Tuesday, September 29, 2026
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Operation Sindoor से बौखलाया पाकिस्तान, LoC पर की गोलाबारी… 7 की मौत, 38 लोग घायल

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में गुस्से का माहौल था।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में गुस्से का माहौल था। जनता लगातार सरकार से आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही थी। इसी के जवाब में भारत ने पाकिस्तान और पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) में एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन चलाया।
इस ऑपरेशन का नाम ऑपरेशन सिंदूर रखा गया। भारत की इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने की खबर है। इनमें कई आतंकी संगठनों के बड़े नेता और कमांडर भी शामिल हैं। वहीं इस हमले से बौखलाए पाकिस्तान ने आज फिर से LOC पर गोलीबारी की। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
आतंकी ठिकानों पर सीधा हमला

भारत ने इस ऑपरेशन का नाम “ऑपरेशन सिंदूर” रखा। इसके तहत लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के 9 ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह सभी ठिकाने पाकिस्तान और पीओके के इलाकों में थे। पाकिस्तान ने भी इस हमले की पुष्टि की है और माना है कि भारत ने 24 मिसाइलों से उसके इलाकों पर हमला किया है। इस हमले से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है।
100 से ज्यादा आतंकी मारे गए
जानकारी के अनुसार, भारत की इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने की खबर है। इनमें कई आतंकी संगठनों के बड़े नेता और कमांडर भी शामिल हैं। भारतीय सेना ने लश्कर के सरगना हाफिज सईद के ठिकाने को भी नष्ट कर दिया है। यह संदेश बहुत साफ है – भारत अब किसी भी आतंकी को बख्शेगा नहीं, चाहे वो कहीं भी छिपा हो।
पाकिस्तान की बौखलाहट: LoC पर गोलीबारी
भारत की इस सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान बौखला गया है और उसने एलओसी (LoC) पर सीजफायर का उल्लंघन करते हुए भारी गोलीबारी शुरू कर दी है। पाकिस्तान की इस गोलीबारी में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है और 38 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी है और न्यूज एजेंसी PTI के हवाले से इसकी पुष्टि की गई है।
आतंक के खिलाफ भारत का सख्त संदेश
भारत की इस कार्रवाई से आतंकियों और उनके मददगारों को यह साफ संदेश मिल गया है कि अब आतंक की नीति नहीं चलेगी। भारत ने यह साबित कर दिया है कि वह हर हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा और आतंकी अब कहीं भी सुरक्षित नहीं रहेंगे।

घरेलू एयरलाइंस ने जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान के लिए कई उड़ानें की रद्द

 भारतीय सेना ने बुधवार को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकियों के नौ ठिकानों पर सटीक हमला किया।

भारतीय सेना ने बुधवार को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकियों के नौ ठिकानों पर सटीक हमला किया। इसके बाद देश के कई इलाकों से उड़ानों को रद्द या देर से चलाया गया। इस स्थिति को देखते हुए एयर इंडिया ने जम्मू, श्रीनगर, लेह, जोधपुर, अमृतसर, भुज, जामनगर, चंडीगढ़ और राजकोट से आने-जाने वाली सभी उड़ानें 7 मई दोपहर तक रद्द कर दी हैं। कंपनी ने कहा है कि आगे की जानकारी मिलते ही अपडेट दिया जाएगा।
एयर इंडिया ने यह भी बताया कि अमृतसर जाने वाली दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दिल्ली भेज दिया गया है। यात्रियों को हुई परेशानी के लिए खेद जताया गया है।इंडिगो एयरलाइंस ने भी जानकारी दी कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए आज के लिए श्रीनगर, जम्मू, अमृतसर, लेह, चंडीगढ़, धर्मशाला, बीकानेर और जोधपुर से उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे हवाई अड्डे पर जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांच लें।
स्पाइसजेट ने भी बताया कि उत्तरी भारत के कई हिस्सों जैसे धर्मशाला, लेह, जम्मू, श्रीनगर और अमृतसर के एयरपोर्ट बंद कर दिए गए हैं। उड़ानों पर इसका असर पड़ेगा, इसलिए यात्री अपनी यात्रा की योजना सोच-समझकर बनाएं और फ्लाइट स्टेटस की जानकारी लेते रहें।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ आतंकवादी संगठनों के उन ठिकानों पर किया गया जो 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले में शामिल थे। उस हमले में 25 भारतीय और 1 नेपाली नागरिक की जान गई थी। भारत सरकार ने बताया कि इस कार्रवाई में सभी नौ ठिकाने सफलतापूर्वक तबाह किए गए और पाकिस्तान की आम जनता या सेना को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रात भर ऑपरेशन की प्रगति पर बारीकी से नजर रखी। सूत्रों ने पुष्टि की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और सैन्य कमांडरों के साथ लगातार संपर्क में थे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अभियान योजना के अनुसार आगे बढ़े।

Operation Sindoor से पहले भी भारत ने चलाए थे पाकिस्तान के खिलाफ ये 5 ऑपरेशन, आतंकियों को चटाई धूल

पहलगाम हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया।

पहलगाम हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम से की गई इस एयर स्ट्राइक में भारत के राफेल, सुखोई और ब्रह्मोस ने पाकिस्तान को धूल चटाने में अहम भूमिका निभाई। इस एयर स्ट्राइक में पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम फेल कैसे हो गया? दरअसल, यह पाक ने यह सिस्टम चीन से खरीदा था।
भारत की तरफ से एक्शन के बाद अब पाकिस्तान अपना रुख दिखा सकता है, जिसको देखते हुए भारतीय सेना ने दुनिया के सबसे खतरनाक S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को एक्टिवेट किया है। बता दें कि भारत का पाकिस्तान के खिलाफ ये पहला ऑपरेशन नहीं है। इससे पहले भी भारत पाकिस्तान के खिलाफ कई सारे ऑपरेशन कर चुका है जिसमें वह सफल भी हुआ है।
1984 का ऑपरेशन मेघदूत
1984 में पाकिस्तान को सियाचिन पर आंख उठाने का साहस किया, जिसका भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया था। कहा जाता है कि सियाचिन ग्लेशियर पर कब्जा करने के लिए जब पाकिस्तान ने अपनी फौज भेज दी तो उसे छुड़ाने के लिए ऑपरेशन मेघदूत चलाया गया था।
भारतीय सेना ने पाकिस्तान की फौज को वहां से खदेड़ते हुए कई पोस्ट्स अपने कब्जे में कर लिए। सियाचिन ग्लेशियर दुनिया का सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र है, जहां अब पूरी तरह से भारतीय सेना का कब्जा है। भीषण ठंड और विपरीत परिस्थितियों में भी भारत के जवान दिन रात वहां पहरा देते हैं, ताकि आतंकियों से देश की रक्षा कर सकें।
1999 का ऑपरेशन विजय
1999 के गर्मी के दिनों में पाकिस्तानी फौज ने भारत में घुसपैठ कर दी थी। इस बात की खबर मिलते ही भारतीय थल सेना ने वायु सेना के साथ मिलकर दुश्मनों को खदेड़ने के लिए ऑपरेशन विजय चलाया। इसमें लगभग 35,000 सैनिक शामिल हुए थे। देश की रक्षा करते हुए कई जांबाजों ने अपनी जान भी गंवा दी थी, जिन्हें आज भी याद किया जाता है।
2008 का ऑपरेशन ब्लैक टोरनैडो
2008 में पाकिस्तान से आए आतंकियों में मुंबई शहर को तबात कर दिया था।  इस दौरान आतंकियों ने अलग-अलग जगहों पर लोगों को बंधक बनाकर खून-खराबा किया। इस हमले से निपटने की जिम्मेदारी एनएसजी के कमांडो को दी गई थी। पहले दिन उन्होंने वहां 9 बंधक छुड़ाए। उधर, ताज और ओबेरॉय होटल में भी कमांडो और आतंकवादियों के बीच गोलीबारी जारी थी। इस दौरान ताज होटल से करीब 300 और ओबेरॉय से 250 बंधक छुड़ाए थे।
2016 का सर्जिकल स्ट्राइक
साल 2016 में सरहद पार जाकर भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जो सर्जिकल स्ट्राइक की थी। उसकी गूंज आज तक सुनाई देती है। 2016 में उरी में हुए आतंकी हमले का बदला लेते हुए भारतीय सेना ने सरहद पार करके आतंकियों को मार गिराया था। इस हमले को पैराट्रूपर्स और सैनिकों ने अंजाम दिया था।
2019 का ऑपरेशन बंदर
भारतीय वायु सेना ने फरवरी, 2019 में पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। इस हमले में आतंकी मसूद अजहर के मारे जाने की भी खबर आई थी। इस ऑपरेशन की गोपनीयता बनाए रखने के लिए इसे एक कोडनेम दिया गया था। यह कोडनेम था ‘ऑपरेशन बंदर’। ये नाम राम-रावण युद्ध में वानरों की भूमिका से प्रेरित होकर रखा गया था।

CM Mann और AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के कार्यक्रम रद्द, ऑपरेशन सिन्दूर के बाद लिया फैसला

भारत द्वारा पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर किए गए हमले के बाद पूरे पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है।

 भारत द्वारा पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर किए गए हमले के बाद पूरे पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। इसी के मद्देनज़र पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आज के सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया गया है। दोनों नेताओं को आज जालंधर और नवांशहर में जनसभाओं को संबोधित करना था, जिनमें से प्रमुख कार्यक्रम जालंधर के फिल्लौर क्षेत्र के लखनपाल गांव में शाम 4 बजे आयोजित होने वाला था।
इस फैसले को सुरक्षा एजेंसियों और सेना की सिफारिशों के बाद लिया गया है, क्योंकि क्षेत्र में युद्ध जैसी संभावित स्थिति की तैयारी के तहत एक घंटे की ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की जा रही है। सेना की इस विशेष तैयारी का उद्देश्य आम नागरिकों को आपात स्थिति में खुद को सुरक्षित रखने के लिए जागरूक करना है।
-ब्लैकआउट के बीच सायरन और हवाई गश्त
जालंधर छावनी क्षेत्र में पहले ही मंगलवार रात एक घंटे की ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की जा चुकी है, जिसमें रात 8:15 बजे से लेकर 9:00 बजे तक पूरे क्षेत्र की बिजली काट दी गई थी। इस दौरान सायरन बजाए गए और सभी नागरिकों को अपने घरों की लाइटें बंद रखने के निर्देश दिए गए थे। सेना के विमान इस दौरान ऊपर से निगरानी करते रहे कि कहीं कोई सुरक्षा नियमों का उल्लंघन तो नहीं कर रहा।
आज की मॉक ड्रिल भी इसी प्रकार से आयोजित की जाएगी, जिसमें सेना के अधिकारी नागरिक क्षेत्रों में माइक से घोषणाएं कर रहे हैं और लोगों से अपील की जा रही है कि कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
-जनता में सतर्कता, सरकार की प्राथमिकता सुरक्षा
प्रदेश सरकार का कहना है कि इस समय जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है और ऐसे किसी भी कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा जो सुरक्षा व्यवस्था पर असर डाले। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने बयान जारी कर कहा कि यह फैसला एहतियात के तौर पर लिया गया है और हालात सामान्य होने पर कार्यक्रमों की नई तारीखों की घोषणा की जाएगी। साथ ही सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं और राज्य भर में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

सड़क हादसे में घायल लोगों का अब मिलेगी फ्री इलाज, सरकार ने जारी की Notification

भारत सरकार ने एक नई योजना शुरू की है, जिसमें सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को इलाज के लिए पैसे नहीं देने होंगे।

भारत सरकार ने एक नई योजना शुरू की है, जिसमें सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को इलाज के लिए पैसे नहीं देने होंगे। इस योजना का नाम है कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम (नकद रहित इलाज योजना), और यह 5 मई 2025 से पूरे देश में लागू हो गई है।
इस योजना के तहत, अगर किसी व्यक्ति का एक्सीडेंट मोटर वाहन की वजह से होता है, तो उसे देश के किसी भी हिस्से में इलाज की सुविधा मुफ्त में मिलेगी। इलाज के लिए उसे किसी सरकारी या सरकार द्वारा चुने गए (नामित) अस्पताल में ले जाया जा सकता है।
क्या-क्या मिलेगा इस योजना में:
-सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को हादसे के दिन से 7 दिन तक मुफ्त इलाज मिलेगा।
-इलाज की अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये तक होगी।
-इस इलाज के लिए व्यक्ति को कोई पैसा नहीं देना होगा, सब खर्च सरकार उठाएगी।
NHA को दी गई जिम्मेदारी 
इस योजना को लागू करने की जिम्मेदारी नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) को दी गई है। यह संस्था अस्पतालों, पुलिस और राज्य की स्वास्थ्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगी ताकि योजना को सही ढंग से लागू किया जा सके। यह योजना उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होगी जो सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं और इलाज के खर्च का बोझ नहीं उठा सकते।

हरियाणा को समय रहते अधिक पानी के इस्तेमाल के बारे में बता दिया गया था: Bhagwant Maan

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि हरियाणा को समय रहते चेता दिया गया था कि वह अधिक पानी का इस्तेमाल कर रहा है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि हरियाणा को समय रहते चेता दिया गया था कि वह अधिक पानी का इस्तेमाल कर रहा है और उसे आवंटित पानी का कोटा खत्म हो जाएगा। मान ने भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड (BBMB) को ‘सफेद हाथी’ करार देते हुए इसके पुनर्गठन की भी मांग की।
मुख्यमंत्री पंजाब विधानसभा के एक विशेष सत्र के दौरान नदी जल बंटवारे के मुद्दे पर अपनी सरकार के एक प्रस्ताव पर हो रही चर्चा का जवाब दे रहे थे। पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने हरियाणा को और अधिक पानी देने से इनकार कर दिया है जिसके बाद जल बंटवारे को लेकर विवाद शुरू हो गया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को इस विवाद के उठने के बाद कहना पड़ा कि वह हरियाणा के ‘पानी के समुचित बंटवारे के अधिकार’ की रक्षा करेगी।

Agartala से Ludhiana के बीच रेलवे ने माल परिवहन योजना की शुरू

त्रिपुरा के अगरतला और पंजाब के लुधियाना के बीच एक समर्पित पार्सल कार्गो एक्सप्रेस ट्रेन (PCET) सेवा शुरू की है।

भारतीय रेलवे ने देश के पूर्वोत्तर हिस्से में व्यापार एवं वाणिज्य को बढ़ावा देने के लिए सप्ताह में एक बार माल को गंतव्य तक ले जाने के लिए त्रिपुरा के अगरतला और पंजाब के लुधियाना के बीच एक समर्पित पार्सल कार्गो एक्सप्रेस ट्रेन (PCET) सेवा शुरू की है। उत्तरी सीमांत रेलवे (NFR) के सूत्रों ने बताया कि एनएवीजी लॉजिस्टिक्स ने ट्रेन के संचालन के लिए भारतीय रेलवे से 06 साल का अनुबंध हासिल किया है, जो अगरतला (त्रिपुरा) / गुवाहाटी (असम) / दिल्ली / लुधियाना (पंजाब) को जोड़ेगी, जो कुल 313 यात्राओं के लिए मासिक चार यात्राएं पूरी करेगी और इससे 198 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है।

अगरतला से पहली ट्रेन को 364 टन की शुरुआती वहन क्षमता के साथ रवाना किया गया था, जिसे उत्पादों की मात्रा के आधार पर छह महीने बाद 484 टन तक बढ़ाया जाएगा। ट्रेन 90 घंटे में 2,768 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इस सहयोग का उद्देश्य कार्गो परिवहन में सुधार करना और ग्रीन लॉजिस्टिक्स को बढ़ाना तथा वित्तीय मजबूती को बढ़ाना और भविष्य की परियोजनाओं को समर्थन देना है।

उन्होंने कहा कि कार्गो ट्रेन अगरतला से लुधियाना तक चाय, बांस, प्लास्टिक के दाने, मच्छर भगाने वाली दवा और कुछ FMCG उत्पाद ले जाएगी। यह लुधियाना-दिल्ली-गुवाहाटी-अगरतला से FMCG, साइकिल, होजरी उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम, व्हाइट गुड्स, जूते, उपभोग्य वस्तुएं और सैनिटरी आइटम लाएगी। यह सेवा पूर्वोत्तर क्षेत्र को व्यापक राष्ट्रीय बाजारों के साथ एकीकृत करने में एक प्रमुख मील का पत्थर है, जो स्थानीय उत्पादकों, विशेष रूप से कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में नए लॉजिस्टिक्स अवसर प्रदान करती है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से उत्तर भारत के दूरदराज के बाजारों में खराब होने वाली और वाणिज्यिक वस्तुओं के कुशल परिवहन की सुविधा प्रदान करना

Mock Drill : 7 मई को 244 जिलों में होगी मॉक ड्रिल… गृह मंत्रालय की बैठक में लिए गए बड़े फैसले

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई थी।

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई थी। जिसके बाद केंद्र सरकार ने सुरक्षा तैयारियों को तेज कर दिया है। इस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया है। वहीं बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि 7 मई को मॉक ड्रिल आयोजित किया जाएगा। इस मॉक ड्रिल का मकसद आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षा व्यवस्था का परीक्षण और नागरिकों को प्रशिक्षित करना है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता…
बता दें कि इस मॉक ड्रिल की योजना को लेकर गृह मंत्रालय में एक बड़ी बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता गृह सचिव गोविंद मोहन ने की। यह बैठक खास इसलिए भी रही क्योंकि ऐसी सुरक्षा बैठक लगभग 54 साल बाद हुई है।
244 जिलों में होगा मॉक ड्रिल…
इस मॉक ड्रिल को देश के 244 जिलों में आयोजित किया जाएगा। इन जिलों की सूची पहले ही जारी कर दी गई है। दिल्ली में यह अभ्यास दिल्ली कैंट इलाके में किया जाएगा।
सायरन से लेकर बंकर की सफाई तक के उपाय
गृह मंत्रालय के परिपत्र के अनुसार, मॉक ड्रिल में जो प्रमुख गतिविधियाँ शामिल होंगी, वे हैं…
–हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरनों का संचालन
–नागरिकों को सुरक्षा उपायों का प्रशिक्षण
–बंकरों और खाइयों की साफ-सफाई
–ब्लैकआउट की स्थिति में उपाय
–महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा और निकासी योजना का अभ्यास
वायुसेना और संचार नेटवर्क का परीक्षण भी होगा
ड्रिल में शामिल अन्य गतिविधियाँ…
–वायुसेना के साथ हॉटलाइन और रेडियो लिंक का संचालन
–मुख्य और वैकल्पिक (छाया) नियंत्रण कक्षों की कार्यक्षमता की जांच
–अग्निशमन, होम गार्ड्स और नागरिक सुरक्षा एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी
 भू-राजनीतिक माहौल में खतरे ज्यादा जटिल
गृह मंत्रालय ने साफ कहा है कि मौजूदा वैश्विक स्थिति को देखते हुए नए और जटिल खतरे उभर रहे हैं। ऐसे में देश को हर समय सजग और तैयार रहने की जरूरत है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नागरिक सुरक्षा को लेकर अधिकतम सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
PM मोदी के सख्त संदेश
हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार उच्चस्तरीय बैठकें की हैं। उन्होंने हमलावरों और साजिशकर्ताओं को “दुनिया के आखिरी कोने तक ढूंढकर उनकी कल्पना से भी ज्यादा सजा देने” की बात कही है। इससे यह साफ है कि सरकार सुरक्षा मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं करने वाली है।
देशभर में अभूतपूर्व सुरक्षा अभ्यास
7 मई को होने वाली मॉक ड्रिल एक तरह से देशभर में अभूतपूर्व सुरक्षा अभ्यास होगा, जो यह सुनिश्चित करेगा कि भारत किसी भी तरह की आतंकी घटना या आपातकालीन स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।

India Pakistan Row: हवाई हमला हुआ तो नागरिक क्या करें? जानें Important Guidelines

भारत-पाकिस्तान युद्ध की आशंका में अगर आगरा या किसी भी शहर पर हवाई हमला होता है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद से देश में युद्ध जैसी स्थितियां पैदा हो गई हैं। केंद्र सरकार ने बुधवार को देश के सभी राज्यों में मॉक ड्रिल करवाने का ऐलान किया है। गृह मंत्रालय की तरफ से राज्यों को कुछ प्रमुख बिंदुओं पर फोकस करने के लिए कहा गया है। इससे साफ-साफ जाहिर हो रहा है कि मोदी सरकार पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।
इसलिए, वे सभी देशवासियों, छात्र-छात्राओं समेत नागरिकों को अपनी सुरक्षा के लिए उपाय बता रही हैं। अगर भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान आगरा या किसी भी शहर पर हवाई हमला होता है, तो नागरिकों को अपनी सुरक्षा के लिए तुरंत और सही कदम उठाने चाहिए। नीचे कुछ जरूरी सावधानियां और बचाव के उपाय दिए गए हैं।

हवाई हमले के दौरान नागरिकों को क्या करना चाहिए

1. सायरन बजते ही तुरंत शरण लें:

नजदीकी बंकर या सुरक्षित आश्रय स्थल में जाएं।
अगर बंकर न हो तो पक्के मकान के बेसमेंट, बाथरूम या सीढ़ियों के नीचे छिपें।
2. बिजली और गैस बंद करें:
सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, गैस सिलेंडर आदि बंद कर दें ताकि आग लगने का खतरा न हो।
3. खिड़कियां और दरवाज़े बंद करें:
खिड़कियों पर मोटे कपड़े या गद्दे लगा दें ताकि कांच के टूटने से बचा जा सके।
4. जमीन पर लेट जाएं और सिर ढकें:
अगर खुले में हैं और कहीं छिपने की जगह नहीं है, तो जमीन पर लेटकर सिर पर बैग या हाथ रखें।
5. सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें:
टीवी, रेडियो या मोबाइल पर सरकारी अलर्ट और निर्देशों का पालन करें।
6. आपातकालीन किट तैयार रखें:
जैसे- प्राथमिक चिकित्सा किट, पीने का पानी, सूखा भोजन, टॉर्च और बैटरियां और जरूरी दस्तावेज और नकदी।
7. अफवाहों पर ध्यान न दें:
केवल सरकारी स्रोतों या विश्वसनीय समाचार चैनलों से ही जानकारी लें।
विशेष सुझाव आगरा के लिए
  • ताजमहल और पर्यटन स्थलों से दूर रहें, क्योंकि ये संभावित टारगेट हो सकते हैं।
  • रेलवे स्टेशन, एयरफोर्स बेस, और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूरी बनाएं।

‘रूस में फंसे भारतीयों को छुड़ाए विदेश मंत्रालय’, परिजनों को अधिकारियों से मिला आश्वासन

रूस और यूक्रेन जंग के दौरान रूसी आर्मी में भर्ती हुए या लापता हुए पारिवारिक सदस्य विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर राजेश पांडे से मिले।

भारतीय विदेश मंत्रालय को आज रूस और यूक्रेन जंग के दौरान रूसी आर्मी में भर्ती हुए या लापता हुए पारिवारिक सदस्य मिले और 1 घंटे तक विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर राजेश पांडे और अन्य अधिकारियों के साथ उनकी बातचीत हुई। इस मीटिंग में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने पारिवारिक सदस्यों को आश्वासन दिया कि भारत सरकार द्वारा उनकी पूरी मदद की जाएगी। फिलहाल, जब तक जंग चल रही है, तब तक हालात के तहत कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहते हैं परिवार के सदस्य?
पारिवारिक सदस्यों ने फर्जी ट्रैवल एजेंटों के बारे में जानकारी दी और सबूत विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को दिए। जालंधर के जगदीप ने बताया कि विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि इस मामले को लेकर वे कार्रवाई करेंगे। वहीं, विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि जंग के दौरान रूसी आर्मी में भर्ती हुए या लापता हुए लोगों का पता लगवाने की कोशिश करेंगे। रूस-यूक्रेन जंग में रूसी आर्मी में काम करके आए अमृतसर के सरबजीत सिंह ने वहां के हालात को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए।
कोई सहायता न मिलने को लेकर भी शिकायत
रूस जाकर आए पारिवारिक सदस्यों ने भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को रूस, मास्को, भारतीय एंबेसी से किसी प्रकार की कोई सहायता नहीं मिलने को लेकर भी शिकायत की। पंजाब के जालंधर, अमृतसर और मलेरकोटला के पारिवारिक सदस्यों सहित बाकी राज्यों के पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि उनके नौजवान रूस-यूक्रेन जंग के दौरान फंसे हुए हैं, जिनके बारे में अभी तक अता-पता नहीं लग पाया है। हालांकि, विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि रूस-यूक्रेन जंग में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
2024 अप्रैल के महीने में गए थे रूस
अमृतसर के सरबजीत सिंह ने बताया कि वह रूस-यूक्रेन में रूसी आर्मी में भर्ती हुए थे। अमृतसर के सरबजीत सिंह ने बताया कि अप्रैल के महीने 2024 को वह रूस गए थे और उन्हें एक एजेंट द्वारा यह बात करके भेजा गया था कि वहां कोरियर का काम किया जाएगा, लेकिन उन्हें रूसी आर्मी में भर्ती करवा दिया गया। सरबजीत ने कहा कि वहां के हालात का सामना करते हुए बड़ी मुश्किल से भारत वापस आए हैं। मोदी सरकार का शुक्रिया अदा करते हैं, जिनके कारण यह संभव हो पाया। उन्होंने बताया कि वहां पर अभी तक कई लोग लापता हैं और आज विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात हुई है और उन्होंने उनका सहयोग करने का आश्वासन दिया है, लेकिन वह सरकार से अपील करते हैं कि जो लोग वहां पर लापता हुए हैं या रूसी आर्मी में भर्ती हुए हैं, उन्हें जल्द से जल्द वापस लाया जाए।