र और राज्यों के बीच साझा जिम्मेदारी बन चुकी सीमा सुरक्षा को लेकर स्पष्ट और प्रभावशाली रुख अपनाने की मांग कर रही थी। आम आदमी पार्टी की यह पहल राज्य स्तर पर पहली बार किसी सरकार द्वारा लिए गए इस तरह के ठोस तकनीकी कदमों में से एक है।
-नशे के कारोबार पर चोट
ड्रोन के माध्यम से हो रही हेरोइन, हथियार और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी पंजाब में एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है। एंटी-ड्रोन तकनीक के आने से इन आपराधिक गतिविधियों पर बड़ा अंकुश लगने की उम्मीद है। साथ ही, इससे आतंकवादी संगठनों की फंडिंग पर भी असर पड़ेगा।
पंजाब सरकार के इस फैसले को न केवल राज्य के भीतर बल्कि देशभर में सुरक्षा के क्षेत्र में एक अहम पहल के तौर पर देखा जा रहा है। अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में यह रणनीति कितना असर दिखा पाती है।
कपूरथला में आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं, प्रशासन पूरी तरह अलर्ट: डिप्टी कमिश्नर
सीमावर्ती क्षेत्रों में मौजूदा हालात के बीच कपूरथला जिला प्रशासन ने लोगों को आश्वस्त किया है कि जिले में आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में मौजूदा हालात के बीच कपूरथला जिला प्रशासन ने लोगों को आश्वस्त किया है कि जिले में आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है। डिप्टी कमिश्नर श्री अमित कुमार पंचाल ने स्पष्ट किया कि तेल, गैस, राशन, फल-सब्जियों समेत सभी जरूरी वस्तुएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और उनकी आपूर्ति सुचारु रूप से जारी है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में उत्पन्न हुई तनावपूर्ण स्थितियों के कारण लोगों के मन में अनावश्यक डर बैठ गया है, जिससे कालाबाजारी और जमाखोरी की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत जरूरी वस्तुओं के अवैध भंडारण पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है।
-प्रशासन ने गठित की विशेष टास्क फोर्स
जिला स्तर पर आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस टास्क फोर्स की अगुवाई जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रण अधिकारीऔर ‘जिला मंडी अधिकारी’ करेंगे। यह टीम जिले भर में सप्लाई चैन की निगरानी करेगी और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को तुरंत सुलझाने के लिए कार्य करेगी।
-लोगों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
डिप्टी कमिश्नर ने आम नागरिकों की सुविधा के लिए संबंधित अधिकारियों के संपर्क नंबर सार्वजनिक किए हैं ताकि वे किसी भी प्रकार की समस्या या जानकारी के लिए सीधे संपर्क कर सकें:
डीएफएससी संयोगता (तेल व ईंधन संबंधी): 84275-55440
डॉ. रजिंदरपाल सिंह (पशुधन सेवाएं): 77172-67008
गगनदीप सिंह, जिला मंडी अधिकारी (फल-सब्जी): 94642-92474
गुरप्रीत सिंह, डीएम मार्कफेड (पशु चारा): 98784-28755




