पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर एक बार फिर से देशभक्ति का नज़ारा देखने को मिलेगा।
पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर एक बार फिर से देशभक्ति का नज़ारा देखने को मिलेगा। आज, 20 मई से बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) ने अमृतसर के अटारी-वाघा बॉर्डर और पंजाब की दो अन्य सीमाओं- हुसैनीवाला (फिरोजपुर) और सदकी (फाजिल्का) पर रिट्रीट सेरेमनी को दोबारा शुरू करने का फैसला किया है।
इस समारोह को 7 मई को पहलगाम में हुए आतंकी हमले और भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के चलते अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। लेकिन अब जब हालात थोड़ा सामान्य हो रहे हैं, तो रोज़ाना शाम 6 बजे होने वाली इस रिट्रीट सेरेमनी को फिर से शुरू किया जा रहा है।
आज सिर्फ मीडिया के लिए, जनता के लिए कल से
बीएसएफ ने बताया कि आज, 20 मई को यह सेरेमनी केवल मीडियाकर्मियों के लिए होगी। आम जनता के लिए कल, 21 मई से इसे दोबारा खोला जाएगा, ताकि लोग फिर से यह शानदार दृश्य देख सकें। बीएसएफ ने बताया कि रिट्रीट शुरू होने के साथ ही पर्यटकों की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है, और इसके लिए सभी सुरक्षा इंतज़ाम पूरे कर लिए गए हैं।
क्या बदला है इस बार?
इस बार बीएसएफ ने कुछ बदलाव भी किए हैं, भारत की ओर से बॉर्डर गेट नहीं खोले जाएंगे। दोनों देशों के कमांडर एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाएंगे। यह निर्णय सुरक्षा कारणों से लिया गया है और यह तब तक जारी रहेगा जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती।
रिट्रीट सेरेमनी क्या है?
बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी एक बेहद खास और देशभक्ति से भरा आयोजन होता है, जो 1959 से भारत और पाकिस्तान के बीच एक परंपरा की तरह चला आ रहा है। इसमें दोनों देशों के सैनिक विशेष मार्च और परेड के ज़रिए झंडे को उतारते हैं। इसे देखने हर दिन हज़ारों लोग आते हैं।