Wednesday, September 30, 2026
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ईडी के छापे सिर्फ उन राज्यों में क्यों मारे जा रहे हैं जहां भाजपा की सरकार नहीं है- CM Bhagwant Mann

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मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के आवास पर एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार ईडी की रेड के दौरान कुछ भी हाथ नहीं लगा।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज आम आदमी पार्टी के नेताओं पर इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) द्वारा बार-बार छापेमारी के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों के जरिए डराने-धमकाने और बदले की राजनीति के हथकंडों के आगे पंजाब कभी नहीं झुकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के आवास पर एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार ईडी की रेड के दौरान कुछ भी हाथ नहीं लगा। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि ऐसी छापेमारी सिर्फ उन राज्यों में क्यों की जा रही है जहां भाजपा सत्ता में नहीं है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मोदी सरकार का असली इरादा काला धन की वसूली नहीं, बल्कि विपक्षी नेताओं पर दबाव डालकर उन्हें भाजपा में शामिल करवाना है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जहां जांच एजेंसियों की कार्रवाई का सामना कर रहे नेता बाद में भाजपा में शामिल हो गए और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त कर लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुओं और शहीदों की धरती वाला राज्य पंजाब, औरंगजेब के जुल्मों के आगे भी नहीं झुका। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगे भी नहीं झुकेगा और यह भी कहा कि भाजपा-ईडी गठजोड़ का पतन पंजाब से ही शुरू होगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), इनकम टैक्स विभाग और यहां तक कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाएं अब निष्पक्ष रूप से काम नहीं कर रही हैं, बल्कि गैर-भाजपा शासित राज्यों, खासकर पंजाब को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए निशाना बनाया जा रहा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने इन संस्थाओं को नेताओं, कारोबारियों और जनप्रतिनिधियों को धमकाने के लिए राजनीतिक दमन के साधनों में बदल दिया है। उन्होंने कहा, “अपनी ड्यूटी निष्पक्षता से निभाने की बजाय इन संस्थाओं का इस्तेमाल अब राजनीतिक हिसाब-किताब तय करने और लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकारों को अस्थिर करने के लिए किया जा रहा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने पूरे देश में यही तरीका अपनाया है जहां छापेमारी भ्रष्टाचार उजागर करने या काला धन वापस लाने के लिए नहीं, बल्कि लोगों पर राजनीतिक दबाव बनाने के लिए की जाती है। उन्होंने कहा, “भाजपा का संदेश साफ है- या तो भाजपा में शामिल हो जाओ या छापेमारी और जांच के जरिए परेशानी का सामना करो।”
राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल के हालिया मामले का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनके आवास, यूनिवर्सिटी और व्यावसायिक संस्थानों पर दो दिनों तक छापेमारी की गई। उन्होंने सवाल किया, “जिस पल वे भाजपा में शामिल हुए, छापेमारी बंद हो गई और इसके बजाय उन्हें केंद्र से सुरक्षा प्रदान की गई। क्या यह एजेंसियों की राजनीतिक दुरुपयोग की ज्वलंत मिसाल नहीं है?”
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि ऐसी चालें पंजाब में कभी सफल नहीं होंगी। उन्होंने कहा, “हम अपनी शुरुआत से ही विरोधी हालातों का सामना कर रहे हैं। पंजाब ने कभी धमकियों के आगे नहीं झुका है और न कभी झुकेगा।”
कैबिनेट मंत्री और कारोबारी संजीव अरोड़ा के आवास पर ईडी की कार्रवाई का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बार-बार छापों से कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा, “यह राजनीतिक रूप से प्रेरित छापेमारी सिर्फ डर पैदा करने, दबाव बनाने और राजनीतिक विरोधियों की बाजू मरोड़ने के लिए है, लेकिन पंजाब ऐसी चालों के आगे नहीं झुकेगा।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब गुरुओं, संतों-महापुरुषों और महान शहीदों की पवित्र धरती है। यह धरती औरंगजेब के जाबर के आगे नहीं झुकी और न ही मोदी के आगे झुकेगी।” उन्होंने आगे कहा कि ईडी और भाजपा के बीच “अनैतिक गठजोड़” का अंत पंजाब से ही शुरू होगा।
मुख्यमंत्री ने आगे सवाल किया कि ईडी के छापे मुख्य रूप से विपक्षी सरकार वाले राज्यों में ही क्यों किए जाते हैं जबकि भाजपा शासित राज्य इससे बाहर रहते हैं। उन्होंने बताया कि जब से ‘आप’ सरकार ने बेअदबी विरोधी सख्त कानून पास किया है, भाजपा भड़क गई है और राज्य की नेतृत्व को डराने की अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। उन्होंने कहा, “एक साल में तीसरी बार संजीव अरोड़ा के घर छापेमारी की गई है। पहले भी कुछ नहीं मिला था और अब भी कुछ नहीं मिलेगा।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाबियों ने मोदी सरकार को तीन काले कृषि कानून रद्द करने के लिए मजबूर किया था और अब केंद्र पंजाबियों को तंग-परेशान, बदनाम और निशाना बनाकर बदला लेने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, “इन ईडी छापों का उद्देश्य वसूली नहीं, बल्कि नेताओं को भाजपा में शामिल करने के लिए राजनीतिक दबाव है।” मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब के पास जुल्म का विरोध करने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने की शानदार विरासत है।
उन्होंने आगे कहा कि दबाव की राजनीति कहीं और काम कर सकती है, लेकिन पंजाब कभी धमकियों या जबरदस्ती के आगे नहीं झुकेगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने जालिम ताकतों को हमेशा मुंह तोड़ जवाब दिया है और यहां के लोग जानते हैं कि चुनौतीपूर्ण हालात में भी अपने अधिकारों और मान-सम्मान की रक्षा कैसे करनी है। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र ने चंडीगढ़, भाखड़ा, नदियों के पानी और पंजाब यूनिवर्सिटी सहित महत्वपूर्ण मुद्दों पर पंजाब के साथ लगातार भेदभाव किया है।
उन्होंने कहा, “केंद्र ने पंजाब का आरडीएफ फंड सहित हजारों करोड़ रुपए के फंड रोके हुए हैं ताकि पंजाब के विकास की रफ्तार को प्रभावित किया जा सके।” मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और सीमाओं की सुरक्षा में पंजाब के बेमिसाल योगदान के बावजूद राज्य को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “पंजाब राष्ट्रीय पूल में गेहूं और चावल की बड़ी मात्रा में योगदान देकर देश का पेट भरता है, जबकि पंजाबी युवा बेमिसाल हिम्मत और कुर्बानी के साथ देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं।” फूट डालो राजनीति का सख्त विरोध करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब का सामाजिक ताना-बाना साम्प्रदायिक सद्भावना, भाईचारे की साझ और आपसी सम्मान पर टिका हुआ है। उन्होंने कहा, “पंजाब की उपजाऊ मिट्टी में नफरत के अलावा कुछ भी नहीं उग सकता। यहां राजनीतिक लाभ के लिए हिंदू और सिखों को बांटने की कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी।”
बेअदबी विरोधी कानून पर दृढ़ स्टैंड लेते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी और सभी धार्मिक ग्रंथों की पवित्रता व सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि हाल ही में लागू किया गया बेअदबी विरोधी कानून केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के लिए सख्त सजा सुनिश्चित करने के लिए लाया गया था। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेअदबी विरोधी कानून को दुनिया भर की संगतों से भारी समर्थन मिला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ “एक खास परिवार” बेअदबी की पिछली घटनाओं में अपनी संलिप्तता के कारण इस कानून का विरोध कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा, “जो लोग दावा कर रहे हैं कि पंथ ने इस कानून को रद्द कर दिया है, उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि लाखों लोग इसका समर्थन क्यों कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि कुछ लोग संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए आम लोगों को गुमराह कर रहे हैं और कानून के आस पास अनावश्यक उलझन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
अपनी सरकार की स्थिति स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बेअदबी विरोधी कानून पहले ही संवैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद लागू किया जा चुका है।
उन्होंने कहा, “राज्यपाल ने एक्ट को मंजूरी दे दी है। इस कानून को वापस लेने का सवाल ही पैदा नहीं होता।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह कानून लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद बनाया गया था और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा के लिए कोई समझौता नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि सख्त बेअदबी विरोधी कानून की मांग करते हुए लगभग डेढ़ साल से विरोध प्रदर्शन और धरने जारी थे।
उन्होंने कहा कि आज कानून का विरोध करने वाले कई सिख बुद्धिजीवियों और विद्वानों ने पहले भी बेअदबी की घटनाओं के खिलाफ सख्त कानून की मांग की थी। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जुलाई 2007 में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने खुद एक प्रस्ताव पास करके सरकार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की रक्षा और सम्मान के लिए कानून बनाने का अधिकार दिया था।
विरोधी पक्ष के बदलते स्टैंड पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पूछा कि जिन लोगों ने पहले विधायी हस्तक्षेप का समर्थन किया था, वे अब यह कैसे दावा कर रहे हैं कि सरकार ऐसा कानून नहीं बना सकती। उन्होंने कहा कि ऐसे नेता ‘बराबर अथॉरिटी’ चलाने की कोशिश कर रहे हैं और संवेदनशील धार्मिक मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं।
दबाव के तहत बेअदबी विरोधी कानून रद्द नहीं करेगा पंजाब; “शुक्राना यात्रा” को बड़े स्तर पर मिले हुंकारे से ध्यान हटाने की कोशिशें की जा रही हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
बेअदबी विरोधी कानून के खिलाफ मीटिंगों और विरोध प्रदर्शनों की धमकी देने वाले बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर लोकतांत्रिक समूह को मीटिंग करने का अधिकार है, लेकिन उन्होंने दृढ़ता से कहा कि किसी भी दबाव के तहत कानून को रद्द नहीं किया जाएगा। अपनी चल रही “शुक्राना यात्रा” पर सवालों के जवाब में, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आरोप लगाया कि ईडी के छापे, नोटिस और विवाद जानबूझकर यात्रा के साथ-साथ किए जा रहे हैं ताकि मीडिया का ध्यान पूरे पंजाब में मिल रहे भारी जनसमर्थन से हटाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने भाजपा की “तानाशाही मानसिकता” की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा जनजीवन के हर क्षेत्र, संस्थाओं से लेकर संस्कृति और सार्वजनिक भाषण तक को नियंत्रित करना चाहती है।
उन्होंने पंजाब को डर या अस्थिरता की ओर धकेलने की किसी भी कोशिश के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाबी ऐसी राजनीति का एकजुट होकर जवाब देंगे।
‘एक्स’ पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार देश के संवैधानिक ढांचे को कमजोर कर रही है। भाजपा अपने राजनीतिक हितों के लिए सीबीआई, ईडी, इनकम टैक्स विभाग और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं का लगातार दुरुपयोग कर रही है।”
“ईडी के छापे सिर्फ उन राज्यों में ही क्यों मारे जा रहे हैं जहां भाजपा सत्ता में नहीं है? यह सीधा लोकतंत्र का कत्ल है। पंजाबियों के खिलाफ नफरत और भेदभाव की राजनीति की जा रही है। हमें डराने और धमकाने के लिए हर रोज नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
मैं एक बात बिल्कुल स्पष्ट करना चाहता हूं: पंजाब गुरुओं और संतों-महापुरुषों की धरती है। इस उपजाऊ मिट्टी में हर बीज उग सकता है, लेकिन नफरत का बीज यहां कभी जड़ नहीं पकड़ सकता।” एक्स पोस्ट पर उन्होंने कहा, “असल में बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून पास होने के बाद भाजपा बुरी तरह बौखलाई हुई है। पंजाब के लोगों के साथ ऐसी खेलें खेलना बंद करो। यह तानाशाही रवैया यहां काम नहीं करेगा। हम पूरी ईमानदारी से लोगों की सेवा करते रहेंगे। न तो हम झुकेंगे, न ही रुकेंगे।”

IPL 2026: प्लेऑफ की रेस से बाहर हुई ये 2 टीमें, बची टीमों की पॉइंट्स टेबल पर क्या है स्थिति? जानें

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आईपीएल 2026 में रविवार को दो दमदार मुकाबले खेले गए।

पहले मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को 5 विकेट से हराया, जबकि दूसरे मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने मुंबई इंडियंस (MI) को मात दी। MI के खिलाफ मिली जीत के साथ ही RCB अंक तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है।
RCB के अब 11 मुकाबलों में 14 अंक हो गए हैं और टीम का नेट रन रेट +1.103 हो गया है। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में RCB ने मुंबई इंडियंस को 2 विकेट से हराया। पहले बल्लेबाजी करते हुए MI ने 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 166 रन बनाए। MI की ओर से तिलक वर्मा ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 42 गेंदों में 57 रनों की दमदार पारी खेली। वहीं, नमन धीर ने 32 गेंदों में 47 रनों का योगदान दिया।
क्रुणाल पांड्या बने RCB की जीत के नायक
हालांकि, RCB ने 167 रनों के लक्ष्य को मैच की आखिरी गेंद पर 8 विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। RCB की जीत के नायक क्रुणाल पांड्या रहे, जिन्होंने 46 गेंदों में 73 रनों की शानदार पारी खेली। वहीं, गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार ने 23 रन देकर 4 विकेट झटके। RCB की जीत से सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को नुकसान हुआ है और टीम अब अंक तालिका में दूसरे स्थान पर खिसक गई है। SRH के भी कुल 14 अंक हैं, लेकिन RCB का नेट रन रेट उनसे बेहतर है। गुजरात टाइटंस 14 अंकों के साथ तीसरे नंबर पर काबिज है। वहीं, पंजाब किंग्स 13 अंकों के साथ अंक तालिका में चौथे स्थान पर है।
MI की सीजन में 8वीं हार
RCB के खिलाफ मिली हार के साथ ही मुंबई इंडियंस प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई है। MI को टूर्नामेंट के 11वें मुकाबले में 8वीं हार का सामना करना पड़ा। वहीं, रविवार के पहले मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 5 विकेट से हराया। LSG ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 203 रन बनाए। टीम की ओर से जोश इंग्लिस ने 33 गेंदों में 85 रनों की धमाकेदार पारी खेली।
उर्विल पटेल की धमाकेदार पारी
हालांकि, CSK ने 204 रनों के लक्ष्य को 19.2 ओवर में 5 विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। उर्विल पटेल ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों में 65 रनों की दमदार पारी खेली। वहीं, कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने 28 गेंदों में 42 रन बनाए।
LSG भी हुई बाहर
CSK के खिलाफ मिली हार के साथ ही लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए भी प्लेऑफ के दरवाजे बंद हो गए हैं। LSG को 11वें मुकाबले में 8वीं हार का सामना करना पड़ा। वहीं, जीत के साथ CSK 12 अंकों के साथ अंक तालिका में पांचवें नंबर पर पहुंच गई है। राजस्थान रॉयल्स को CSK की जीत से नुकसान हुआ है और टीम छठे नंबर पर खिसक गई है। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) सातवें स्थान पर बनी हुई है, जबकि दिल्ली कैपिटल्स अंक तालिका में आठवें नंबर पर काबिज है।

श्री मुक्तसर साहिब में आज लोगों से संवाद करेंगे CM भगवंत मान, गांव साहिब चंद में लगेगी चौपाल

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मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर इलाके में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

 मुख्यमंत्री भगवंत मान आज श्री मुक्तसर साहिब जिले के गिद्दड़बाहा विधानसभा क्षेत्र के गांव साहिब चंद का दौरा करेंगे। यहां वह चौपाल कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से सीधा संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रविवार शाम करीब पांच बजे आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर इलाके में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है।
लोगों की समस्याएं सुनेंगे मुख्यमंत्री
चौपाल कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सीधे तौर पर लोगों की समस्याएं सुनेंगे और विकास कार्यों को लेकर चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि इस मौके पर राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और अब तक किए गए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया जा सकता है।
पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार अलग-अलग जिलों में जाकर जनता से संवाद स्थापित कर रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य गांवों और कस्बों में लोगों की समस्याओं को मौके पर समझना और उनका समाधान सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।
गिद्दड़बाहा क्षेत्र में बढ़ी राजनीतिक हलचल
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर गिद्दड़बाहा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। स्थानीय नेताओं और पार्टी समर्थकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार जनता के साथ सीधा संपर्क मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
विकास कार्यों पर रहेगा फोकस
मुख्यमंत्री पहले भी कई बार यह कह चुके हैं कि पंजाब सरकार गांवों और शहरों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि आज के कार्यक्रम में सड़क, पानी, स्वास्थ्य,  शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है।

MP अमृतपाल सिंह की आज अमृतसर कोर्ट में पेशी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होंगे शामिल

सरकारी पक्ष अदालत में अमृतपाल की मांग का विरोध कर सकता है।

 खडूर साहिब से सांसद और ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह की आज अमृतसर की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी होने जा रही है। फिलहाल वे असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। यह मामला 2023 में अजनाला थाने के बाहर हुए प्रदर्शन और हिंसा से जुड़ा हुआ है, जिसने उस समय पूरे पंजाब की राजनीति और कानून-व्यवस्था को प्रभावित किया था।
23 अप्रैल को हुई थी पिछली सुनवाई
पिछली सुनवाई के दौरान अमृतपाल सिंह की ओर से अदालत में एक डिस्चार्ज याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में दावा किया गया है कि उनके खिलाफ इस मामले में पर्याप्त सबूत मौजूद नहीं हैं और उन्हें राजनीतिक कारणों से केस में फंसाया गया है।
सरकारी पक्ष अदालत में अमृतपाल की मांग का विरोध कर सकता है। जांच एजेंसियों और पुलिस का कहना है कि अजनाला थाने के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस बैरिकेड तोड़ने, हथियार लहराने और कानून-व्यवस्था बाधित करने के आरोप लगाए गए थे। मामले में कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किए गए थे।
2023 में भेजा गया था डिब्रूगढ़ जेल
गौरतलब है कि फरवरी 2023 में अमृतपाल सिंह के समर्थकों ने अजनाला थाने के बाहर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया था। उस समय पुलिस हिरासत में लिए गए एक समर्थक की रिहाई को लेकर भारी भीड़ थाने पहुंची थी। घटना के बाद पंजाब पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई करते हुए अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार कर असम की डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया गया था।

PM मोदी की सलाह के बाद गिरे Gold रेट, जानें आज कितना सस्ता हुआ 24 कैरेट

देशभर में सोने और चांदी के दामों में बीते सप्ताह जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

वहीं सप्ताह के अंत तक कीमतों में तेज रिकवरी भी दर्ज की गई। हालांकि नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत हल्की गिरावट के साथ हुई है। 11 मई 2026 को दिल्ली, मुंबई समेत कई बड़े शहरों में सोना सस्ता हुआ है, जबकि चांदी के दामों में भी मामूली कमी दर्ज की गई है।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील ने बाजार में नई चर्चा छेड़ दी है। हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने लोगों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए कई कदम अपनाने की अपील की। उन्होंने गैर-जरूरी विदेशी यात्राएं कम करने, ईंधन की बचत करने और एक साल तक सोना न खरीदने की सलाह दी। माना जा रहा है कि सरकार वैश्विक ऊर्जा संकट, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच आर्थिक दबाव कम करने की रणनीति पर काम कर रही है।
Gold silver price todayGold silver price today
प्रमुख शहरों में आज का गोल्ड रेट
राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 250 रुपये सस्ता होकर 1,52,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं 22 कैरेट सोने का भाव 1,39,800 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में भी कीमतों में करीब 200 रुपये तक की गिरावट देखी गई।
चेन्नई में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, जहां 24 कैरेट सोने की कीमत 300 रुपये घटकर 1,54,370 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। वहीं अहमदाबाद, जयपुर और लखनऊ जैसे शहरों में भी सोना सस्ता हुआ है।
चांदी की कीमत में भी हल्की गिरावट
चांदी के दामों में भी आज हल्की नरमी देखने को मिली। देश में चांदी का औसत रेट करीब 2,74,900 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया, जो पिछले दिन के मुकाबले लगभग 100 रुपये कम है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में यही भाव चल रहा है, जबकि चेन्नई और हैदराबाद में चांदी की कीमत 2,80,000 रुपये प्रति किलो पर स्थिर बनी हुई है।
क्यों दबाव में हैं सोने के दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी की अपील का असर सीधे बाजार की मानसिकता पर पड़ा है। भारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है, ऐसे में अगर खरीदारी में कमी आती है तो कीमतों पर असर पड़ना स्वाभाविक है।
इसके अलावा बाजार में यह अटकलें भी तेज हैं कि सरकार सोने के आयात पर शुल्क बढ़ा सकती है। इसी डर से कई निवेशक फिलहाल मुनाफावसूली कर रहे हैं और अपनी होल्डिंग कम कर रहे हैं। यही वजह है कि रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद अब सोने की कीमतों पर दबाव दिखाई दे रहा है।
विश्लेषकों के मुताबिक आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल और कच्चे तेल की कीमतें तय करेंगी कि सोना और चांदी आगे किस दिशा में जाते हैं।

Tarantaran में अफ्रीकी महिला हेरोइन समेत गिरफ्तार:अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत 15 करोड़, नौकरी के लिए आई थी भारत

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पुलिस ने महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

तरनतारन पुलिस के सीआईए स्टाफ ने एक अफ्रीकी महिला को 3 किलोग्राम हेरोइन और वैगन आर कार के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 15 करोड़ रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक विदेशी अफ्रीकी महिला सीमावर्ती क्षेत्र में हेरोइन की खेप लेने आई है। इस जानकारी के आधार पर एसएसपी सुरिंदर लांबा ने जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया था। इस दौरान, बाईपास के पास नाकाबंदी के दौरान सीआईए स्टाफ पुलिस ने उत्तर प्रदेश नंबर की एक वैगन आर कार को रुकने का इशारा किया।
तलाशी लेने पर कार से 3 किलोग्राम हेरोइन बरामद
कार को एक महिला चला रही थी। तलाशी लेने पर कार से 3 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई। गिरफ्तार महिला की पहचान बेला के रूप में हुई है, जो नाइजीरिया (अफ्रीका) के डेल्टा स्टेट, जोम्बा की रहने वाली है। वर्तमान में दिल्ली के संडे बाजार में रह रही थी।
ड्रग तस्करी के जाल में फंसी महिला
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार महिला नौकरी के लिए भारत आई थी, लेकिन बाद में वह ड्रग तस्करी के जाल में फंस गई। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसने तरनतारन जिले के सीमावर्ती इलाकों से पहले हेरोइन की कितनी खेप ली है। दोपहर में जिले के एसएसपी सुरिंदर लांबा इस मामले में और जानकारी साझा करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं।

कौन है ये शख्स? पं. बंगाल में खुले मंच पर PM मोदी ने छुए पैर, BJP से है खास नाता

बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में अनोखा नजारा देखने को मिला।

पश्चिम बंगाल में भाजपा के सबसे पुराने और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में गिने जाने वाले 98 वर्षीय माखनलाल सरकार इन दिनों चर्चा में हैं। हाल ही में पश्चिम बंगाल में भाजपा के एक शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर माखनलाल सरकार को गले लगाया और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस भावुक पल ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
माखनलाल सरकार उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा को शुरुआती दौर में मजबूत करने के लिए लंबे समय तक काम किया। जब राज्य में भाजपा का संगठन बहुत छोटा था, तब उन्होंने गांव-गांव जाकर पार्टी को लोगों तक पहुंचाने का काम किया।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कश्मीर आंदोलन में रहे शामिल

माखनलाल सरकार का राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़ाव कई दशकों पुराना है। साल 1952 में जब श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर में तिरंगा फहराने और विशेष व्यवस्था के विरोध में आंदोलन शुरू किया था, तब माखनलाल सरकार भी उनके साथ थे। इस आंदोलन के दौरान उन्हें कश्मीर में गिरफ्तार भी किया गया था। उस समय यह आंदोलन देशभर में काफी चर्चा में रहा था और इसमें शामिल कार्यकर्ताओं को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।

भाजपा को मजबूत बनाने में निभाई बड़ी भूमिका

साल 1980 में जब बीजेपी की स्थापना हुई, तब माखनलाल सरकार को पश्चिम बंगाल में संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई। उन्हें पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों का संगठनात्मक समन्वयक बनाया गया। उन्होंने लगातार मेहनत करके बहुत कम समय में हजारों लोगों को पार्टी से जोड़ा। बताया जाता है कि केवल एक साल के अंदर उन्होंने करीब 10 हजार नए सदस्य भाजपा में शामिल करवाए थे।

लगातार सात साल तक रहे जिलाध्यक्ष

माखनलाल सरकार ने साल 1981 से लगातार सात वर्षों तक जिलाध्यक्ष के रूप में काम किया। उस समय भाजपा में किसी नेता का लंबे समय तक एक ही पद पर बने रहना बहुत दुर्लभ माना जाता था। आमतौर पर नेताओं का कार्यकाल दो साल से ज्यादा नहीं होता था।उनकी संगठन क्षमता और पार्टी के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें लगातार जिम्मेदारी दी जाती रही।

पीएम मोदी ने दिया सम्मान

98 साल की उम्र में भी माखनलाल सरकार भाजपा के पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं के प्रतीक माने जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंच पर उन्हें सम्मान देना यह दिखाता है कि पार्टी अपने पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं के योगदान को आज भी याद रखती है।

West Bengal के नए CM बने शुभेंदु अधिकारी, दिलीप-अग्निमित्रा समेत 5 नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है।

पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी का सीएम बन गया है। 15 साल से चल रहे ममता का शासन खत्म होने के बाद पहली बार बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल की है। बीजेपी ने बंगाल में 200 से ज्यादा जीत जीती हैं। बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता बनाया था। आज शुभेंदु ने बंगाली भाषा में ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सीएम पद की शपथ ली। इस मौके पर पीएम समेत, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई राज्यों के मुख्य मंत्री शामिल रहे।
शुभेंदु अधिकारी के अलावा दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू, निसिथ प्रमाणिक ने मंत्री पद की शपथ ली है। पिछले तीन दशकों से सक्रिय शुभेंदु अधिकारी आज राज्य की राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में गिने जाते हैं। जनसंपर्क, संगठन क्षमता और प्रशासनिक अनुभव के दम पर उन्होंने बंगाल की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है।

नए सीएम के पास 20 सालों का है अनुभव

शुभेंदु अधिकारी के पास 20 वर्षों से अधिक का विधायी अनुभव है। वे दो बार लोकसभा सांसद, तीन बार विधायक रह चुके हैं। इसके अलावा वे पिछले पांच वर्षों तक पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा चुके हैं। स्थानीय निकाय राजनीति में भी उनका लंबा अनुभव रहा है, जहां वे तीन बार पार्षद और कांथी नगरपालिका के चेयरमैन रहे।
प्रशासनिक स्तर पर भी शुभेंदु अधिकारी का अनुभव काफी व्यापक माना जाता है। वे परिवहन और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। साथ ही उन्होंने हुगली रिवर ब्रिज कमीशन के चेयरपर्सन के रूप में भी काम किया।
हल्दिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन के तौर पर एक दशक से अधिक समय तक काम करते हुए उन्होंने औद्योगिक शहर हल्दिया के विकास में अहम भूमिका निभाई। औद्योगिक ढांचे और बुनियादी विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है।
शुभेंदु अधिकारी सहकारी आंदोलन से भी लंबे समय से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कृषि ग्रामीण बैंक, कांथी अर्बन कोऑपरेटिव और विद्यासागर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक जैसे संस्थानों में चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाली।
वे कांथी के प्रसिद्ध अधिकारी परिवार से आते हैं, जिसका स्वतंत्रता आंदोलन में विशेष योगदान रहा है। उनके पूर्वज बिपिन अधिकारी और केनाराम अधिकारी उस दौर के प्रमुख राष्ट्रवादी नेताओं में शामिल थे और बंगाल के कई स्वतंत्रता सेनानियों के साथ मिलकर काम किया था।
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बिपिन अधिकारी को ब्रिटिश शासन द्वारा जेल भी जाना पड़ा था। इतना ही नहीं, अंग्रेजों ने अधिकारी परिवार के घर को दो बार आग के हवाले कर दिया था। राजनीतिक अनुभव, प्रशासनिक पकड़ और लंबे जनाधार के चलते शुभेंदु अधिकारी अब पश्चिम बंगाल की राजनीति के नए सत्ता केंद्र के रूप में देखे जा रहे हैं।

Airport पर खाली हाथ चली गर्लफ्रेंड, तीन बैग उठाकर पीछे-पीछे चलते दिखे अर्शदीप, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

IPL 2026 के दौरान अर्शदीप सिंह एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।

इस बार वजह उनका प्रदर्शन नहीं, बल्कि एयरपोर्ट पर सामने आया एक वीडियो है, जिसमें वह अपनी कथित गर्लफ्रेंड समरीन कौर के साथ नजर आए। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच बहस का विषय बन गया है।
वायरल वीडियो में अर्शदीप सिंह को एयरपोर्ट पर पंजाब किंग्स टीम के साथ देखा गया। बताया जा रहा है कि टीम दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच के लिए रवाना हो रही थी। वीडियो में अर्शदीप अपने साथ तीन बड़े बैग लेकर चलते दिखाई दे रहे हैं, जबकि समरीन कौर के हाथ में केवल एक छोटा हैंडबैग और बोर्डिंग पास नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और अन्य जगहों पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया।
सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस
कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि अगर रिश्तों में बराबरी की बात की जाती है, तो फिर सारा सामान केवल अर्शदीप सिंह ही क्यों उठा रहे हैं। कई पोस्ट इसे ‘इक्वेलिटी’ यानी समानता के मुद्दे से जोड़कर रहे हैं। एक वायरल पोस्ट में लिखा गया कि अर्शदीप तीन भारी बैग लेकर चल रहे हैं, जबकि समरीन के पास सिर्फ हल्का बैग है। क्या यही बराबरी है? वहीं कई लोगों ने अर्शदीप का समर्थन भी किया है। एक यूजर ने लिखा- इसे केयर और सम्मान कहते हैं। अगर कोई अपने साथी का सामान उठा रहा है तो इसमें गलत क्या है? दूसरे यूजर ने कहा- जब मैं अपनी मां, बहन या पार्टनर के साथ यात्रा करता हूं, तब मैं भी ज्यादा सामान खुद उठाता हूं। यह बिल्कुल सामान्य बात है।

जालंधर में आज रहेगा बिजली कट:सुबह 10 बजे से गांवों में 4 घंटे तक ठप रहेगी सप्लाई, 11 KV फीडरों पर की जाएगी मरम्मत

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जालंधर के ग्रामीण और बाहरी उप-मंडलों के बिजली उपभोक्ताओं को आज बिजली कट का सामना करना पड़ेगा।

पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) द्वारा बिजली नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण और आगामी भीषण गर्मी के सीजन को देखते हुए लाइनों के रखरखाव का कार्य किया जाना है। इस तकनीकी मरम्मत के कारण 9 मई 2026 को क्षेत्र के कई बड़े गांवों और संबंधित मोहल्लों में सुबह से दोपहर तक बिजली की कटौती लागू रहेगी।
पावरकॉम की तरफ से बताया गया है कि धनाल कलां के पूरे गांव और आसपास के खेतों में लगे वाटर पंपों की सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी। इसी प्रकार, अलीपुर के रिहायशी इलाकों और स्थानीय बाजारों में भी बिजली गुल रहेगी। ननगल पुरदल फीडर से जुड़े सभी घरों और वहां स्थित छोटे उद्योगों को भी इस अवधि में बिना बिजली के रहना होगा। साथ ही, कादियां और इसके साथ लगने वाली बस्तियों व डेरों में भी सुबह 10 बजे से बिजली की आपूर्ति बाधित रहेगी।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह शटडाउन सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ाने और तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए लिया गया है। पावरकाम के अधिकारियों ने कहा कि बिजली कट से पहले लोग अपने जरूरी काम निपटा लें।
कुल 4 घंटे तक आपूर्ति बाधित रहेगी।
कुल 4 घंटे तक आपूर्ति बाधित रहेगी।
सुबह 10 बजे लगेगा कट
उपभोक्ताओं को सूचित किया गया है कि वे समय और डेट का विशेष ध्यान रखें, ताकि उन्हें दैनिक कार्यों में असुविधा न हो। यह बिजली कटौती शनिवार 9 मई 2026 को निर्धारित की गई है। कटौती का समय सुबह 10 बजे शुरू होगा और दोपहर 2 बजे तक जारी रहेगा।
इससे कुल 4 घंटे तक आपूर्ति बाधित रहेगी। इस दौरान मुख्य रूप से 11 केवी कोल्ड स्टोर फीडर और ननगल पुरदल फीडर से जुड़ी लाइनों पर मरम्मत का कार्य किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि मानसून और अत्यधिक गर्मी के मौसम से पहले ट्रांसफार्मरों की जांच और जर्जर तारों को बदलना अनिवार्य है, ताकि भविष्य में अनचाहे फॉल्ट से बचा जा सके।
प्रभावित होने वाले प्रमुख इलाके
इस शटडाउन का सीधा असर जालंधर के कई ग्रामीण और उप-शहरी क्षेत्रों पर पड़ने वाला है। विवरण के अनुसार, धनाल कलां के पूरे गांव और आसपास के खेतों में लगे कृषि पंपों की सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी। इसी प्रकार, अलीपुर गांव के रिहायशी इलाकों और स्थानीय बाजारों में भी बिजली गुल रहेगी।
ननगल पुरदल फीडर से जुड़े सभी घरों और वहां स्थित छोटे उद्योगों को भी इस अवधि में बिना बिजली के रहना होगा। साथ ही, कादियां और इसके साथ लगने वाली ढाणियों व डेरों में भी सुबह 10 बजे से बिजली की आपूर्ति बाधित रहेगी। इन गांवों के आसपास स्थित छोटे रिहायशी पॉकेट भी इस कटौती के दायरे में आएंगे।
पानी भरने और अन्य बिजली से जुड़े जरूरी घरेलू काम निपटा लें
बिजली विभाग ने जनता से अपील की है कि वे इस कटौती के दौरान विभाग का सहयोग करें। चूंकि यह मरम्मत कार्य सुबह 10 बजे शुरू होगा, इसलिए निवासी पानी भरने और अन्य बिजली से जुड़े जरूरी घरेलू काम सुबह होने से पहले ही निपटा लें।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि मरम्मत का कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा हो जाता है, तो आपूर्ति तुरंत बहाल कर दी जाएगी। हालांकि, खराब मौसम या किसी तकनीकी बाधा की स्थिति में समय में बदलाव भी संभव है। किसी भी जानकारी के लिए उपभोक्ता अपने संबंधित उप-केंद्र या हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।