किडनी मरीजों के लिए उम्मीद बनी ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’, डायलिसिस में रिकॉर्ड उपलब्धि
क्रॉनिक किडनी डिजीज से जूझ रहे मरीज़ों के लिए जीवन दिनों या हफ़्तों में नहीं, बल्कि मशीन के चक्रों में सिमट जाता है।
अब तक भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत लगभग 1 लाख डायलिसिस प्रक्रियाएँ की जा चुकी हैं, जिन पर करीब ₹16.5 करोड़ का ख़र्च वहन किया गया है। भारत में क्रॉनिक किडनी डिजीज (दीर्घकालिक गुर्दा रोग) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में सरकार द्वारा समर्थित कैशलेस डायलिसिस योजनाएँ मरीज़ों के लिए जीवनरेखा बनकर उभर रही हैं। हालाँकि विशेषज्ञों का मानना है कि इलाज की सफलता अभी भी इलाज की उपलब्धता और वहन क्षमता पर ज़्यादा निर्भर है, न कि उपचार पर।
लुधियाना के ध्यान सिंह हफ़्ते में दो बार अस्पताल जाते हैं। लंबे समय से डायलिसिस करवा रहे मरीज़ों की तरह, उन्हें भी नियमित उपचार के बावजूद कई शारीरिक और मेटाबोलिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हालाँकि, ‘सेहत कार्ड’ के ज़रिए मिलने वाली आर्थिक सहायता से कुछ हद तक राहत मिलती है l अब तक वे दर्जन से अधिक बार कैशलेस इलाज ले चुके हैं। वे कहते हैं, “जब से मैंने मुख्यमंत्री सेहत योजना में पंजीकरण करवाया है, तब से सिमरिता नर्सिंग होम में मेरा डायलिसिस मुफ़्त हो रहा है।”
क्रॉनिक किडनी डिजीज से जूझ रहे मरीज़ों के लिए जीवन दिनों या हफ़्तों में नहीं, बल्कि मशीन के चक्रों में सिमट जाता है। हफ़्ते में दो से तीन बार, करीब चार घंटे तक, शरीर से रक्त निकालकर डायलिसिस मशीन से फिल्टर किया जाता है; और फिर उन विषाक्त पदार्थों से साफ़ करके वापस शरीर में डाला जाता है, जिन्हें निष्क्रिय किडनियाँ अब निकाल नहीं पातीं। यह प्रक्रिया जीवन को बनाए रखती है, लेकिन पूरी तरह स्वास्थ्य को बहाल नहीं करती।
भारत में क्रॉनिक किडनी डिजीज एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जिसका सीधा संबंध मधुमेह और उच्च रक्तचाप के बढ़ते मामलों से है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हर साल लाखों मरीज़ एंड-स्टेज किडनी डिजीज तक पहुँच जाते हैं, जहाँ जीवित रहने के लिए या तो लंबे समय तक डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है। वैश्विक स्तर पर, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इस बीमारी को तेज़ी से बढ़ने वाली गैर-संचारी बीमारियों में से एक मानता है, जिसका मुख्य कारण बढ़ती उम्र और जीवनशैली से जुड़े जोखिम कारक हैं। भारत में यह संकट लागत के कारण और भी गंभीर हो जाता है।
निजी क्षेत्र में एक डायलिसिस सत्र की लागत ₹1,500 से ₹4,000 के बीच होती है। अधिकांश मरीज़ों को हफ़्ते में दो से तीन डायलिसिस सत्रों की आवश्यकता होती है, जिससे वार्षिक ख़र्च तेज़ी से कई लाख रुपये तक पहुँच जाता है जो निरंतर आर्थिक सहायता के बिना अधिकांश परिवारों की पहुँच से बाहर है। इलाज के फैसले अक्सर मेडिकल जरूरत के साथ-साथ आर्थिक स्थिति पर भी निर्भर करते हैं।
इसी परिप्रेक्ष्य में पंजाब की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ जैसी सरकारी योजनाएँ इलाज में रुकावट को रोकने में अहम भूमिका निभा रही हैं। अधिकांश मामलों में किडनी डिजीज कई दीर्घकालिक बीमारियों का अंतिम परिणाम होती है, जो वर्षों तक किडनी को नुकसान पहुँचाती रहती हैं और लक्षण देर से सामने आते हैं। ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में डायलिसिस मुफ़्त उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिससे मरीज़ों का जेब से होने वाला ख़र्च कम हुआ है और वे इलाज बीच में छोड़ने को मजबूर नहीं हो रहे।
इस बारे में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “अब तक सेहत योजना के तहत 1 लाख मुफ्त डायलिसिस उपचार, जिनकी लागत ₹16.5 करोड़ है, प्रदान किए जा चुके हैं। कोई भी मरीज पैसे की कमी के कारण डायलिसिस से वंचित नहीं रहना चाहिए।”मोगा के दिल्ली हार्ट एंड मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. सौरव गोयल का कहना है कि डायलिसिस में आर्थिक सहायता का प्रभाव केवल सुविधा तक सीमित नहीं है। वे बताते हैं, “डायलिसिस इलाज नहीं, बल्कि जीवन बनाए रखने वाली प्रक्रिया है। अगर मरीज़ एक या दो सत्र भी छोड़ देता है, तो शरीर में विषाक्त पदार्थ तेज़ी से जमा हो जाते हैं, जो जानलेवा हो सकते हैं। कैशलेस सुविधा का सबसे बड़ा फ़ायदा यह है कि इलाज में निरंतरता बनी रहती है, और डायलिसिस में निरंतरता ही जीवन है।”
अपना अनुभव साझा करते हुए वे कहते हैं, “अब हम पहले की तुलना में हर महीने ज़्यादा डायलिसिस सत्र कर रहे हैं, जिनमें से कई कैशलेस हैं। यह मरीज़ों के लिए बड़ी मदद है और डॉक्टरों के लिए भी राहत, क्योंकि इससे आर्थिक कारणों से इलाज रुकने की समस्या कम होती है।”
डॉ. गोयल के अनुसार, भारत में सबसे बड़ी चुनौती रोग की समय पर पहचान (अर्ली डिटेक्शन) है। अधिकांश मरीज़ बहुत देर बाद सामने आते हैं, जब किडनी की कार्यक्षमता काफ़ी हद तक पहले ही ख़त्म हो चुकी होती है। उस समय विकल्प केवल डायलिसिस या ट्रांसप्लांट तक सीमित रह जाते हैं। चिकित्सा शोध बताते हैं कि भारत में क्रॉनिक किडनी डिजीज के कई मरीज़ इलाज के दौरान भारी आर्थिक बोझ का सामना करते हैं। इलाज शुरू होने के कुछ ही महीनों में कई परिवारों की बचत ख़त्म हो जाती है या वे कर्ज में डूब जाते हैं।
भारत-UAE के बीच ट्रेड ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, 100 अरब डॉलर का आंकड़ा पार
मौजूदा समय में यूएई काफी चर्चा में रहा है.
हाल ही में यूएई ने कच्चे तेल प्रोड्यूसर्स का संगठन ओपेक से बाहर निकल गया है. इस बार यूएई की चर्चा के साथ उसके ट्रेड को लेकर हो रही है. दोनों देशों के बीच बाइलेटरल ट्रेड 100 अरब डॉलर को पार कर गई है, जबकि ट्रेड साल 2022 में हुई थी. इसवका मतलब है कि ट्रेड डील होने के बाद दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध काफी अच्छे रहे हैं. आने वाले दिनों में और भी मजबूती देखने को मिल सकती है. दोनों देशों ने साल 2032 तक इस बाइलेटरल ट्रेड को 200 अरब डॉलर से ज्यादा करने का भी प्लान लिया है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर हाल में दोनों देशों के बीच में ट्रेड को लेकर किस तरह की खबरें सामने आई हैं.
बाइलेटरल ट्रेड 100 अरब डॉलर के पार
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच मई 2022 में लागू मुक्त व्यापार समझौते (सीईपीए) के बाद बाइलेटरल ट्रेड 100 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है. गोयल ने सोशल मीडिया मंच पर लिखा कि यूएई के साथ व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (सीईपीए) अफ्रीका, खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों, पश्चिम एशियाई देशों, स्वतंत्र देशों का राष्ट्रकुल (सीआईएस) देशों तथा कुछ यूरोपीय देशों के लिए प्रवेश द्वार का काम करता है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच वस्तु व्यापार में मजबूत वृद्धि हुई है और यह 100 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है. साथ ही सेवाओं का व्यापार भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे नए बाजार खुल रहे हैं और अधिक मूल्य सृजित हो रहा है.
कितना हुआ इजाफा?
भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 101.25 अरब डॉलर हो गया, जो 2024-25 में 100.03 अरब डॉलर था. उन्होंने कहा कि रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स और कृषि जैसे प्रमुख क्षेत्रों में व्यापार का विस्तार हुआ है. इस बीच, भारत और ब्रिटेन ने भी द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाने तथा व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) के तहत अवसरों का लाभ उठाने के उपायों पर चर्चा की. यह चर्चा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के वाणिज्य एवं व्यापार मंत्री पीटर काइल के बीच ऑनलाइन बैठक में हुई.
किस तरह का है बाइलेटरल ट्रेड?
गोयल ने कहा, हमने भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) के तहत उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाते हुए व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर विचार किया. भारत और ब्रिटेन ने 24 जुलाई, 2025 को सीईटीए पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत भारत के 99 प्रतिशत निर्यात ब्रिटेन के बाजार में शून्य शुल्क पर प्रवेश करेंगे, जबकि कार और व्हिस्की जैसे ब्रिटेन के उत्पादों पर भारत में शुल्क कम किए जाएंगे. 2025-26 के दौरान, UAE को भारत का निर्यात लगभग 2 प्रतिशत बढ़कर 37.36 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 0.77 प्रतिशत बढ़कर 63.89 अरब डॉलर हो गया, जिसके परिणामस्वरूप 26.53 अरब डॉलर का व्यापार घाटा हुआ. अप्रैल-दिसंबर 2025-26 के दौरान, UAE से भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 2.45 अरब डॉलर रहा. 2024-25 में यह 4.34 अरब डॉलर था.
Calgary Show में Diljit Dosanjh का गुस्सा फूटा, उन्होंने मंच से खालिस्तानी विरोधियों को जवाब दिया
दिलजीत दोसांझ ने अपने ‘आरा वर्ल्ड टूर’ के दौरान अमेरिका के कैलगरी में अपने शो में खालिस्तानी समर्थकों पर जमकर हमला बोला।
पंजाबी और बॉलीवुड गायक दिलजीत दोसांझ अमेरिका के कैलगरी में अपने ‘आरा वर्ल्ड टूर’ शो के दौरान खालिस्तानी समर्थकों पर भड़क उठे। दिलजीत ने मंच से पोस्टर दिखा रहे खालिस्तानी समर्थकों को करारा जवाब दिया। यह पहली बार था जब दिलजीत को अपने किसी शो में इतना गुस्से में देखा गया।
दिलजीत ने सिद्धू के अंदाज़ में अपनी जांघ पर थप्पड़ मारते हुए कहा कि जो भी मैदान में आना चाहेगा, मैं उसे उठाकर बाहर फेंक दूंगा। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन करते हुए उन्होंने पंजाब के लिए क्या किया है? यह हमारा काम नहीं था, फिर भी हमने पंजाब में आई बाढ़ में लोगों की मदद की, उनके घर बनाए।
किसी शो (केबीसी) का नाम लिए बिना उसका जिक्र करते हुए दिलजीत दोसांझ ने कहा कि हमारे लोगों की आवाज राष्ट्रीय मीडिया तक नहीं पहुंच रही है। इसीलिए वे उस शो में गए, जहां उन्होंने न तो अपना प्रचार किया और न ही फिल्म का, बल्कि पंजाब की भलाई के लिए चंदा इकट्ठा किया।
आपको बता दें कि इन दिनों दिलजीत अमेरिका के दौरे पर हैं। उन्होंने जिमी के शो का जिक्र करते हुए कहा, “जिमी के शो में जाने की क्या जरूरत थी? मैंने वहां भी पंजाब के बारे में बात की थी। मैंने कोमागाटा मारू की घटना का जिक्र किया था।”
चल रहे शो के दौरान दिलजीत ने कई महत्वपूर्ण बातें कहीं…
मैं हर मंच पर पंजाब की बात करता हूं: दिलजीत दोसांझ ने कहा कि वह जिस भी मंच पर जाते हैं, चाहे राष्ट्रीय हो या अंतरराष्ट्रीय, हमेशा पंजाब की बात करते हैं। उन्होंने टीवी चैनलों पर जाकर अपनी किसी फिल्म या गाने का प्रचार नहीं किया, बल्कि सिर्फ पंजाब के मुद्दों को उठाने के लिए वहां गए। दिलजीत ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए वह छह महीने तक जमीनी स्तर पर रहे और इसके लिए उन्होंने अपना ऑस्ट्रेलिया दौरा भी रद्द कर दिया।
अगर विरोध करना है तो जोश के साथ करो: दिलजीत दोसांझ ने कहा कि जब राष्ट्रीय मीडिया ने उन्हें पंजाब के बारे में बोलने का मौका दिया, तो वे वहां गए ताकि वे अपना दृष्टिकोण पूरे भारत के लोगों तक पहुंचा सकें। दिलजीत ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर कोई पंजाब के बारे में बोलने पर उनका विरोध करना चाहता है, तो उसे जोश के साथ करना चाहिए। वे इसके लिए तैयार हैं।
हर दिन झंडा दिखाओ, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता: दिलजीत दोसांझ ने कहा कि अगर कोई पंजाब के प्रति अपने प्रेम के कारण उन्हें झंडा दिखाना चाहता है, तो वह हर दिन दिखाए। उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके संगीत कार्यक्रमों में बुजुर्ग और बच्चे भी आते हैं। अगर कोई वहां आकर माहौल खराब करता है या हंगामा करता है, तो उसे तुरंत बाहर निकाल दिया जाएगा।
शो में विरोध प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा: शो में हुए हंगामे का जिक्र करते हुए दिलजीत दोसांझ ने स्पष्ट किया कि वे कार्यक्रम स्थल पर किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या व्यवधान बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका काम किसी को खुश करना नहीं, बल्कि अपने लोगों की सेवा करना है।
पंजाब की जेलों में सुधार की नई पहल:पटियाला जेल में खुला आम आदमी क्लिनिक; मंत्री बोले-कैदियों के लिए लाइब्रेरी की शुरुआत
पंजाब की जेलों की तस्वीर बदलने के लिए मान सरकार ने सुधार का नया मॉडल पेश किया है।
जेल मंत्री रवजोत सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें बेहतर सुविधाएं देने के लिए पटियाला जेल में ‘आम आदमी क्लिनिक और लाइब्रेरी की शुरुआत की गई है।
आने वाले समय में राज्य की अन्य जेलों में भी ऐसी ही लाइब्रेरी खोली जाएंगी। सरकार ने विचाराधीन कैदियों (Undertrials) के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब अपराधों को ‘मेजर’ (बड़ा) और माइनर (छोटा) श्रेणियों में बांटा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे अपराधों में बंद कैदियों को पेशेवर अपराधियों के प्रभाव से बचाना और जेल प्रबंधन में सुधार करना है।
जेल सुधार के लिए 4 बड़े कदम 1. लीगल एड: कैदियों को कानूनी मदद और परिवार से संपर्क बनाए रखने के लिए कानूनी सलाहकार (Legal Advisors)* की सेवाएं दी जा रही हैं। 2. विदेशी कैदियों को भी हक :विदेशी अपराधियों के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। उन्हें भी भारतीय कैदियों की तरह समान सुविधाएं और कानूनी सहायता मिलेगी। 3. नया बिल : मंत्री ने कहा कि यह बिल हिरासत में रहने वाले लोगों के मानवाधिकारों का ख्याल रखने के लिए लाया गया है, ताकि सजा काट कर बाहर आने पर उन्हें समाज में सम्मान मिले। 4. भ्रष्टाचार पर वार: जेल विभाग में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। अगर विभाग का अपना अधिकारी भी दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
करप्शन पर जीरो टॉलरेंस
जेल मंत्री रवजोत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान का धन्यवाद, जो दशकों पुराना बिल लेकर आए और उसे पास कराया। हमारा लक्ष्य जेलों को केवल सजा का घर नहीं, बल्कि सुधार का केंद्र बनाना है। मंत्री ने साफ चेतावनी दी कि जेलों के अंदर से किसी भी तरह की शिकायत आने पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम तोड़ने वाला चाहे विभाग का ही अधिकारी क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
पहलवान Preetpal Singh Phagwara बने ‘AAP’ का हिस्सा, CM मान ने दी शुभकामनाएँ
मुख्यमंत्री भगवंत मान से प्रेरित होकर खेल जगत का एक और प्रतिष्ठित नाम राजनीतिक क्षेत्र में शामिल हो गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान से प्रेरित होकर खेल जगत का एक और प्रतिष्ठित नाम राजनीतिक क्षेत्र में शामिल हो गया है। बता दें कि रुस्तम-ए-हिंद और हिंद केसरी जैसे सम्मान प्राप्त कर चुके प्रसिद्ध पहलवान प्रीतपाल सिंह फगवाड़ा ने आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें सम्मानित करते हुए पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल कराया और उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत के लिए शुभकामनाएँ दीं।
यह कदम खेल जगत से जुड़े एक और बड़े चेहरे के राजनीति में प्रवेश के रूप में देखा जा रहा है, जिससे राज्य में खेल और राजनीति के बीच नए संबंधों की चर्चा तेज हो गई है।
ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट भारतीय पहुंचे दिल्ली:5 घंटे तक हुई पूछताछ, पंजाब सरकार का प्रतिनिधिमंडल रिसीव करने पहुंचा; 9 पंजाबी
ऑस्ट्रेलिया से 15 भारतीयों को डिपोर्ट किया गया है, जिनमें 9 पंजाबी शामिल हैं।
इन लोगों की फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गई है। इस दौरान उनसे करीब पांच घंटे तक पूछताछ की गई। वहीं, पंजाब सरकार की टीमें भी उन्हें लेने के लिए दिल्ली पहुंची हैं। उनके लिए वाहनों का इंतजाम किया गया है, जिनमें एक टेंपो ट्रैवलर और कुछ गाड़ियां है।
इन जिलों के रहने वाले हैं लोग
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक जो लोग डिपोर्ट किए गए हैं, वह जांलधर, होशियारपुर, खन्ना, मोगा, नवांशहर, गढ़शंकर, तरनतारन, फिरोजपुर और रूपनगर के रहने वाले हैं। सीएम भगवंत मान पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इन लोगों ने ऑस्ट्रेलिया जाकर वहां के नियम तोड़े हैं, जिस वजह से उन्हें डिपोर्ट किया गया है।
इन लोगों की पहचान जसवंत सिंह (34 वर्ष), अंग्रेज सिंह (32 वर्ष), सतिंदरजीत सिंह शेरगिल (31 वर्ष), गुरप्रीत सिंह संधू (30 वर्ष), जगजीत सिंह (35 वर्ष), जसप्रत सिंह (35 वर्ष), निर्मल सिंह (38 वर्ष), श्रुति शर्मा (35 वर्ष), रणजी सिंह (35 वर्ष), हरप्रीत सिंह (41 वर्ष) और गगनदीप सिंह (25 वर्ष) के रूप में हुई है।
पहले अमेरिका से डिपोर्ट किए गए थे पंजाबी
अमेरिका ने एक साल पहले नई इमिग्रेशन पॉलिसी के तहत 104 अवैध प्रवासी भारतीयों को जबरन डिपोर्ट कर दिया था। अमेरिकी एयरफोर्स का विमान सी-17 ग्लोबमास्टर इन्हें लेकर अमृतसर में एयरफोर्स के एयरबेस पर उतरा था। इनमें पंजाब के 30, हरियाणा-गुजरात के 33-33 लोग शामिल थे। इनके कुछ परिवार और 8-10 साल के बच्चे भी थे।
अमृतसर एयरपोर्ट के सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, इन लोगों का वेरिफिकेशन किया गया। यहां से इमिग्रेशन और कस्टम से क्लीयरेंस के बाद पंजाब पुलिस को सौंप दिया गया। करीब साढ़े 3 घंटे बाद US एयरफोर्स विमान वापस लौट गया था।
पंजाब CM राष्ट्रपति से अकेले मिलेंगे:6 सांसदों के राइट टू रिकॉल की मांग करेंगे; विधायक साथ लाने की परमिशन नहीं मिली
जाब के 6 राज्यसभा सांसदों AAP छोड़कर BJP जॉइन करने के खिलाफ CM भगवंत मान 5 मई को राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे।
सीएम को अकेले मुलाकात का टाइम मिला है। हालांकि CM मान ने सभी 94 विधायकों के साथ मुलाकात का टाइम मांगा था। इसके पीछे का मकसद ये था कि राइट टू रिकॉल के तहत 6 सांसदों की मेंबरशिप रद्द करा दोबारा वोटिंग कराई जा सके।इसको लेकर CM मान ने सोशल मीडिया (X) पर कहा- 5 मई को दोपहर 12 बजे राष्ट्रपति से मिलने का टाइम मिला है। न्योता सिर्फ मुझे मिला है। मैं विधायकों को लेकर राष्ट्रपति भवन तक जाऊंगा। विधायक बाहर रहेंगे और मैं राष्ट्रपति के पास जाकर पंजाब के लोगों की आवाज को मजबूती से रखूंगा।

जालंधर में AAP की मीटिंग के लिए बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया था।
राष्ट्रपति से क्यों मिलने जा रहे CM मान
आम आदमी पार्टी (AAP) के कुल 7 व पंजाब से राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी में बड़ी फूट की खबरें सामने आई थीं। पालिटिकल एक्सपर्ट डॉ. कृपाल सिंह औलख की मानें तो विधायकों को साथ ले जाकर मान यह दिखाना चाहते हैं कि पंजाब के विधायक अभी भी उनके और अरविंद केजरीवाल के साथ पूरी तरह एकजुट हैं।
इसके अलावा वह पंजाब में भी मैसेज देने की कोशिश करेंगे कि उनकी पार्टी के 6 सांसदों ने पार्टी बदली तो उन्होंने उनकी मेंबरशिप खारिज करने तक की लड़ाई लड़ी। इससे इस बात का भी डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश होगी कि AAP ने गैर पंजाबियों को चुनकर राज्यसभा भेजा था। चूंकि राज्यसभा के लिए विधायक वोटिंग करते हैं, इसलिए इसमें लोगों का सीधा दखल नहीं है। इस फैसले की जिम्मेदार उन्हें राज्यसभा भेजने वाली पार्टी ही होती है।
कल आम आदमी पार्टी (AAP) ने जालंधर में मीटिंग बुलाई थी। सवा घंटे चली इस मीटिंग में विधायकों ने इकट्ठा होकर शक्ति प्रदर्शन किया। राघव चड्ढा के सवाल पर हर विधायक चिढ़ता नजर आया। खुद सिसोदिया यह कहकर निकल गए कि BJP बहुत घटिया और झूठी पार्टी है। उसकी बातों में मत आया करो।
मीटिंग में CM भगवंत मान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे। इस दौरान CM ने सुखपाल खैहरा का उदाहरण देते हुए विधायकों को अप्रत्यक्ष तौर पर चेतावनी दी।
CM ने कहा- कुछ गड़बी पानी निकलने से नदी नहीं सूखती। खैहरा को भी गलतफहमी हुई थी कि AAP को छोड़ने से AAP खत्म हो जाएगी। खैहरा के न रहते भी 92 MLA आए। जो गए, उन्हें भी यही भ्रम है, लेकिन अच्छा हुआ वे वक्त से गए। इनके जाने से जो निगेटिविटी फैली है, उसे अगले कुछ महीनों में दूर कर लिया जाएगा।
पार्टी सूत्र ने दावा किया की मीटिंग में 80 से ज्यादा विधायक आए थे। कुछ हाजिरी लगाकर निकल गए, क्योंकि उनके कार्यक्रम पहले से शेड्यूल थे।
AAP की मीटिंग के क्या राजनीतिक मायने…
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कार्यकर्ताओं-विधायकों को बुलाकर विरोधियों को जवाब: पंजाब की AAP सरकार ने जालंधर में करीब 1 हजार ऑब्जर्वर और विधायकों की मीटिंग बुलाई। पार्टी सूत्रों ने बताया कि राघव चड्ढा के साथ हुए विवाद और फिर पार्टी के 6 राज्यसभा सांसदों के टूटने से बॉटम लाइन वर्करों में मैसेज जा रहा था कि पार्टी में गड़बड़ी है। विरोधी कई दिन से AAP पर हमलावर थे। मीटिंग के जरिए उन्हें जवाब दिया गया।
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वर्करों के बीच जाकर साथ खड़े होने का संदेश: BJP ने AAP के राज्यसभा सांसदों को तोड़कर बड़ा डेंट दिया है। सूत्र बताते हैं कि मीटिंग में वर्करों की निराशा को दूर करने पर काम किया गया। उन्हें गेम खिलाना इसी का हिस्सा रहा। खुद सिसोदिया ने एक-एक के पास जाकर हाथ मिलाया।
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विधायकों-ऑब्जर्वर्स की बॉन्डिंग चेक की: पार्टी के ही एक जिला लेवल वर्कर ने बताया कि मीटिंग और गेम्स के जरिए विधायकों और ऑब्जर्वर्स के बीच की बॉन्डिंग भी चेक की गई। चुनाव सामने हैं और पार्टी इससे पहले हर तरह का नाराजगी को दूर करना चाहती है। इसलिए, सबको एक मंच पर लाया गया, ताकि ऊपर से भेजे मैसेज का नीचे तक असर हो।
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एक्टिविटी करवाकर जोश भरा: पार्टी की तरफ से विधायकों और ऑब्जर्वर्स के बीच 20 मिनट तक गेम करवाए गए। इसमें रस्साकसी और रिंग के बीच से शरीर निकालने का कंपीटिशन करवाया गया। खुद मनीष सिसोदिया ने वर्करों और विधायकों के बीच पहुंचकर जोश भरा और तालियां बजाते नजर आए।

विधायकों और ऑब्जर्वर्स के बीच गेम्स खिलाए गए। मनीष सिसोदिया ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
मीटिंग में सीएम ने ये बातें कही…
सीएम बोले-1 मई के बाद गांव की सत्थ में मिलेंगे: जालंधर में हुई विधायकों-आब्जर्वर की मीटिंग में वीसी से जुड़े सीएम मान ने कहा कि 1 मई को विधानसभा का सत्र बुलाया है। उसके बाद हर रोज शाम को किसी न किसी हलके के बड़े गांव में, गांव की सत्थ (चौपाल) में बैठेंगे। कोई टेंट लगाने की जरूरत नहीं, कोई कुर्सियां या डी बनाने की जरूरत नहीं है। उन्हीं पीपल-बोहड़ (बरगद) के पेड़ों के नीचे चलेंगे, जहां से पार्टी पैदा हुई थी। लोग इस बात को पसंद करते हैं कि हम उनके पास उसी पुराने अंदाज़ में आ गए हैं। जब सरकारी कार्यक्रम होते हैं, तो लोग थोड़ा महसूस करते हैं कि उन्हें हमारे नज़दीक नहीं जाने दिया जाता। हम लोगों के बीच से निकले हैं और लोगों के बीच ही रहना है। कोई नकारात्मकता नहीं रखनी, खुद को हमेशा चढ़दी कलां (उच्च मनोबल) में रखना है। आपका यह इकट्ठा होना ही मुझे बता रहा है और इससे मेरा हौसला भी बढ़ रहा है।
भला हुआ जाने वालों से जल्दी पल्ला छूट गया: सीएम ने कहा कि भला हुआ जो पल्ला (साथ) जल्दी छूट गया। कद्र न करने वालों की यारी लगने से बेहतर है कि टूट जाए। जिन्हें कद्र ही नहीं है कि उन्हें इतने बड़े ओहदे और पद मिल गए, फिर भी वे शुक्रगुजार नहीं हैं। ऐसे अहसानफरामोश लोगों को परमात्मा खुद सजा दे देता है। हमें काम करना है और आगे बढ़ना है। आने वाले दिनों के कार्यक्रम आपको मिल जाएंगे। मई के मेरे प्रोग्राम भी आपको मिल जाएंगे। मई में मैं आपके पास आऊंगा, हालांकि गर्मी बहुत है, पर पहली बार एक खुशखबरी देने लगा हूं कि पहली बार ऐसा हो रहा है कि आज हम नहरों में पानी छोड़ रहे हैं। 1 मई से पूरे पंजाब को 21 हजार क्यूसेक पानी मिलेगा। हमारे पास गिनाने के लिए ये काम हैं और लोगों को इन्हीं कामों से मतलब है।
कांग्रेस से सर्वे में हमारी पार्टी नंबर वन आई: सीएम ने कहा कि लोगों को जमीन पर हुए कामों से लेना देना है। कौन किस पार्टी में गया, किसने क्या कहा, इससे लोगों को कोई मतलब नहीं। विपक्षी पार्टियां पस्त हो चुकी हैं, उनके हौसले जवाब दे गए हैं। उन्हें भी पता चल गया है कि अब हमारा मुकाबला नहीं। सुना है कांग्रेस ने कोई सर्वे कराया है और उस सर्वे में भी आम आदमी पार्टी पहले नंबर पर आई है। इसीलिए अब वे फार्म के मुर्गों की तरह गर्दनें झुकाए फिर रहे हैं कि अब क्या करें। जब वे खुद के सर्वे में ही नहीं जीत रहे, तो उन्हें और कौन जिताएगा? वे लोगों से कट चुके हैं।
रोज रिपोर्ट लें कि कौन कहां गया: सीएम ने कहा कि आप हौसला रखें। मनीष सिसोदिया और संगठन के बाकी साथियों ने विधायकों को प्रोग्राम दिया है, उसके मुताबिक चलें। हर रोज मॉनिटरिंग करें क्योंकि हमारी पार्टी सबसे अपडेटेड है। रोज रिपोर्ट लें कि कौन कहां गया और लोगों को बताएं कि ये काम हुए हैं। हम इसे एक मिशन के तौर पर ले रहे हैं, न कि चेयरमैनियां लेने या फोटो खिंचवाने के लिए। इतिहास में आपका नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा कि जब पंजाब दोबारा पटरी पर लौटा था, तब साथ में कौन-कौन खड़ा था।
वक्त इम्तिहान लेता है, लेकिन आपको देने की जरूरत नहीं: सीएम ने कहा कि कभी-कभी वक्त इम्तिहान लेता है, लेकिन आप तो कई अग्नि-परीक्षाओं से पास होकर निकले हो। हमें दोबारा यह टेस्ट लेने की जरूरत नहीं है कि आप किसके साथ हो। आपका यहां आना ही बहुत बड़ा हौसला है। हमारी रैलियां भगत सिंह के नारे से शुरू और उसी पर खत्म होती हैं। हम उन्हें अपना मेंटर (मार्गदर्शक) मानते हैं। उन्होंने कभी दिन-रात या मुश्किल समय नहीं देखा, वे तो भेष बदल-बदल कर काम करते थे। लगे रहिए, मुझे आप पर बहुत गर्व है। होमवर्क बहुत जरूरी है। बाकी पार्टियां अभी इसी उलझन में हैं कि किसे चेहरा बनाएं या किसे टिकट दें, वे क्लेश में फंसी हैं। हम इन चक्करों में नहीं हैं।
CM का मैसेज- छोड़कर जाने से नुकसान का भ्रम निकाल दें विधायकों की मीटिंग लगभग सवा घंटे तक चली। इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े CM भगवंत मान ने दो टूक कहा कि कोई भी अपने मन से यह भ्रम निकाल दे कि किसी के छोड़ने से पार्टी को कोई नुकसान होगा। CM ने कहा कि खैहरा को पूछ लें। उन्हें भी यही भ्रम हुआ था। अब राज्यसभा के भी कुछ मेंबरों को यह भ्रम हुआ है। देखना, कुछ समय बाद इनका भी खैहरा वाला हश्र होगा।

सिसोदिया ने सभी AAP विधायकों और ऑब्जर्वर्स को बुलाकर उनसे फीडबैक भी लिया।
ऑब्जर्वर्स और जिला प्रमुखों से फीडबैक लिया
मीटिंग को मनीष सिसोदिया, विधायक सैरी कलसी और अमन अरोड़ा ने संबोधित किया और एकजुट होने के लिए कहा। मीटिंग में संगठन को मजबूत करने की बात चली। नए ऑब्जर्वर से पूछा गया कि पुराने वाले परेशान तो नहीं करते?
जिला प्रमुखों से पूछा गया कि विधायक का काम कैसा है? तंग तो नहीं करते? पार्टी की ग्राउंड पर कैसी फीडबैक है? लोग क्या चर्चा कर रहे हैं? पार्टी के कामों को लोग निगेटिव या पॉजिटिव, किस नजरिए से देख रहे हैं?
पंजाब के 6 राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) में हलचल तेज है। विधायकों की टूट बचाने के लिए प्रदेश प्रभारी मनीष सिसोदिया ने आज जालंधर में मीटिंग बुलाई। यह मीटिंग करीब 4 घंटे चली।
Jalandhar के Jeweller से ₹35 लाख की धोखाधड़ी:लुधियाना के दंपती ने ऑर्डर पर बनवाए गहने, बाद में पैसे देने से मुकरे
लुधियाना में एक ज्वेलर से लाखों रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है।




