Monday, September 28, 2026
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भारत ने पाकिस्तान को दिया एक और बड़ा झटका… आयात-निर्यात पूरी तरह से बंद

 भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ एक और कड़ा कदम उठाया है।

भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ एक और कड़ा कदम उठाया है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, भारत ने पाकिस्तान से सभी वस्तुओं के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। इस कदम से भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक संबंध पूरी तरह से ठप हो गए हैं। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
अधिसूचना और विदेश व्यापार नीति में बदलाव
आपको बता दें कि भारत सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि इस प्रतिबंध को विदेश व्यापार नीति (FTP) 2023 में एक नए प्रावधान के रूप में जोड़ा गया है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान में उत्पन्न या वहां से निर्यात किए जाने वाले सभी सामानों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात अगले आदेश तक प्रतिबंधित रहेगा। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के हित में उठाने की बात कही है।
इस प्रतिबंध का मतलब यह है कि अब पाकिस्तान से किसी भी वस्तु का आयात भारत में नहीं हो सकेगा, और अगर कोई अपवाद होता है तो भारत सरकार की मंजूरी के बिना कोई भी आयात नहीं किया जा सकेगा।

भारत-पाकिस्तान के व्यापारिक रिश्ते
भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक रिश्ते हमेशा ही सीमित रहे हैं। दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार कम था, और पाकिस्तान के लिए भारत एक बहुत छोटे व्यापारिक भागीदार के रूप में कार्य करता था। हालांकि, दोनों देशों के बीच कुछ सामानों का आयात-निर्यात होता रहा है:
–भारत पाकिस्तान से सूखे मेवे, तरबूज और अन्य फल, सीमेंट, सेंधा नमक, पत्थर, चूना पत्थर, चश्मे के लिए ऑप्टिकल आइटम, कपास, स्टील, कार्बनिक रसायन, धातु यौगिक और चमड़े के सामान आयात करता है।
– पाकिस्तान को भारत का निर्यात मुख्यतः कृषि उत्पाद, रसायन, मशीनरी, और अन्य सामान शामिल हैं।
भारत द्वारा लगाए गए इस प्रतिबंध का पाकिस्तान पर बहुत प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि इस छोटे-से व्यापार के चलते पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ता है। अप्रैल-जनवरी 2024-25 में पाकिस्तान को भारत का निर्यात 447.65 मिलियन अमेरिकी डॉलर था, जबकि पाकिस्तान से आयात केवल 0.42 मिलियन अमेरिकी डॉलर था। यह आंकड़ा भारत के आयात-निर्यात संतुलन में अंतर को दर्शाता है, जिसमें पाकिस्तान से आयात बहुत कम होता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के दृष्टिकोण से प्रतिबंध
भारत सरकार का कहना है कि यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के हित में लगाया गया है। पाकिस्तान से आए दिन सीमा पर संघर्ष, आतंकवाद का समर्थन, और भारतीय क्षेत्र में आतंकवादी हमलों की घटनाओं के चलते भारत ने यह कदम उठाया है। पहलगाम आतंकी हमले और पाकिस्तान के आतंकवादियों को संरक्षण देने के आरोपों के बाद भारत ने पाकिस्तान से होने वाले व्यापार को सख्त रूप से नियंत्रित करने का फैसला किया है।
 व्यापारिक रिश्तों को पूरी तरह से समाप्त…
भारत सरकार का यह भी कहना है कि पाकिस्तान से आयात पर प्रतिबंध एक राजनीतिक और कूटनीतिक संदेश है, जो यह दर्शाता है कि भारत पाकिस्तान की नीतियों और आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपना रहा है।
भारत द्वारा पाकिस्तान से सभी वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने का कदम दूरगामी असर डाल सकता है। दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को पूरी तरह से समाप्त करने से पाकिस्तान को आर्थिक रूप से नुकसान हो सकता है, जबकि भारत को इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि भारत का पाकिस्तान से आयात बहुत सीमित है। इस कदम को एक कड़ा और निर्णायक संदेश के रूप में देखा जा सकता है, जो आतंकवाद और पाकिस्तान से होने वाले खतरों के प्रति भारत के रुख को और स्पष्ट करता है।

GST कलेक्शन में Punjab ने बनाया रिकॉर्ड, 2,654 करोड़ रुपये किए एकत्रित

पंजाब सरकार ने अप्रैल 2025 में माल एवं सेवा कर (GST) संग्रह के मामले में ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है।

 पंजाब सरकार ने अप्रैल 2025 में माल एवं सेवा कर (GST) संग्रह के मामले में ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। अप्रैल महीने के दौरान पंजाब ने कुल 2654 करोड़ रुपये का GST एकत्र किया, जो राज्य के इतिहास में किसी एक महीने में सबसे अधिक है।
Punjab GST Collection में माह-दर-माह वृद्धि-
पिछले साल अप्रैल में 2216 करोड़ रुपए कलेक्शन हुआ था, जबकि इस बार कलेक्शन 438 करोड़ रुपए ज्यादा रहा। यह 19.77% की अतिरिक्त दर को दर्शाता है। मार्च 2025 की तुलना में: मार्च 2025 में 2027 करोड़ रुपये एकत्र किए गए, जबकि अप्रैल में 627 करोड़ रुपये अधिक एकत्र किए गए। यह 30.93% की मासिक अतिरिक्त दर है।
वित्तीय गतिविधियों में तेजी का संकेत-
यह इज़ाफ़ा प्रांत में वित्तीय गतिविधियों में तेजी का प्रत्यक्ष संकेत है। सरकार द्वारा लक्षित पंजीकरण अभियान, अद्यतन नीतियां और व्यावसायिक पारदर्शिता ने भी इस उच्च संग्रह में योगदान दिया है।
अप्रैल 2025: 2654 करोड़ रुपये (ऐतिहासिक रिकॉर्ड) अप्रैल 2024 की तुलना में 19.77% की वृद्धि मार्च 2025 की तुलना में 30.93% की वृद्धि। इस रिकॉर्ड संग्रह को पंजाब की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

पानी पर बढ़ते विवाद पर BBMB की स्पेशल मीटिंग आज, लिया जा सकता है बड़ा फैसला

हरियाणा को भाखड़ा से अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है।

 हरियाणा को भाखड़ा से अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर पंजाब और हरियाणा आमने-सामने आ गए हैं। पंजाब ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है, वहीं हरियाणा ने भी सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बीच, भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए फिर से बैठक बुलाई है। बीबीएमबी ने आज शाम 5 बजे एक विशेष बैठक बुलाई है। बीबीएमबी की महत्वपूर्ण बैठक चंडीगढ़ में शाम 5 बजे होगी। 28 अप्रैल और 30 अप्रैल को हुई बैठकों के बारे में अधिक जानकारी मांगी जाएगी।
आपको बता दें कि पानी के मुद्दे को लेकर पंजाब सरकार ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) द्वारा हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने के फैसले के मद्देनजर पांच मई को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। विशेष सत्र के दौरान भाजपा नीत केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार और बीबीएमबी के फैसले के खिलाफ प्रस्ताव लाए जाने की संभावना है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पानी के मुद्दे पर विधायकों और मंत्रियों की बुलाई बैठक में इस फैसले की जानकारी दी और कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान पंजाब के जल संसाधनों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने पर चर्चा होगी।
सर्वदलीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी दलीय नेता जल वितरण के संबंध में अपने अधिकारों पर एकमत हैं। कुछ सुझाव दिए गए हैं, उन पर भी अमल किया जाएगा। बीबीएमबी के समझौतों एवं श्रेणियों, अधिकारियों की तैनाती तथा चंडीगढ़ प्रशासन की हिस्सेदारी से संबंधित प्रस्ताव भी विधानसभा के विशेष सत्र में लाए जाएंगे।
सर्वदलीय बैठक से समय निकालकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने की भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जाखड़ टेल के लोग पानी की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं। सीएम मान ने कहा कि संभव है कि समय के साथ हरियाणा में पानी की जरूरत भी बढ़ी हो। ऐसी स्थिति में 20 मई के बाद आवश्यकताओं में संशोधन किया जा सकता है।

हरकतों से बाज नहीं आ रहा पाकिस्तान, लगातार 9वें दिन LoC पर किया सीज़फायर का उल्लंघन

शनिवार को लगातार नौवें दिन, पाकिस्तान की सेना ने जम्मू-कश्मीर में एलओसी (नियंत्रण रेखा) पर भारतीय चौकियों पर बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की।

 शनिवार को लगातार नौवें दिन, पाकिस्तान की सेना ने जम्मू-कश्मीर में एलओसी (नियंत्रण रेखा) पर भारतीय चौकियों पर बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की। सैन्य सूत्रों ने बताया कि 2 और 3 मई की रात को पाकिस्तान की सेना ने कुपवाड़ा, उड़ी और अखनूर क्षेत्रों में छोटे हथियारों से फायरिंग की। भारतीय सेना ने तुरंत और उचित जवाब दिया।
22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन में पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा आतंकियों ने 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी थी, जिनमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय शामिल थे। इस नृशंस हत्या के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया है। इस घटना से पूरे देश में गुस्सा फैल गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इन आतंकियों, उनके मददगारों और समर्थकों को कहीं से भी ढूंढ कर सजा दी जाएगी।
सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी से 40 मिनट तक बैठक की। इससे पहले उन्होंने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान से सेना की तैयारियों पर पूरी जानकारी ली थी। प्रधानमंत्री मोदी ने सेना को पूरी छूट दी है कि वे पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए जरूरी कार्रवाई करें।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी श्रीनगर में थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ सुरक्षा की समीक्षा की। उन्होंने सेना से कहा कि आतंकियों के खिलाफ पूरी ताकत से कार्रवाई की जाए।
इसी बीच, आतंकियों और उनके समर्थकों को सख्त संदेश देने के लिए सुरक्षा बलों ने आतंकियों के मकानों को गिराना जारी रखा है। पिछले शुक्रवार को त्राल और बिजबेहड़ा इलाकों में दो आतंकियों आदिल हुसैन ठोकर और आसिफ शेख के घर गिराए गए। ये दोनों लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य थे और पहलगाम हमले में शामिल थे। अब तक सुरक्षा बलों ने कश्मीर घाटी में सक्रिय 10 आतंकियों के घर गिरा दिए हैं। सोमवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने भी सर्वसम्मति से इस जघन्य हमले की निंदा की और एक प्रस्ताव पारित किया।
भारत ने अटारी-वाघा सीमा को बंद कर दिया है, पाकिस्तानी नागरिकों को देश से बाहर निकाल दिया है, सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया है और पाकिस्तानी उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है।
इसके जवाब में पाकिस्तान ने कहा है कि वह अब शिमला समझौते को नहीं मानेगा और साथ ही उसने नियंत्रण रेखा की अनदेखी करने का भी निर्णय लिया है, जो जम्मू-कश्मीर में दोनों देशों के बीच वास्तविक सीमा मानी जाती है।

IPL 2025: अभिषेक की पारी ना आई किसी काम, गुजरात टाइटंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को 38 रनों से दी मात

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गुजरात टाइटंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को 38 रनों से दी मात

गुजरात टाइटंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को 38 रनों से हरा दिया । गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में छह विकेट पर 224 रन बनाए, जवाब में हैदराबाद की टीम 20 ओवर में छह विकेट पर 186 रन ही बना सकी। हैदराबाद के लिए अभिषेक शर्मा ने 41 गेंदों पर चार चौकों और छह छक्कों की मदद से 74 रन बनाए, लेकिन उनकी पारी भी टीम को जीत नहीं दिला सकी। गुजरात की ओर से मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने दो-दो विकेट लिए, जबकि ईशांत शर्मा और गेराल्ड कोएट्जे को एक-एक विकेट मिले।
गुजरात टाइटंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को जीत के लिए 225 रनों का लक्ष्य दिया। सनराइजर्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया और गुजरात ने 20 ओवर में छह विकेट पर 224 रन बनाए। कप्तान शुभमन गिल और जोस बटलर के अर्धशतकों की मदद से गुजरात हैदराबाद को 225 रनों का बड़ा लक्ष्य दे पाई है। गुजरात के लिए गिल ने सबसे ज्यादा 38 गेंदों पर 10 चौकों और दो छक्कों की मदद से 76 रन बनाए, जबकि बटलर ने 37 गेंदों पर तीन चौकों और चार छक्कों की मदद से 64 रन की पारी खेली। गिल और सुदर्शन ने गुजरात को मजबूत शुरुआत दिलाई और पहले विकेट के लिए 87 रन जोड़े। गिल और सुदर्शन की शानदार बल्लेबाजी की मदद से गुजरात ने पावरप्ले का सर्वोच्च स्कोर भी बनाया। हालांकि सुदर्शन अर्धशतक पूरा नहीं कर सके और 48 रन बनाकर पवेलियन लौटे। उसके बाद वॉशिंगटन सुंदर 21, राहुल तेवतिया 06, राशिद खान 00 पर आउट हुए और शाहरुख खान 06* रन बनाकर नाबाद रहे। सनराइजर्स की ओर से जयदेव उनादकट ने अंतिम ओवर में 3, पैट कमिंस ने 01 और जीशान अंसारी ने 01 विकेट लिया।

दोनों टीमों की प्लेइंग-11 :-

गुजरात टाइटंसः साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, राहुल तेवतिया, शाहरुख खान, राशिद खान, आर साई किशोर, गेराल्ड कोएट्जे, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा।
(इम्पैक्ट प्लेयरः ईशांत शर्मा, महिपाल लोमरोर, अनुज रावत, अरशद खान, शेरफाने रदरफोर्ड।)

सनराइजर्स हैदराबादः अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, हेनरिच क्लासेन (विकेटकीपर), अनिकेत वर्मा, कामिंदु मेंडिस, नीतीश कुमार रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), हर्षल पटेल, जयदेव उनादकट, जीशान अंसारी, मोहम्मद शमी।
(इम्पैक्ट प्लेयरः अभिनव मनोहर, सचिन बेबी, ट्रेविस हेड, राहुल चाहर, वियान मुल्डर।)

MLA Jagroop Gill ने आप संयोजक Arvind Kejriwal से की मुलाकात

जगरूप सिंह गिल ने पिछले सप्ताह नई दिल्ली में आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल से मुलाकात कर पंजाब की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण पहलों पर चर्चा की

बठिंडा के विधायक जगरूप सिंह गिल ने पिछले सप्ताह नई दिल्ली में आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल से मुलाकात कर पंजाब की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण पहलों पर चर्चा की तथा उन्हें राज्य की ताजा राजनीतिक स्थिति तथा भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ उठाए जा रहे कदमों तथा नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता अभियान के बारे में जानकारी दी।
जगरूप सिंह गिल ने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य और नशीली दवाओं की तस्करी से निपटने के प्रयासों पर जानकारी साझा की। उन्होंने स्थानीय निकायों को पुनर्जीवित करने और वित्तपोषण चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक नीति नोट भी प्रस्तुत किया, जिससे शहरी विकास में परिवर्तनकारी बदलाव का मार्ग प्रशस्त हुआ।
जगरूप सिंह गिल ने जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया, जैसे कि उन भवनों के नियमितीकरण के लिए नीति बनाना जो सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण की श्रेणी में नहीं आते हैं।
जगरूप सिंह गिल ने अमृत पाल सिंह सिद्धू के साथ बातचीत करते हुए कहा कि “स्थानीय निकायों के लिए धन की कमी को दूर करने और शहरी नागरिकों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए कुछ नीतिगत पहल की जा सकती हैं”।
जगरूप गिल ने सुझाव दिया कि “चूंकि सार्वजनिक विरोध के बिना इन अतिक्रमणों को ध्वस्त करना लगभग असंभव होगा और इनमें से अधिकांश संरचनाएं कम से कम दशकों पुरानी हैं, इसलिए ये सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण के रूप में योग्य नहीं हैं, शहरी नागरिकों को एकमुश्त राहत देने और जमीनी हकीकत को स्वीकार करने के लिए ऐसी संरचनाओं के लिए एकमुश्त नियमितीकरण नीति लाई जा सकती है”।
इसके अतिरिक्त, जगरूप गिल ने इस तथ्य की ओर ध्यान दिलाया कि शहरी विकास विभाग के तहत सुधार ट्रस्टों और अन्य विकास प्राधिकरणों सहित स्थानीय निकायों द्वारा बेचे जाने वाले बूथों का फ्लोर एरिया अनुपात (एफ.ए.आर.) 1:1 है, जिसका अर्थ है कि केवल भूतल पर ही निर्माण किया जा सकता है।
जगरूप गिल ने अरविंद केजरीवाल को बताया कि ज़्यादातर साइटें बिना छत के अधिकार के बेची जाती हैं। एफ.ए.आर. को 1:1 से ऊपर बढ़ाकर, अतिरिक्त पहली मंज़िल बनाने की क्षमता के साथ छत के अधिकार बेचे जा सकते हैं, बशर्ते कि संरचनागत सुरक्षा हो। इस कार्यक्रम से काफ़ी धन जुटाया जा सकता है क्योंकि ये बूथ व्यावहारिक रूप से हर शहर के वांछनीय क्षेत्रों में स्थित हैं।
एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए जगरूप सिंह गिल ने अरविंद केजरीवाल से कहा कि “पूरे पंजाब में भूमि अधिग्रहण के कई मामले अभी भी चल रहे हैं, और स्थानीय स्वशासन विभाग के तहत सुधार ट्रस्ट जैसे स्थानीय निकाय और आवास एवं शहरी विकास विभाग के तहत अन्य विकास प्राधिकरण लंबे समय से लंबी कानूनी लड़ाई में उलझे हुए हैं।”
विधायक गिल ने कहा, “इससे शहरी आवास उद्योग प्रभावित हुआ है, जिससे जनता उचित मूल्य पर आवास के लाभ से वंचित हो रही है, जो कि स्थानीय प्राधिकारियों की जिम्मेदारी है।”

नशे के खिलाफ कार्यक्रम में शामिल हुए CM सैनी, Punjab and Haryana के राज्यपाल भी रहे मौजूद

हरियाणा और पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में शनिवार को नशे के विरोध में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

 हरियाणा और पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में शनिवार को नशे के विरोध में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया शामिल हुए। इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों ने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब के राज्यपाल ने पत्रकारों से बातचीत भी की। दोनों ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के विकास में युवाओं की भूमिका अहम होती है। ऐसी स्थिति में अगर हम चाहते हैं कि हमारे देश का विकास दोहरी गति से हो, तो हमारे लिए यह जरूरी हो जाता है कि हम युवाओं को नशे के जंजाल से दूर रखें।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, ‘‘आमतौर पर देखा जाता है कि युवा अपने दोस्तों के साथ रहने के दौरान नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं। उन्हें लगता है कि इससे उन्हें आनंद मिलेगा, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। धीरे-धीरे करके युवा नशे के जाल में पूरी तरह से फंस जाते हैं और अपनी जिंदगी तबाह कर लेते हैं। इसी को देखते हुए हमने इस कार्यक्रम का आयोजन किया है, जिसमें हम युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील कर रहे हैं, ताकि वे देश के विकास में अपना अहम योगदान दे सकें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के विकसित राष्ट्र के संकल्प को पूरा करने के लिए युवाओं का नशे से दूर रहना नितांत आवश्यक है। इससे उनके मन और तन दोनों ही स्वस्थ रहेंगे और जब हमारे युवाओं का तन और मन दोनों ही स्वस्थ रहेंगे, तभी वे देश के विकास में अपना योगदान दे सकेंगे।’’
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि हम लगातार इस प्रयास में जुटे हुए हैं कि हमारा राष्ट्र नशामुक्त हो। कोई भी युवा नशे की गिरफ्त में नहीं रहे। यह एक तरह का जन आंदोलन है और इसमें सफलता सिर्फ सरकार के प्रयासों से ही मुमकिन नहीं हो पाएगी, बल्कि आम लोगों को भी आगे आना होगा।
उन्होंने कहा कि मैं जनता से चाहता हूं कि वे जहां कहीं भी हैं, वहां से ही इस आंदोलन की शुरुआत करें और युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करें, ताकि वे देश के विकास में अपना योगदान दे सकें।

पूर्व मुख्यमंत्री Channi ने उठाए सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल, विवाद उठता देख दी सफाई, कहा…

कांग्रेस नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर सवाल खड़े किए है।

 कांग्रेस नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर सवाल खड़े किए है। बता दें की एक ब्यान में उन्होंने कहा कि ‘वे कहते है कि पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की है, कहां हुई सर्जिकल स्ट्राइक, किसी को नहीं पता चला। ‘ हालांकि अपने दिए ब्यान के बाद चरणजीत सिंह चन्नी सफाई देते हुए भी नजर आए। लेकिन उनके सवाल ने सियासी गलियारों में खलबली मचा दी। उनके इस ब्यान से विवाद खड़ा हो गया। BJP ने चन्नी के इस ब्यान पर पूरी कांग्रेस का घेराव किया है।
BJP ने कांग्रेस को घेरा-
दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने चन्नी के ब्यान पर कहा, “कांग्रेस ने फिर भारतीय वायुसेना पर सवाल उठाए हैं। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने एक बार फिर कहा है कि उन्हें सर्जिकल स्ट्राइक पर भरोसा नहीं है और उन्हें सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत चाहिए। कांग्रेस पार्टी, गांधी परिवार, राहुल गांधी की यह कैसी मानसिकता है कि वे सेना, भारतीय वायुसेना पर सवाल उठाते रहते हैं? पाकिस्तान खुद कह रहा है कि भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक करके बहुत नुकसान पहुंचाया है। चरणजीत सिंह चन्नी ने फिर गांधी परिवार की गंदी राजनीति और गंदी मानसिकता को दिखाया है जो हमेशा सेना पर सवाल उठाते हैं और सेनाओं का मनोबल गिराते हैं। मैं इसकी निंदा करता हूं।”
चन्नी ने दी सफाई-
चन्नी ने अपने ब्यान पर सफाई देते हुए कहा, “इसका सबूत नहीं मांगा जाता है, और मैं भी नहीं मांग रहा हूं। मैं जो कह रहा हूं वो ये है कि इसे भटकाने की कोशिश मत करो। ये बहुत ही संवेदनशील मुद्दा है। तू इधर उधर की बात मत कर, बता की काफिला क्यों लूटा…जिन निर्दोष पर्यटकों से उनका धर्म-देश पूछकर उन्हें मार दिया गया, वो परिवार आज न्याय चाहते हैं। सरकार को उन्हें न्याय दिलाना चाहिए। हम हर तरह से सरकार के साथ हैं।”
ये था चन्नी का विवादित ब्यान-
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, “आज तक मुझे पता नहीं चल पाया कि स्ट्राइक कहां हुई, उस समय लोग कहां मारे गए और पाकिस्तान में यह कहां हुआ। क्या हमें पता नहीं चलेगा कि हमारे देश में बम गिरा है? वे कहते हैं कि उन्होंने पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की। कुछ नहीं हुआ। कहीं भी सर्जिकल स्ट्राइक नहीं देखी गई। किसी को पता नहीं चला। मैंने हमेशा (सबूत) मांगे हैं। लेकिन आज लोगों के जख्मों पर मरहम लगाने की जरूरत है। हम उनसे (सरकार से) मांग करते हैं कि वे कुछ करें। लोगों को बताएं कि पहलगाम आतंकवादी हमले के अपराधी कौन हैं और उन्हें सजा दें।”

 

Punjab: Civil Hospital में दो पक्षों बीच हुई हिंसक झड़प, मचा हड़कंप

कपूरथला जिले के सिविल अस्पताल में गुरुवार रात एक गंभीर हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई जब दो पक्ष आपस में भिड़ गए।

कपूरथला जिले के सिविल अस्पताल में गुरुवार रात एक गंभीर हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई जब दो पक्ष आपस में भिड़ गए। यह झगड़ा अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में हुआ, जहां घरेलू विवाद में घायल दो महिलाओं का इलाज चल रहा था। झगड़े के बाद अस्पताल में तनावपूर्ण माहौल बन गया और मरीजों व स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई।
-दो पक्षों बीच शुरू हो गई हाथापाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नामदेव कॉलोनी की निवासी कांति और काजल नामक दो महिलाएं, जो आपस में रिश्तेदार हैं, एक पारिवारिक विवाद के चलते आपस में उलझ गई थीं। बीती रात हुए इस झगड़े में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें इलाज के लिए सिविल अस्पताल लाया गया। इलाज के दौरान ही दोनों पक्षों के परिजनों में कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई।
-इमरजेंसी वार्ड में मचा हड़कंप
इमरजेंसी वार्ड में हुई इस अप्रत्याशित घटना से अन्य मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों में दहशत फैल गई। अस्पताल प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला और दोनों पक्षों को शांत कराया। घटना में शामिल एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच जारी है।
अस्पताल प्रशासन ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस प्रकार का व्यवहार अस्वीकार्य है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व महिला कांस्टेबल Amandeep Kaur को ड्रग केस में मिली जमानत, 29 दिन बाद बठिंडा जेल से हुई रिहा

पंजाब के बठिंडा जिले में ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार की गई पूर्व महिला कांस्टेबल अमनदीप कौर को एक महीने बाद जमानत मिल गई है।

 पंजाब के बठिंडा जिले में ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार की गई पूर्व महिला कांस्टेबल अमनदीप कौर को एक महीने बाद जमानत मिल गई है। 1 मई को अदालत ने उन्हें 50,000 रुपये के जमानती बांड पर रिहा करने का आदेश दिया। अमनदीप को 2 अप्रैल को उस समय गिरफ्तार किया गया था जब वह पुलिस की जांच से बचने की कोशिश कर रही थी। तलाशी के दौरान उसके वाहन के गियरबॉक्स से 17.71 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी।
-आलीशान शोंक बने जांच का विषय
गिरफ्तारी के तुरंत बाद पंजाब पुलिस ने राज्य की सख्त नशा विरोधी नीति के तहत अमनदीप को सेवा से बर्खास्त कर दिया। जांच के दौरान सामने आया कि अमनदीप एक बेहद आलीशान जीवनशैली जी रही थी, जिसमें महंगे वाहन, कीमती संपत्तियां और लग्जरी ब्रांड्स की भरमार शामिल थी। इससे उसके संभावित अवैध स्रोतों से कमाई पर सवाल उठने लगे हैं।
-ANTF कर रही गहनता से जांच
एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) अब उसकी संपत्तियों, लेन-देन और सोशल नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, कौर के संबंध कुछ संदिग्ध व्यक्तियों से भी बताए जा रहे हैं, जो पहले से ड्रग मामलों में संलिप्त हैं।
सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय अमनदीप कौर अक्सर अपनी जीवनशैली और पर्सनल ब्रांडिंग को लेकर चर्चा में रहती थीं। उनकी गिरफ़्तारी के बाद न सिर्फ पुलिस विभाग में बल्कि उनके सोशल मीडिया फॉलोअर्स के बीच भी हलचल मच गई है। यह मामला पुलिस विभाग में भीतर तक छिपे संभावित नेटवर्क की ओर भी इशारा कर रहा है।
जांच अधिकारी अब यह जानने में जुटे हैं कि अमनदीप किसी बड़े ड्रग सिंडिकेट से जुड़ी थीं या नहीं। आने वाले हफ्तों में उनकी डिजिटल गतिविधियों, कॉल रिकॉर्ड और बैंक लेन-देन की रिपोर्ट सामने आने की उम्मीद है, जिससे इस केस की गहराई का अंदाज़ा लगाया जा सकेगा।