Friday, July 17, 2026
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कौन है ये शख्स? पं. बंगाल में खुले मंच पर PM मोदी ने छुए पैर, BJP से है खास नाता

बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में अनोखा नजारा देखने को मिला।

पश्चिम बंगाल में भाजपा के सबसे पुराने और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में गिने जाने वाले 98 वर्षीय माखनलाल सरकार इन दिनों चर्चा में हैं। हाल ही में पश्चिम बंगाल में भाजपा के एक शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर माखनलाल सरकार को गले लगाया और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस भावुक पल ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
माखनलाल सरकार उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा को शुरुआती दौर में मजबूत करने के लिए लंबे समय तक काम किया। जब राज्य में भाजपा का संगठन बहुत छोटा था, तब उन्होंने गांव-गांव जाकर पार्टी को लोगों तक पहुंचाने का काम किया।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कश्मीर आंदोलन में रहे शामिल

माखनलाल सरकार का राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़ाव कई दशकों पुराना है। साल 1952 में जब श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर में तिरंगा फहराने और विशेष व्यवस्था के विरोध में आंदोलन शुरू किया था, तब माखनलाल सरकार भी उनके साथ थे। इस आंदोलन के दौरान उन्हें कश्मीर में गिरफ्तार भी किया गया था। उस समय यह आंदोलन देशभर में काफी चर्चा में रहा था और इसमें शामिल कार्यकर्ताओं को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।

भाजपा को मजबूत बनाने में निभाई बड़ी भूमिका

साल 1980 में जब बीजेपी की स्थापना हुई, तब माखनलाल सरकार को पश्चिम बंगाल में संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई। उन्हें पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों का संगठनात्मक समन्वयक बनाया गया। उन्होंने लगातार मेहनत करके बहुत कम समय में हजारों लोगों को पार्टी से जोड़ा। बताया जाता है कि केवल एक साल के अंदर उन्होंने करीब 10 हजार नए सदस्य भाजपा में शामिल करवाए थे।

लगातार सात साल तक रहे जिलाध्यक्ष

माखनलाल सरकार ने साल 1981 से लगातार सात वर्षों तक जिलाध्यक्ष के रूप में काम किया। उस समय भाजपा में किसी नेता का लंबे समय तक एक ही पद पर बने रहना बहुत दुर्लभ माना जाता था। आमतौर पर नेताओं का कार्यकाल दो साल से ज्यादा नहीं होता था।उनकी संगठन क्षमता और पार्टी के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें लगातार जिम्मेदारी दी जाती रही।

पीएम मोदी ने दिया सम्मान

98 साल की उम्र में भी माखनलाल सरकार भाजपा के पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं के प्रतीक माने जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंच पर उन्हें सम्मान देना यह दिखाता है कि पार्टी अपने पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं के योगदान को आज भी याद रखती है।

West Bengal के नए CM बने शुभेंदु अधिकारी, दिलीप-अग्निमित्रा समेत 5 नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है।

पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी का सीएम बन गया है। 15 साल से चल रहे ममता का शासन खत्म होने के बाद पहली बार बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल की है। बीजेपी ने बंगाल में 200 से ज्यादा जीत जीती हैं। बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता बनाया था। आज शुभेंदु ने बंगाली भाषा में ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सीएम पद की शपथ ली। इस मौके पर पीएम समेत, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई राज्यों के मुख्य मंत्री शामिल रहे।
शुभेंदु अधिकारी के अलावा दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू, निसिथ प्रमाणिक ने मंत्री पद की शपथ ली है। पिछले तीन दशकों से सक्रिय शुभेंदु अधिकारी आज राज्य की राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में गिने जाते हैं। जनसंपर्क, संगठन क्षमता और प्रशासनिक अनुभव के दम पर उन्होंने बंगाल की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है।

नए सीएम के पास 20 सालों का है अनुभव

शुभेंदु अधिकारी के पास 20 वर्षों से अधिक का विधायी अनुभव है। वे दो बार लोकसभा सांसद, तीन बार विधायक रह चुके हैं। इसके अलावा वे पिछले पांच वर्षों तक पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा चुके हैं। स्थानीय निकाय राजनीति में भी उनका लंबा अनुभव रहा है, जहां वे तीन बार पार्षद और कांथी नगरपालिका के चेयरमैन रहे।
प्रशासनिक स्तर पर भी शुभेंदु अधिकारी का अनुभव काफी व्यापक माना जाता है। वे परिवहन और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। साथ ही उन्होंने हुगली रिवर ब्रिज कमीशन के चेयरपर्सन के रूप में भी काम किया।
हल्दिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन के तौर पर एक दशक से अधिक समय तक काम करते हुए उन्होंने औद्योगिक शहर हल्दिया के विकास में अहम भूमिका निभाई। औद्योगिक ढांचे और बुनियादी विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है।
शुभेंदु अधिकारी सहकारी आंदोलन से भी लंबे समय से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कृषि ग्रामीण बैंक, कांथी अर्बन कोऑपरेटिव और विद्यासागर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक जैसे संस्थानों में चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाली।
वे कांथी के प्रसिद्ध अधिकारी परिवार से आते हैं, जिसका स्वतंत्रता आंदोलन में विशेष योगदान रहा है। उनके पूर्वज बिपिन अधिकारी और केनाराम अधिकारी उस दौर के प्रमुख राष्ट्रवादी नेताओं में शामिल थे और बंगाल के कई स्वतंत्रता सेनानियों के साथ मिलकर काम किया था।
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बिपिन अधिकारी को ब्रिटिश शासन द्वारा जेल भी जाना पड़ा था। इतना ही नहीं, अंग्रेजों ने अधिकारी परिवार के घर को दो बार आग के हवाले कर दिया था। राजनीतिक अनुभव, प्रशासनिक पकड़ और लंबे जनाधार के चलते शुभेंदु अधिकारी अब पश्चिम बंगाल की राजनीति के नए सत्ता केंद्र के रूप में देखे जा रहे हैं।

Airport पर खाली हाथ चली गर्लफ्रेंड, तीन बैग उठाकर पीछे-पीछे चलते दिखे अर्शदीप, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

IPL 2026 के दौरान अर्शदीप सिंह एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।

इस बार वजह उनका प्रदर्शन नहीं, बल्कि एयरपोर्ट पर सामने आया एक वीडियो है, जिसमें वह अपनी कथित गर्लफ्रेंड समरीन कौर के साथ नजर आए। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच बहस का विषय बन गया है।
वायरल वीडियो में अर्शदीप सिंह को एयरपोर्ट पर पंजाब किंग्स टीम के साथ देखा गया। बताया जा रहा है कि टीम दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच के लिए रवाना हो रही थी। वीडियो में अर्शदीप अपने साथ तीन बड़े बैग लेकर चलते दिखाई दे रहे हैं, जबकि समरीन कौर के हाथ में केवल एक छोटा हैंडबैग और बोर्डिंग पास नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और अन्य जगहों पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया।
सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस
कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि अगर रिश्तों में बराबरी की बात की जाती है, तो फिर सारा सामान केवल अर्शदीप सिंह ही क्यों उठा रहे हैं। कई पोस्ट इसे ‘इक्वेलिटी’ यानी समानता के मुद्दे से जोड़कर रहे हैं। एक वायरल पोस्ट में लिखा गया कि अर्शदीप तीन भारी बैग लेकर चल रहे हैं, जबकि समरीन के पास सिर्फ हल्का बैग है। क्या यही बराबरी है? वहीं कई लोगों ने अर्शदीप का समर्थन भी किया है। एक यूजर ने लिखा- इसे केयर और सम्मान कहते हैं। अगर कोई अपने साथी का सामान उठा रहा है तो इसमें गलत क्या है? दूसरे यूजर ने कहा- जब मैं अपनी मां, बहन या पार्टनर के साथ यात्रा करता हूं, तब मैं भी ज्यादा सामान खुद उठाता हूं। यह बिल्कुल सामान्य बात है।

जालंधर में आज रहेगा बिजली कट:सुबह 10 बजे से गांवों में 4 घंटे तक ठप रहेगी सप्लाई, 11 KV फीडरों पर की जाएगी मरम्मत

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जालंधर के ग्रामीण और बाहरी उप-मंडलों के बिजली उपभोक्ताओं को आज बिजली कट का सामना करना पड़ेगा।

पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) द्वारा बिजली नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण और आगामी भीषण गर्मी के सीजन को देखते हुए लाइनों के रखरखाव का कार्य किया जाना है। इस तकनीकी मरम्मत के कारण 9 मई 2026 को क्षेत्र के कई बड़े गांवों और संबंधित मोहल्लों में सुबह से दोपहर तक बिजली की कटौती लागू रहेगी।
पावरकॉम की तरफ से बताया गया है कि धनाल कलां के पूरे गांव और आसपास के खेतों में लगे वाटर पंपों की सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी। इसी प्रकार, अलीपुर के रिहायशी इलाकों और स्थानीय बाजारों में भी बिजली गुल रहेगी। ननगल पुरदल फीडर से जुड़े सभी घरों और वहां स्थित छोटे उद्योगों को भी इस अवधि में बिना बिजली के रहना होगा। साथ ही, कादियां और इसके साथ लगने वाली बस्तियों व डेरों में भी सुबह 10 बजे से बिजली की आपूर्ति बाधित रहेगी।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह शटडाउन सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ाने और तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए लिया गया है। पावरकाम के अधिकारियों ने कहा कि बिजली कट से पहले लोग अपने जरूरी काम निपटा लें।
कुल 4 घंटे तक आपूर्ति बाधित रहेगी।
कुल 4 घंटे तक आपूर्ति बाधित रहेगी।
सुबह 10 बजे लगेगा कट
उपभोक्ताओं को सूचित किया गया है कि वे समय और डेट का विशेष ध्यान रखें, ताकि उन्हें दैनिक कार्यों में असुविधा न हो। यह बिजली कटौती शनिवार 9 मई 2026 को निर्धारित की गई है। कटौती का समय सुबह 10 बजे शुरू होगा और दोपहर 2 बजे तक जारी रहेगा।
इससे कुल 4 घंटे तक आपूर्ति बाधित रहेगी। इस दौरान मुख्य रूप से 11 केवी कोल्ड स्टोर फीडर और ननगल पुरदल फीडर से जुड़ी लाइनों पर मरम्मत का कार्य किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि मानसून और अत्यधिक गर्मी के मौसम से पहले ट्रांसफार्मरों की जांच और जर्जर तारों को बदलना अनिवार्य है, ताकि भविष्य में अनचाहे फॉल्ट से बचा जा सके।
प्रभावित होने वाले प्रमुख इलाके
इस शटडाउन का सीधा असर जालंधर के कई ग्रामीण और उप-शहरी क्षेत्रों पर पड़ने वाला है। विवरण के अनुसार, धनाल कलां के पूरे गांव और आसपास के खेतों में लगे कृषि पंपों की सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी। इसी प्रकार, अलीपुर गांव के रिहायशी इलाकों और स्थानीय बाजारों में भी बिजली गुल रहेगी।
ननगल पुरदल फीडर से जुड़े सभी घरों और वहां स्थित छोटे उद्योगों को भी इस अवधि में बिना बिजली के रहना होगा। साथ ही, कादियां और इसके साथ लगने वाली ढाणियों व डेरों में भी सुबह 10 बजे से बिजली की आपूर्ति बाधित रहेगी। इन गांवों के आसपास स्थित छोटे रिहायशी पॉकेट भी इस कटौती के दायरे में आएंगे।
पानी भरने और अन्य बिजली से जुड़े जरूरी घरेलू काम निपटा लें
बिजली विभाग ने जनता से अपील की है कि वे इस कटौती के दौरान विभाग का सहयोग करें। चूंकि यह मरम्मत कार्य सुबह 10 बजे शुरू होगा, इसलिए निवासी पानी भरने और अन्य बिजली से जुड़े जरूरी घरेलू काम सुबह होने से पहले ही निपटा लें।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि मरम्मत का कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा हो जाता है, तो आपूर्ति तुरंत बहाल कर दी जाएगी। हालांकि, खराब मौसम या किसी तकनीकी बाधा की स्थिति में समय में बदलाव भी संभव है। किसी भी जानकारी के लिए उपभोक्ता अपने संबंधित उप-केंद्र या हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।

सांसद साहनी देंगे युवक को स्कूटी:फोन पर बात की, धमाके में जली थी डिलीवरी बॉय की एक्टिवा

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जालंधर में बीएसएफ (BSF) हेडक्वार्टर के पास हुए IED धमाके में स्कूटी खोने वाले डिलीवरी बॉय को राज्यसभा सांसद साहनी स्कूटी लेकर देंगे।

सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने पीड़ित युवक गुरप्रीत के पिता कश्मीर सिंह के साथ फोन पर बात की और पूरी जानकारी ली। सांसद ने कहा कि वह आपके बेटे गुरप्रीत को नई स्कूटी लेकर देंगे। कौन सी स्कूटी चाहिए, उसका मॉडल मेरे पीए को भिजवा दें। साहनी ने ये भी कहा कि अगर बेटा डिलीवरी का ही काम जारी रखना चाहता है, तो उनको कोई आपत्ति नहीं है। हां अगर वो स्किल होकर कुछ और बेहतर करना चाहता है तो उनकी सन फाउंडेशन उसे स्किल्ड करेगी। सांसद ने धमाके में घायल हुए गुरप्रीत का हाल भी जाना और कहा कि अगर इलाज में भी जरूरत हो तो बताइएगा।
बता दें कि धमाके वाली रात 8 बजे जालंधर के गढ़ा का गुरप्रीत अपनी स्कूटी से बीएसएफ में पार्सल लेने आया था। इस दौरान वह स्कूल के पास ही मोबाइल पर मेल सर्च कर रहा था कि उसके पिता का फोन आ गया। फोन सुनते हुए जैसे ही गुरप्रीत स्कूटी से कुछ दूर गया तो वहां पर धमाका हो गया।
गुरप्रीत को एक कान से सुनाई नहीं दे रहा
धमाके के बाद गुरप्रीत को एक कान से सुनाई नहीं दे रहा है। वह अभी भी सहमा हुआ है। इस हादसे में अपना रोजगार और वाहन गंवा चुके युवा डिलीवरी बॉय गुरप्रीत सिंह की मदद के लिए राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने दरियादिली दिखाई है।
पंजाब से राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी।
पंजाब से राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी।
सांसद साहनी ने कहा…
गुरप्रीत की जो स्कूटी डैमेज हुई है, उसे हमारी संस्था सन फाउंडेशन लेकर देगी ताकि वह दोबारा अपने पैरों पर खड़ा हो सके और अपना काम शुरू कर सके।
धमाके के बाद जांच करती पुलिस।
धमाके के बाद जांच करती पुलिस।
धमाके में तबाह हो गया था रोजगार का साधन
धमाके के वक्त गुरप्रीत सिंह अपनी स्कूटी पर सवार होकर पार्सल रिसीव करने आया था। ब्लास्ट इतना जोरदार था कि उसकी स्कूटी पूरी तरह जल गई और गुरप्रीत को भी गंभीर चोटें आईं। उसके पिता कश्मीर सिंह ने बताया कि धमाके के असर से गुरप्रीत के कान, कंधे और पैरों पर गहरे जख्म हुए हैं और उसे सुनने में भी दिक्कत आ रही है।
सांसद ने फोन कर बढ़ाया हौसला
सांसद विक्रम साहनी ने दिल्ली से गुरप्रीत के पिता को फोन किया। बातचीत के दौरान जब उन्हें पता चला कि परिवार का गुजारा चलाने वाला इकलौता साधन (स्कूटी) नष्ट हो चुका है, तो उन्होंने तुरंत नई बाइक देने की घोषणा की।
इलाज और नौकरी का भी दिया भरोसा
सांसद ने केवल वाहन तक ही अपनी मदद सीमित नहीं रखी। उन्होंने कहा कि यदि गुरप्रीत भविष्य में कुछ और सीखना चाहता है, तो वे उसे अपने स्किल सेंटर में ट्रेनिंग दिलाकर अच्छी नौकरी दिलाने में भी मदद करेंगे। फिलहाल, गुरप्रीत के इलाज और अन्य जरूरतों के लिए भी सांसद ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। इस पहल की पूरे पंजाब में प्रशंसा हो रही है। पीड़ित परिवार ने सांसद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस मुश्किल घड़ी में यह मदद उनके लिए एक नई उम्मीद की किरण है।

Punjab में ड्रग्स की समस्या पर SC सख्त, कहा- पुलिस को संवेदनशील बनाने की जरूरत

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने पंजाब में बढ़ती ड्रग्स की समस्या पर गंभीर चिंता जताई है.

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने पंजाब में ड्रग्स की समस्या पर बड़ी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि देखिए, हमें क्या पढ़ने को मिल रहा है, एक मां रो रही है, उसने अपने पांचवें बेटे को ड्रग्स के कारण खो दिया. उसने अपने सभी बच्चों को नशे की लत के कारण खो दिया. पुलिस को संवेदनशील बनाने की जरूरत है. हम जानते हैं कि किसे गिरफ्तार किया जा रहा है और किसे छोड़ा जा रहा है.
सीजेआई ने कहा कि मामलों में वृद्धि इतनी चिंताजनक है कि स्थिति पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है. मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि सभी उच्च न्यायालयों को एनडीपीएस अदालतें बनाने में सहायता प्रदान की जाए. बड़े सरगनाओं या प्रभावशाली लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए. समस्या यह है कि अगर आप किसी छोटे व्यक्ति को पकड़ लेते हैं तो पुलिस को अखबारों में प्रचार मिल जाता है.

ड्रग्स का केंद्र बनता जा रहा लुधियाना

उन्होंने कहा कि लुधियाना ड्रग्स का केंद्र बनता जा रहा है. शायद केंद्र सरकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता हो सकती है लेकिन जब वो हस्तक्षेप करें तो यह न सोचें कि केंद्र हस्तक्षेप कर रहा है. साझा लक्ष्य ड्रग्स की समस्या पर अंकुश लगाना होना चाहिए.

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुनवाई

इस मामले से इतर सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा और अन्य के खिलाफ 2021 के लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुनवाई के दौरान गवाहों को पेश न किए जाने पर नाराजगी जाहिर की.सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जो स्टेटस रिपोर्ट सौंपी है, उसमें गवाहों को पेश न करने की कोई वजह नहीं बताई गई है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि करीब 2 महीने से इस केस में किसी गवाह से पूछताछ नहीं हुई. हम पीठासीन न्यायाधीश को गवाहों की उपस्थिति तय करने के लिए कानूनसम्मत कदम उठाने का निर्देश देते हैं. पीठ ने गौर किया कि पहले मामले में जिन 131 गवाहों को गवाही देनी थी, उनमें से 44 की गवाही हुई है. 15 को बरी मुक्त कर दिया गया है. 72 गवाह अभी भी पेश किए जाने बाकी हैं.

Sanju Samson बनेंगे Team India के नए कप्तान? इस वजह से कटेगा Shreyas Iyer का पत्ता

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Sanju Samson ने हाल ही में टीम इंडिया को टी20 वर्ल्ड कप जिताने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई थी.

भारतीय क्रिकेट टीम में आने वाले दिनों में बदलाव अब तय नजर आ रहा है. लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद टीम इंडिया में नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाएं अब बढ़ गई हैं. टीम को वर्ल्ड कप जिताने के बावजूद सूर्यकुमार यादव की कप्तानी पर खतरा मंडरा रहा है और उनकी छुट्टी होती दिख रही है. इसके मद्देनजर एक बड़ा दावा किया गया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, संजू सैमसन भारतीय टीम के नए टी20 कप्तान हो सकते हैं. आईपीएल खत्म होने के बाद उनकी कप्तान के रूप में नियुक्ति हो सकती है.

सैमसन को मिलेगी टीम इंडिया की कप्तानी?

टी20 फॉर्मेट में टीम इंडिया की कप्तानी को लेकर अटकलें लगातार जारी हैं. माना जा रहा है कि अगली बार जब टीम इंडिया इस फॉर्मेट की सीरीज में मैदान पर उतरेगी, तो एक नया कप्तान होगा. मगर नए कप्तान को लेकर अलग-अलग दावे हैं. हाल ही में एक रिपोर्ट में पहली बार ये खुलासा किया गया था कि सेलेक्शन कमेटी मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव की बैटिंग फॉर्म से बिल्कुल खुश नहीं है और इसलिए उन्हें कप्तानी से हटाया जा सकता है. ऐसे में उनकी जगह श्रेयस अय्यर को ये जिम्मेदारी मिल सकती है.

मगर अब एक अखबार की रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि अय्यर नहीं बल्कि संजू सैमसन टीम इंडिया के नए टी20 कप्तान हो सकते हैं. जून के अंत में जब टीम इंडिया आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर टी20 सीरीज खेलेगी तो वहां सैमसन पहली बार भारतीय टीम का नेतृत्व करते हुए नजर आ सकते हैं. संजू पिछले कुछ वक्त से बेहतरीन फॉर्म में हैं, जो उन्होंने वर्ल्ड कप के दौरान भी दिखाई थी, जब उनकी टीम में एंट्री हुई और उन्होंने खिताब जिताने में बड़ी भूमिका निभाई. तब उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुना गया था. इसके अलावा वो फिलहाल IPL 2026 में भी बल्ले से कमाल कर रहे हैं. साथ ही IPL में उन्हें कप्तानी का भी अच्छा-खासा अनुभव है.

अय्यर के मुकाबले सैमसन का पलड़ा भारी

हालांकि, इससे ठीक पहले एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि श्रेयस अय्यर को ये जिम्मेदारी मिल सकती है. मगर ताजा रिपोर्ट के मुताबिक संजू का पलड़ा भारी है और उसकी एक बड़ी वजह है टीम इंडिया में मौजूदगी. असल में संजू पिछले करीब 2 साल से लगातार टीम का हिस्सा हैं और कई सीरीज-टूर्नामेंट खेल चुके हैं. वहीं श्रेयस अय्यर 2023 के बाद से ही टी20 टीम से बाहर चल रहे हैं. ऐसे में फिलहाल अय्यर के सामने टीम में वापसी पहली बड़ी चुनौती है, जिसकी संभावना है भी लेकिन सीधे कप्तान बनाए जाने की संभावना कम दिख रही है.

कप्तानी नहीं तो उप-कप्तानी तय!

इतना ही नहीं, रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि अगर सेलेक्शन कमेटी मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार को एक आखिरी मौका देना चाहती है तो संभावना है कि वो आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर टीम की कमान संभालेंगे. ऐसी स्थिति में सैमसन को उप-कप्तान नियुक्त किया जा सकता है. फिलहाल टीम के उप-कप्तान अक्षर पटेल हैं लेकिन IPL में दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान के रूप में उनकी स्थिति को देखते हुए सेलेक्शन कमेटी उनके बजाए सैमसन को ये जिम्मेदारी दे सकती है.

देश के नए CDS नियुक्त हुए लेफ्टिनेंट जनरल N S Raja Subramani, जानें कैसा रहा है करियर

ऑफिसर नेशनल डिफेंस एकेडमी और इंडियन मिलिट्री एकेडमी से ग्रेजुएट हैं।

रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक, सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि (रिटायर्ड) को अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया है। वे कार्यभार संभालने की तारीख से अगले आदेश तक भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स के सेक्रेटरी के तौर पर भी काम करेंगे। ऑफिशियल बयान के मुताबिक, मौजूदा CDS जनरल अनिल चौहान 30 मई को अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।
लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि 1 सितंबर 2025 से नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट में मिलिट्री एडवाइजर के तौर पर काम कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक आर्मी स्टाफ के वाइस चीफ और मार्च 2023 से जून 2024 तक सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के तौर पर काम किया था।
डिफेंस स्टडीज में की MPhil
ऑफिसर नेशनल डिफेंस एकेडमी और इंडियन मिलिट्री एकेडमी से ग्रेजुएट हैं। उन्हें 14 दिसंबर 1985 को गढ़वाल राइफल्स की 8वीं बटालियन में कमीशन मिला था। वे जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, ब्रैकनेल, यूनाइटेड किंगडम और नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली के एल्युम्नस भी हैं। उनके पास किंग्स कॉलेज लंदन से मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री और मद्रास यूनिवर्सिटी से डिफेंस स्टडीज में MPhil है।
4 दशक लंबा करियर
अपने चार दशक से ज्यादा के करियर में लेफ्टिनेंट जनरल NS राजा सुब्रमणि ने अलग-अलग कॉन्फ्लिक्ट ज़ोन और टेरेन प्रोफाइल में काम किया है और कई कमांड, स्टाफ और इंस्ट्रक्शनल अपॉइंटमेंट्स पर काम किया है।
उन्होंने ऑपरेशन राइनो के तहत असम में काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन्स के दौरान 16 गढ़वाल राइफल्स, जम्मू और कश्मीर में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड और एक मुश्किल ऑपरेशनल माहौल के दौरान सेंट्रल सेक्टर में 17 माउंटेन डिवीजन की कमान संभाली।
आर्मी में संभाली ये जिम्मेदारियां
उनके स्टाफ और इंस्ट्रक्शनल कामों में नेशनल डिफेंस एकेडमी में डिविजनल ऑफिसर, माउंटेन ब्रिगेड के ब्रिगेड मेजर, कजाकिस्तान में डिफेंस अटैची, मिलिट्री सेक्रेटरी ब्रांच में असिस्टेंट मिलिट्री सेक्रेटरी, हेडक्वार्टर ईस्टर्न कमांड में कर्नल जनरल स्टाफ (ऑपरेशंस), जम्मू और कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर के डिप्टी कमांडर, मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस (आर्मी) के इंटीग्रेटेड हेडक्वार्टर में मिलिट्री इंटेलिजेंस के डिप्टी डायरेक्टर जनरल, ईस्टर्न कमांड में ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ (ऑपरेशंस), डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन में चीफ इंस्ट्रक्टर (आर्मी) और हेडक्वार्टर नॉर्दर्न कमांड में चीफ ऑफ स्टाफ शामिल हैं।
शानदार सेवा के लिए हुए सम्मानित
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ऑफिसर के पास “वेस्टर्न और नॉर्दर्न दोनों बॉर्डर पर ऑपरेशनल डायनामिक्स की गहरी समझ और गहरी जानकारी है”। उनकी शानदार सेवा के लिए लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि को परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया है।

Jalandhar धमाके के बाद पूरे Punjab में हाई अलर्ट, NIA और IB टीम जांच में होंगी शामिल

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 जालंधर में हुए धमाके के बाद पंजाब में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।

पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और पुलिस को हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
जालंधर में देर रात हुई हाई लेवल मीटिंग
सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शुक्रवार रात जालंधर पहुंचे। यहां उन्होंने अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें धमाके के बाद की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की गई। बैठक में यह चर्चा हुई कि जांच को किस दिशा में आगे बढ़ाना है और शहर में सुरक्षा कैसे और मजबूत की जाए। गुरप्रीत दियो भी जालंधर पहुंचीं और अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सख्त रखने के निर्देश दिए।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और धार्मिक स्थलों पर बढ़ी सुरक्षा
धमाके के बाद शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल बढ़ा दिया गया है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, धार्मिक स्थलों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस लगातार वाहनों की जांच कर रही है और आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। कई जगहों पर नाकाबंदी भी की गई है ताकि किसी संदिग्ध व्यक्ति को तुरंत पकड़ा जा सके।
वरिष्ठ अधिकारियों को भी मैदान में उतारा गया
स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के लिए राजपत्रित अधिकारियों को भी ड्यूटी पर लगाया गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे रात के समय खुद सड़कों पर गश्त करें और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करें। अधिकारियों को कहा गया है कि यदि कहीं भी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत कार्रवाई की जाए। पुलिस कंट्रोल रूम को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
धमाके की जांच में जुटीं कई एजेंसियां
जालंधर धमाके की जांच अब बड़े स्तर पर की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की टीमें भी जांच में शामिल हो गई हैं। ये एजेंसियां पंजाब पुलिस और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर घटना के हर पहलू की जांच कर रही हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि धमाका कैसे हुआ और इसके पीछे कौन लोग हो सकते हैं।
आतंकी एंगल और विदेशी कनेक्शन की भी जांच
सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई आतंकी संगठन, विदेशी नेटवर्क या बड़ी साजिश तो नहीं है।एजेंसियां धमाके से जुड़े हर छोटे-बड़े सुराग को जोड़ने में लगी हैं। इसके अलावा संदिग्ध लोगों की गतिविधियों और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
सात टीमों ने खंगाली सीसीटीवी फुटेज
घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच के लिए सात अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें हर वीडियो को ध्यान से देख रही हैं ताकि किसी संदिग्ध व्यक्ति या वाहन का पता लगाया जा सके। शुक्रवार को एक दर्जन से ज्यादा लोगों से पूछताछ भी की गई। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले और बाद में कौन लोग इलाके में मौजूद थे।
मोबाइल लोकेशन और सोशल मीडिया की भी जांच
जांच एजेंसियां अब मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों को शक है कि घटना से जुड़े लोगों ने सोशल मीडिया या मोबाइल के जरिए संपर्क किया हो सकता है। फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल से कई अहम सबूत जुटाए हैं जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि धमाके में इस्तेमाल सामग्री कहां से लाई गई थी।
पुलिस बोली- जल्द हो सकते हैं बड़े खुलासे
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हर एंगल से जांच चल रही है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं और जल्द ही मामले में बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

जगराओं में राइस मिल पर कृषि विभाग की रेड:252 क्विंटल सब्सिडी वाली खाद बरामद, मालिक समेत तीन पर केस

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एएसआई तरसेम सिंह के अनुसार, खेतिबाड़ी विकास अफसर-कम-खाद निरीक्षक सिधवां बेट हर्ष कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी।

पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं में किसानों के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी पर उपलब्ध करवाई जाने वाली यूरिया खाद की कथित कालाबाजारी का बड़ा खुलासा हुआ है। कृषि विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गांव गोरसिया मक्खन रोड स्थित खुदाई चक्क की एक राइस मिल पर छापा मारा।
यहां से भारी मात्रा में यूरिया खाद बरामद की गई।मौके पर पहुंची पुलिस ने राइस मिल मालिक अभिषेक कुमार, वनीत कुमार और प्रवीन कुमार के खिलाफ थाना सिधवां बेट में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एएसआई तरसेम सिंह के अनुसार, खेतिबाड़ी विकास अफसर-कम-खाद निरीक्षक सिधवां बेट हर्ष कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कृषि अधिकारी रमिंदर सिंह और कृषि विकास अधिकारी अमनदीप शर्मा के साथ मिलकर श्री शाम राइस मिल, गोरसिया मक्कन रोड गांव खुदाई चक्क में जांच की थी। छापेमारी के दौरान राइस मिल मालिक अभिषेक कुमार और अमृतपाल सिंह मौके पर मौजूद थे।
560 बैग यूरिया खाद बरामद
जांच के दौरान राइस मिल के अंदर से 560 बैग यूरिया खाद बरामद किए गए, जिसका कुल वजन 252 क्विंटल है। दस्तावेजों की जांच में कई अनियमितताएं सामने आईं। अधिकारियों के मुताबिक, यूरिया की बिल्टी नंबर 1953 दिनांक 07 मई 2026 को गोयल एंड कंपनी सुनाम द्वारा काटी गई थी। यह बिल्टी गुरप्रीत सिंह के नाम पर बनाई गई थी, जिनके पास रैक से सीधे खाद खरीदने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था।
इतना ही नहीं, जिस फर्म के नाम पर यह खाद मंगवाई गई थी, उसके पास खाद कारोबार करने का लाइसेंस भी मौजूद नहीं पाया गया। इसके बाद कृषि विभाग की टीम ने पंजाब पेस्टीसाइड एंड फर्टिलाइजर, भूंदड़ी में भी छापा मारा, जहां भारी मात्रा में खाद अवैध रूप से भंडारित पाई गई।
निजी लाभ के लिए की हेराफेरी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि राइस मिल मालिक अभिषेक कुमार ने अपने भाई वनीत कुमार के साथ मिलकर निजी लाभ के लिए सब्सिडी वाली यूरिया की कथित तौर पर हेराफेरी की। इसमें आढ़ती श्री दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी और रैक होल्डर गोयल एंड कंपनी सुनाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। आरोप है कि किसानों के हिस्से की खाद को गुपचुप तरीके से स्टोर कर ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी की जा रही थी।
फिलहाल तीनों आरोपी फरार
कृषि विभाग ने मामले को किसानों के अधिकारों पर सीधा डाका करार दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है और इस खेल में शामिल अन्य लोगों पर भी जल्द बड़ी कार्रवाई हो सकती है। वही इस मामले को लेकर जांच अधिकारी ने बताया कि फिलहाल तीनों आरोपी फरार चल रहे है। जिनको पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। उनके गिरफ्तार होने के बाद भी आगे की जांच होगी।