‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ मुहिम के तहत बटाला पुलिस ने कादियां में भारी बारिश में नशा तस्कर का अवैध निर्माण किया ध्वस्त
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा नशों के खिलाफ शुरू की गई मुहिम ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ के तहत कार्रवाई करते हुए
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा नशों के खिलाफ शुरू की गई मुहिम ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ के तहत कार्रवाई करते हुए आज बटाला पुलिस ने कादियां में भारी बारिश में नशा तस्कर नवशरण दास उर्फ काका की अवैध रूप से बनाई गई कोठी को जेसीबी मशीन से गिरा दिया गया।
इस मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए बटाला के एसएसपी सुहैल कासिम मीर ने बताया कि इस नशा तस्कर के खिलाफ अलग-अलग थानों में 6 मुकद्दमे दर्ज हैं, जिनमें से 4 मामले एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस तस्कर के खिलाफ पुलिस स्टेशन कादियां में 3, काहनूवान, दीनानगर और एसएएस नगर में एक-एक मामला दर्ज है।
उन्होंने कहा कि इस पर लगी धाराओं और इसकी केस हिस्ट्री से स्पष्ट है कि यह व्यक्ति लंबे समय से नशा तस्करी के धंधे में शामिल है। एसएसपी ने नशा तस्करों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि में शामिल है, उसे बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक नशे का कारोबार करने वाले लोग मुख्यधारा में नहीं आ जाते या पंजाब छोड़कर पंजाब से बाहर नहीं चले जाते।
एसएसपी ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और डीजीपी गौरव यादव द्वारा इस संबंधी स्पष्ट हिदायतें दी गई हैं कि जो भी व्यक्ति नशा तस्करी के धंधे में शामिल है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। एसएसपी बटाला ने आगे कहा कि बटाला पुलिस द्वारा नशों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और पिछले दो महीनों में बटाला पुलिस ने 250 मामले दर्ज किए हैं। नशा तस्करों की 52 संपत्तियों को कानूनी कार्रवाई करते हुए अटैच किया गया है, जिनकी कीमत लगभग 28 करोड़ रुपए बनती है।
उन्होंने बताया कि गांव और वार्ड स्तर पर सुरक्षा कमेटियों के साथ बैठकें करके उनके सहयोग से नशों पर रोक लगाई जा रही है और 110 गांवों द्वारा नशा खत्म करने के प्रस्ताव पारित किए गए हैं, जिससे नशे को जड़ से खत्म किया जाएगा।
एसएसपी ने कहा कि हमारे लिए हमारे बच्चे और हमारी युवा पीढ़ी को संभालना बेहद जरूरी है, जो इन तस्करों के घटिया कामों की वजह से नशे की लत में पड़कर अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। इस मौके पर राजेश कक्कड़, डीएसपी कादियां, भूपिंदर सिंह ईओ कादियां, निर्मल सिंह एसएचओ कादियां, एसएचओज और अन्य सीनियर पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे।
Punjab-Haryana जल विवाद, CM Mann ने आज बुलाया विधानसभा का स्पेशल सेशन, होगा बड़ा फैसला
पंजाब और हरियाणा के बीच बढ़ते तनाव के बीच आज, 5 मई 2025 को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है।
भाखड़ा-ब्यास नदी के जल वितरण को लेकर पंजाब और हरियाणा के बीच बढ़ते तनाव के बीच आज, 5 मई 2025 को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। यह सत्र सुबह 11 बजे शुरू होगा, जिसमें हरियाणा को अतिरिक्त पानी न देने संबंधी प्रस्ताव पारित किए जाने की संभावना है। इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने सत्र बुलाने की अनुमति पहले ही दे दी है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का स्पष्ट रुख
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जल विवाद पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि पंजाब अब हरियाणा को अतिरिक्त पानी नहीं देगा। उन्होंने स्पष्ट किया, “हरियाणा पहले ही अपने हिस्से का पानी इस्तेमाल कर चुका है। पंजाब केवल मानवीय आधार पर मदद कर रहा था, लेकिन अब हम पीछे नहीं हटेंगे।”

प्रधानमंत्री से मिल सकते हैं सभी दलों के नेता
सीएम मान ने संकेत दिया कि यदि जरूरत पड़ी तो वे इस मुद्दे पर सभी दलों के नेताओं को साथ लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ पानी का नहीं, बल्कि पंजाब के हक और किसानों के जीवन से जुड़ा सवाल है।
28 अप्रैल को शुरू हुआ विवाद
यह विवाद 28 अप्रैल 2025 को भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) की बैठक के बाद शुरू हुआ था, जिसमें पंजाब सरकार ने यह कहकर मना कर दिया था कि वह हरियाणा को अतिरिक्त पानी नहीं दे सकती। पंजाब का तर्क है कि राज्य खुद जल संकट से जूझ रहा है, और उसके पास अतिरिक्त जल उपलब्ध नहीं है।
दोनों राज्यों की सर्वदलीय बैठकें
इस मुद्दे पर दोनों राज्यों में अलग-अलग सर्वदलीय बैठकें भी हो चुकी हैं। जहां पंजाब के राजनीतिक दलों ने राज्य सरकार के रुख का समर्थन किया, वहीं हरियाणा के नेता भी अपने हिस्से के जल अधिकार को लेकर एकजुट हैं। यह विवाद अब राजनीतिक से अधिक संविधानिक और संसाधनों की बराबरी का सवाल बनता जा रहा है।
विवाद का असर और संभावित समाधान
जल विवाद का असर न केवल दोनों राज्यों के आपसी संबंधों पर पड़ेगा, बल्कि कृषि, पेयजल आपूर्ति और उद्योगों पर भी इसकी प्रत्यक्ष छाया पड़ सकती है। जानकारों का मानना है कि अब इस मुद्दे के समाधान के लिए केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना होगा।
पहलगाम हमला:- ‘इस बार फैसला अंतिम होगा’ पीएम मोदी ने पाकिस्तान को दी खुली चेतावनी
पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकवादियों का सफाया करने के लिए भारतीय सेना को खुली छूट दे दी है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकियों के सफाए के लिए भारतीय सेना को खुली छूट दे दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया को बताया है कि पहलगाम आतंकवादी हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादियों और उनके आकाओं को ऐसी सजा मिलेगी जिसकी वे कल्पना भी नहीं कर सकते।
प्रधानमंत्री मोदी ने अंगोला के राष्ट्रपति से मुलाकात की
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ मैनुअल गोंकाल्वेस लौरेंको से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई। पीएम मोदी ने कहा कि मैं राष्ट्रपति लोरेंजो और उनके प्रतिनिधिमंडल का भारत में हार्दिक स्वागत करता हूं।
आतंकवादियों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हम आतंकवादियों और उनके समर्थकों के खिलाफ कड़ी और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम सीमा पार आतंकवादियों के खिलाफ हमारी लड़ाई में अंगोला के समर्थन के लिए उसे धन्यवाद देते हैं।
Pahalgamआतंकी हमले के बाद भारत का एक और एक्शन, पाकिस्तान से डाक और पार्सल सेवा किया बंद
भारत सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ सभी डाक और पार्सल सेवाएं तत्काल प्रभाव से बंद कर दी हैं.
पहलगाम अटैक के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की है. भारत सरकार ने पाकिस्तान से आने वाली सभी प्रकार की डाक और पार्सल सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.यह निर्णय दोनों देशों के बीच हवाई और जमीनी मार्गों से होने वाले सभी मेल और पार्सल के आदान-प्रदान पर लागू होगा. डाक विभाग ने इस संबंध में एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर इस निलंबन की पुष्टि की है.
गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच डाक सेवाएं पहले ही सीमित स्तर पर चल रही थीं. अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने अस्थायी रूप से डाक सेवाएं बंद कर दी थीं, जो तीन महीने बाद बहाल हो गई थीं. अब वर्तमान तनावपूर्ण हालात को देखते हुए भारत ने इन सेवाओं को पूरी तरह से रोकने का फैसला किया है.
इस निलंबन से दोनों देशों के बीच पत्राचार, व्यापारिक डाक और व्यक्तिगत पार्सलों का आदान-प्रदान पूरी तरह से रुक जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से उन लोगों को सबसे अधिक परेशानी होगी जो दोनों देशों के बीच पारिवारिक या व्यावसायिक डाक पर निर्भर थे.
डाक सेवा निलंबन से तनाव में इजाफा
यह घटनाक्रम भारत द्वारा पाकिस्तान से आने वाले या वहां से निर्यात किए जाने वाले सभी सामानों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात और पारगमन पर तत्काल प्रतिबंध लगाने के कुछ ही घंटों बाद हुआ है, जिससे द्विपक्षीय व्यापार प्रवाह प्रभावी रूप से रुक गया है.
यह कदम पहलगाम में हुए नृशंस हमले के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव की प्रतिक्रिया है, जहां 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई थी. डाक आदान-प्रदान के निलंबन से राजनयिक और व्यापारिक संबंधों में चल रहे तनाव में और वृद्धि हुई है.
भारत सरकार ने पाकिस्तान से ट्रेड पर लगा दिया है बैन
व्यापार प्रतिबंधों की प्रतिक्रिया में, जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने बताया कि पाकिस्तान से भारत का पहले से ही नगण्य आयात – प्रति वर्ष मुश्किल से 0.5 मिलियन अमरीकी डॉलर – अब शून्य हो जाएगा. श्रीवास्तव ने कहा कि भारत में किसी को भी पाकिस्तान के नमक भंडार से निकाले जाने वाले हिमालयन पिंक साल्ट (सेंधा नमक) को छोड़कर किसी भी चीज की कमी महसूस नहीं होगी, जबकि आयात का निलंबन महत्वपूर्ण लग सकता है.
श्रीवास्तव ने जोर देकर कहा कि यह कदम काफी हद तक प्रतीकात्मक है. उन्होंने कहा, भारत ने 2019 के पुलवामा हमले के बाद पहले ही पाकिस्तान से आने वाले सामानों पर 200 प्रतिशत शुल्क लगा दिया था, जिससे अप्रैल 2024 और जनवरी 2025 के बीच आयात घटकर लगभग 0.42 मिलियन अमरीकी डॉलर रह गया.
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, ये कदम एक गहरी दरार को दर्शाते हैं जो व्यापार, संचार और राजनयिक संबंधों को प्रभावित कर रहा है.
पानी के लिए Punjab में लोगों की हत्या हो जाती है… Jalandhar में बोले सीएम भगवंत मान
पानी को लेकर पंजाब और हरियाणा के बीच तनाव चल रहा है.
पानी को लेकर पंजाब और हरियाणा के बीच तनाव चल रहा है. बीते दिन (शुक्रवार) गृह मंत्रालय में करीब डेढ़ घंटे चली बैठक के बाद भी दोनों राज्यों के बीच मसला हल नहीं हो सका है. इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा ‘पानी के लिए तो पंजाब में कत्ल हो जाते हैं, ऐसे में अपना पानी हम बिना अपनी रजामंदी के कैसे बाहर दे दें’.
पंजाब के जालंधर में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम मान ने कहा ‘पंजाब में लोग दरांती और गंडासा लेकर खेतों में चले जाते हैं. पंजाब में पानी के लिए हत्याएं हो जाती हैं और आप हमारे घरों से बिना पूछे, बिना हमारे दस्तखत के आ रहे हैं, हम मना कर रहे हैं, हम सहमत नहीं हैं और आप हमसे कह रहे हैं कि लोधी-नंगल के पानी के गेट खोल दो. क्या आप हमसे जबरदस्ती पानी लेंगे?…भाइयों, ये नहीं चलेगा’.
‘देश के लिए गलत मिसाल पेश कर रहे हैं CM मान’
वहीं रियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कहना है कि पंजाब अपने आवंटित हिस्से से कही ज्यादा मात्रा में पानी का उपयोग कर रहा है और वहीं दूसरी ओर हरियाणा को उससे आवंटित हिस्से से 17% कम पानी मिल रहा है. उन्होंने कहा ‘भगवंत मान की सरकार तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर केवल भ्रमित करने का काम कर रही है. हरियाणा के कई जिलों में पीने के पानी की समस्या आ रही है, यह समस्या नहीं आती अगर सीएम मान पानी नहीं रोकते’. उन्होंने कहा कि मान का यह रवैया न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए एक गलत मिसाल पेश करता है.
जल विवाद पर नहीं बनी सहमति
इससे पहले शुक्रवार को हुई बैठक में भी दोनों के बीच जल विवाद को लेकर कोई सहमति नहीं बन सकी थी. बैठक में पंजाब ने पहले की तरह सिर्फ 4,000 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराने पर सहमति जताई, जबकि हरियाणा 8,500 क्यूसेक पानी की अपनी मांग पर अड़ा रहा. गृह सचिव के साथ गृह मंत्रालय में हुई बैठक में शामिल हुए पंजाब के एसीएस आलोक शेखर ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की मंशा से अवगत कराया.
भाखड़ा डैम के पानी को लेकर विवाद
दरअसल पंजाब और हरियाणा के बीच भाखड़ा डैम के पानी को लेकर विवाद पैदा हो गया है. इसी को लेकर दोनों राज्यों की सरकारें आमने सामने आ गई हैं और एक दूसरे पर आरोप लगा रही हैं. बीबीएमबी ने पंजाब को लेकर फैसला सुनाया है कि वो हरियाणा को अतिरिक्त पानी दें. हालांकि सीएम मान ने साफ कहा था कि उनके पास हरियाणा या किसी दूसरे राज्य को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है.
‘अतिरिक्त पानी की मांग करना सही नहीं’
दोनों राज्यों के बीच पानी को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब भाखड़ा डैम से हरियाणा को दिए जा रहे पानी की मात्रा घटाकर 4,000 क्यूसेक कर दी गई. बीबीएमबी की तकनीकी समिति ने बीते 23 अप्रैल को हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान को पानी जारी करने का फैसला लिया था. इसी को लेकर पंजाब सरकार का कहना है कि उसने मानवता के चलते हरियाणा को सीमित मात्रा में पानी दिया था, लेकिन अब अतिरिक्त मांग करना सही नहीं है.
वहीं हरियाणा सरकार का करना है कि भाखड़ा डैम में पानी का स्तर ऊंचा है, ऐले में अगर समय पर इसे नहीं निकाला गया तो बारिश के दौरान अतिरिक्त पानी पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान चला जाएगा, जिससे राष्ट्रीय नुकसान होगा. मुख्यमंत्री सैनी ने यह भी कहा कि पानी किसी एक राज्य की संपत्ति नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधन है जिस पर सभी का हक है.
Punjab से सटी सीमा से BSF ने हेरोइन कि खेप की बरामद
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पिछले 24 घंटों में पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र में संदिग्ध हेरोइन की तीन खेप बरामद की हैं।
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पिछले 24 घंटों में पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र में संदिग्ध हेरोइन की तीन खेप बरामद की हैं। बीएसएफ के प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार शाम को तलाशी अभियान के दौरान फिरोजपुर के गांव गट्टी राजोके से सटे एक खेत से पैकेट संदिग्ध हेरोइन (कुल वजन- 575 ग्राम) बरामद की गई।
एक अन्य तलाशी अभियान में, सीआई जलालाबाद के सहयोग से बीएसएफ ने जिला फाजिल्का के गांव ढाणी फूला सिंह से सटे एक खेत से पैकेट संदिग्ध हेरोइन (कुल वजन- 568 ग्राम) बरामद की गयी। अमृतसर सीमा पर आज सुबह करीब 08:10 बजे एक संदिग्ध पैकेट के बारे में विश्वसनीय सूचना मिलने पर, बीएसएफ के जवानों द्वारा गहन तलाशी के दौरान अमृतसर जिले के गांव- महावा के निकट एक खेत से एक पैकेट संदिग्ध हेरोइन (कुल वजन- 580 ग्राम) बरामद की गई। बरामद किए गए संदिग्ध हेरोइन के सभी पैकेट चिपकने वाले टेप से लिपटे हुए पाए गए, साथ ही इम्प्रोवाइज्ड लूप और रोशनी की छड़ें भी लगी हुई थीं, जो ड्रोन ड्रॉपिंग का संकेत देती हैं।
Punjab में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 9 IPS और एक PPS अधिकारी का हुआ तबादला
पंजाब सरकार ने प्रशासनिक सुधारों के तहत 9 IPS और एक PPS अधिकारी के तबादले किए गए हैं।
पंजाब सरकार ने प्रशासनिक सुधारों के तहत 9 IPS और एक PPS अधिकारी के तबादले किए गए हैं। यह कदम राज्य में प्रशासनिक कार्यों को बेहतर ढंग से चलाने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। 





