Friday, October 2, 2026
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Akshat Raghuwanshi: सूर्यवंशी के बाद रघुवंशी… वैभव की तरह पहली बॉल पर छक्का, IPL में किया जोरदार डेब्यू

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वैभव सूर्यवंशी ने पिछले IPL में डेब्यू करते हुए अपनी पहली ही गेंद पर छक्का जमाया था.

वैभव सूर्यवंशी ने जब से IPL में कदम रखे हैं, अपनी बैटिंग से इस युवा बल्लेबाज ने तहलका मचा दिया है. इसकी शुरुआत वैभव ने आईपीएल में अपनी पहली बॉल से ही कर दी थी, जब उन्होंने इस पर छक्का जमा दिया था. इसके बाद से जो भी नया और युवा खिलाड़ी IPL में आ रहा है, उससे ऐसे ही आगाज की उम्मीद की जा रही है. अब ऐसा ही कुछ कमाल किया है 22 साल के अक्षत रघुवंशी ने. IPL 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेल रहे 22 साल के बल्लेबाज ने करियर की पहली बॉल पर ही जोरदार छक्का ठोक दिया.
वानखेडे स्टेडियम में 4 मई को मुंबई इंडियंस के खिलाफ लखनऊ ने युवा बल्लेबाज अक्षत को मौका दिया. इस बल्लेबाज को लखनऊ ने इसी साल ऑक्शन में खरीदा था लेकिन पिछले 8 मुकाबलों में उन्हें एक बार भी मौका नहीं मिला था. टीम के लगातार खराब प्रदर्शन को देखते हुए आखिरकार कप्तान ऋषभ पंत और कोच जस्टिन लेंगर ने अक्षत को डेब्यू करने का मौका दे दिया. अक्षत की बैटिंग भी आई और उन्होंने अपनी काबिलियत की हल्की झलक भी दिखाई.

डेब्यू मैच की पहली गेंद पर छक्का

लखनऊ के टॉप ऑर्डर ने इस मैच में विस्फोटक शुरुआत करते हुए 10 ओवर में ही 141 रन बना लिए थे. फिर 11वें ओवर में कप्तान ऋषभ पंत आउट हुए और छठे बल्लेबाज के रूप में बैटिंग के लिए आए दाएं हाथ के बल्लेबाज अक्षत रघुवंशी. अब हर कोई देखना चाहता था कि अक्षत कैसी बैटिंग करते हैं लेकिन जो हुआ उसकी शायद ही किसी को उम्मीद रही होगी. स्पिनर विल जैक्स का सामना कर रहे अक्षत ने IPL में अपनी पहली ही गेंद पर लॉन्ग ऑन बाउंड्री के बाहर लंबा छक्का जमाकर सबको चौंका दिया.
अक्षत के इस कमाल ने वैभव सूर्यवंशी की याद दिला दी, जिन्होंने पिछले सीजन में डेब्यू करते हुए अपनी पहली गेंद पर छक्का जड़ा था. हालांकि, सूर्यवंशी की तरह रघुवंशी ज्यादा देर नहीं टिके लेकिन उन्होंने दिखाया कि उनके पास बड़े शॉट खेलने की क्षमता है. रघुवंशी 7 गेंदों में 11 रन बनाकर आउट हुए और संयोग से उनका विकेट लेग स्पिनर रघु शर्मा ने लिया, जिनका IPL में ये दूसरा ही मैच और पहला ही विकेट था.

कौन हैं अक्षत रघुवंशी?

अक्षत रघुवंशी मध्य प्रदेश से आते हैं और घरेलू क्रिकेट में भी इसी टीम के लिए खेलते हैं. वो कुछ ही साल पहले रणजी ट्रॉफी जीतने वाली एमपी की टीम का हिस्सा थे. हालांकि, इसके बाद उनकी फॉर्म थोड़ी खराब रही थी, लेकिन फिर मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग में इस बल्लेबाज का जलवा दिखा. अक्षत ने इस लीग में 177 की हैरतअंगेज स्ट्राइक रेट से 239 रन बनाए थे, जिसमें 56 गेंदों में 115 रन की पारी भी शामिल थी. इसके बाद ही ऑक्शन में LSG ने उनके लिए 2.2 करोड़ रुपये लुटा दिए.

Chandigarh PU में सुरक्षा होगी हाईटेक:हॉस्टलों के बाहर लगेंगे 360° नाइट विजन कैमरे; पहले भी लग चुके, फिर भी घटनाएं जारी

चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी ने कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए नई योजना तैयार की है।

इसके तहत लड़कों और लड़कियों के हॉस्टलों के बाहर हाई-क्वालिटी 360 डिग्री नाइट विजन कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों की मदद से हॉस्टलों में आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखी जा सकेगी। यूनिवर्सिटी प्रशासन इस योजना पर जल्द काम शुरू करने जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि यह कदम बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए उठाया गया है। हालांकि, इससे पहले भी पीयू कैंपस में बड़ी संख्या में सीसीटीवी लगाए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद झगड़े, चोरी और बाहरी लोगों की गतिविधियों पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं हो पाया है।
डीएसडब्ल्यू (वूमन) प्रो. नमिता ने कहा कि सभी स्टूडेंट हॉस्टलों के अंदर पहले से कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन अब बाहर 360 डिग्री नाइट विजन कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके। यह देखा जा सके कि हॉस्टलों में कौन आ-जा रहा है।
शरारती तत्वों की पहचान में दिक्कत
यूनिवर्सिटी में लड़कों के हॉस्टलों में झगड़े और विवाद की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। खासतौर पर स्टूडेंट काउंसिल चुनावों के दौरान माहौल ज्यादा संवेदनशील हो जाता है। इस दौरान अलग-अलग छात्र संगठनों के समर्थकों के बीच तनातनी बढ़ जाती है, जो कई बार झगड़े का रूप ले लेती है। कई मामलों में हॉस्टलों के अंदर और बाहर समूह बनाकर विवाद किए जाते हैं, जिससे अन्य छात्रों में भी असुरक्षा का माहौल बनता है।
जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कई बार यह बात सामने आई है कि इन झगड़ों में शामिल अधिकांश लोग यूनिवर्सिटी के नियमित छात्र नहीं होते, बल्कि बाहरी (आउटसाइडर्स) होते हैं। ये लोग चुनावी माहौल का फायदा उठाकर कैंपस में घुस आते हैं और विवाद को बढ़ावा देते हैं। चूंकि ये बाहरी होते हैं, इसलिए पहचान करना और उनके खिलाफ कार्रवाई करना प्रशासन के लिए चुनौती बन जाता है। कई मामलों में फुटेज होने के बावजूद आरोपियों की पहचान स्पष्ट नहीं हो पाती, जिससे वे कार्रवाई से बच निकलते हैं।
वहीं, लड़कियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाने वाला एक मामला सामने आ चुका है। हॉस्टल नंबर-4 में देर रात करीब 2 बजे एक युवक के घुसने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। बताया गया कि युवक बिना अनुमति हॉस्टल परिसर में दाखिल हो गया और काफी देर तक अंदर इधर-उधर घूमता रहा। इस दौरान वह किसी की नजर में नहीं आया, जो सुरक्षा में बड़ी चूक मानी गई।
बाद में जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तब इस घटना का खुलासा हुआ। कैमरों में युवक की गतिविधियां रिकॉर्ड तो हुईं, लेकिन उसकी स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी। घटना के बाद छात्राओं और अभिभावकों में नाराजगी देखी गई थी। उन्होंने हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की मांग उठाई थी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
पंजाब यूनिवर्सिटी।
पंजाब यूनिवर्सिटी।
पहले भी लगे हैं कैमरे, फिर भी घटनाएं जारी
पीयू प्रशासन ने सत्र 2020-21 के दौरान करीब 58 लाख रुपए खर्च कर कैंपस के विभिन्न हिस्सों में नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। ये कैमरे सेक्टर-14 स्थित मुख्य गेट्स और साउथ कैंपस के कई स्थानों पर लगाए गए हैं।
इसके बावजूद सेक्टर-14 मार्केट और अन्य इलाकों में मोबाइल, लैपटॉप, साइकिल और बाइक चोरी की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। कई मामलों में कैमरों में फुटेज कैद होने के बावजूद आरोपियों तक पहुंचना मुश्किल होता है।
अब हॉस्टलों के बाहरी क्षेत्रों में एडवांस कैमरे लगाने से बाहरी लोगों की गतिविधियों पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी और शरारती तत्वों की पहचान आसान होगी।

पंजाबी युवक कनाडा से डिपोर्ट, 2 साल पहले गया था:फिरौती मांगने के आरोप, गिरफ्तारी के बाद निकाला; पुलिस ने फोटो जारी की

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कनाडा के सरे शहर में चल रहे फिरौती गिरोह से संबंधित पंजाबी मूल के युवक की पुलिस ने फोटो जारी की है।

4 मई को फोटो जारी कर पुलिस ने युवक की पहचान प्रभजोत सिंह (20) के रूप में की है। कनाडा पुलिस का कहना है कि युवक फिरौती मांगने के मामले में शामिल रहा है।
उसे पहले गिरफ्तार किया गया था और अब डिपोर्ट कर दिया है। पुलिस ने कहा कि फोटो जारी करने का मकसद उसके बारे में और डिटेल पता करना है। लोगों से अपील की गई है कि अगर किसी को इसके अपराधों को बारे में पता हो तो बताएं।
पुलिस ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से ब्रिटिश कोलंबिया के लोअर मेनलैंड क्षेत्र, खासकर सरे में एक्सटॉर्शन की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। इनमें धमकियां, गोलीबारी, घरों पर हमले और हिंसक वारदातें शामिल हैं।
कई मामलों में विदेशी युवा (स्टूडेंट वीजा या अन्य वीजा पर आए) इन नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं। 2026 की शुरुआत में सरे पुलिस सर्विस (SPS) को पता चला कि 20 वर्षीय प्रभजोत सिंह एक्सटॉर्शन से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों में संदिग्ध है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
डिपोर्टेशन के बारे में जानकारी देता सरे पुलिस का अधिकारी।
डिपोर्टेशन के बारे में जानकारी देता सरे पुलिस का अधिकारी।
बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी ने किया डिपोर्ट
गिरफ्तारी के बाद SPS ने इसकी जानकारी कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) को सौंपी। CBSA ने इमिग्रेशन जांच की और पाया कि सिंह कनाडा में रहने के योग्य नहीं है। इसके बाद उसे देश से डिपोर्ट (निकाल) दिया गया। 4 मई 2026 को सरे पुलिस ने प्रभजोत सिंह की पुलिस फोटो सार्वजनिक रूप से जारी की। पुलिस का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है, ताकि जांच में मदद मिले।
पुलिस बोली-एक्सटॉर्शन टास्क फोर्स नेटवर्क तोड़ रही
सरे पुलिस सर्विस ने कहा कि यह व्यक्ति सरे में चल रहे एक्सटॉर्शन संकट से जुड़ा माना जाता है। फोटो जारी करना इसलिए जरूरी था क्योंकि इससे चल रही जांचों में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। SPS बीसी प्रोविंशियल एक्सटॉर्शन टास्क फोर्स के साथ मिलकर इन नेटवर्क को तोड़ने के लिए काम कर रही है।

Jalandhar में सुबह 10 बजे से पावरकट:शहर के 9 और 7 ग्रामीण इलाके प्रभावित, पेड़ों की कटाई के चलते 2 बजे तक आएगी बिजली

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जालंधर और आसपास के इलाकों में आज (5 मई) बिजली बंद रहेगी।

बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत और सुरक्षा के लिए पेड़ों की कटाई का काम किया जाना है, जिसकी वजह से शहर और गांवों के कई हिस्सों में बिजली की आपूर्ति प्रभावित रहेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो 11 KV धालीवाल यूपीएस फीडर सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बंद रहेगा। इस दौरान गांव धालीवाल, गखल, गिल, सफीपुर, वडाला, सहझांगी और इसके आस-पास के इलाकों में 3 घंटे तक बिजली गुल रहेगी।
शहरी क्षेत्रों में बिजली की कटौती थोड़ी लंबी रहेगी
शहरी क्षेत्रों में बिजली की कटौती थोड़ी लंबी रहेगी। सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक 11 KV बस्ती नौ और बस्ती गुजां फीडर बंद रहेंगे। इसके चलते बस्ती नौ, निजातम नगर, कार बाजार रोड, दयाल नगर, गणेश नगर, लांबा बाजार, वाल्मीकि मोहल्ला, मंजीत नगर और दिलबाग नगर जैसे इलाकों में 4 घंटे तक पावर कट रहेगा।

11 KV धालीवाल यूपीएस फीडर सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बंद रहेगा।
11 KV धालीवाल यूपीएस फीडर सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बंद रहेगा।
लोगों से 10 बजे से पहले बिजली-पानी संबंधी काम निपटाने की अपील
बिजली विभाग ने आम जनता को सलाह दी है कि वे अपने जरूरी काम समय रहते निपटा लें। मेंटेनेंस का काम पूरा होते ही बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। गर्मी के मौसम को देखते हुए लोगों को पानी का इंतजाम भी पहले से करने का सुझाव दिया गया है।
इन इलाकों में बंद रहेगी बिजली
ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य रूप से गांव धालीवाल, गखल, गिल, सफीपुर, वडाला, सहझांगी और इनके आस-पास के सभी छोटे इलाके शामिल रहेंगे। शहरी और रिहायशी क्षेत्रों की बात करें तो बस्ती नौ, निजातम नगर, कार बाजार रोड, दयाल नगर, गणेश नगर, बस्ती गुजां, लांबा बाजार, वाल्मीकि मोहल्ला, मंजीत नगर और दिलबाग नगर में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी। इन सभी क्षेत्रों में कटौती का समय सुबह 10 बजे से शुरू होगा, जो दोपहर 1 बजे तक और शहरी इलाकों में दोपहर 2 बजे तक जारी रहेगा।

विधायकों के साथ दिल्ली के लिए रवाना हुए CM मान, 12 बजे राष्ट्रपति मुर्मू से करेंगे मुलाकात

CM भगवंत मान अपने विधायकों के साथ दिल्ली रवाना हो चुके है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने विधायकों के साथ दिल्ली रवाना हो चुके हैं, जहां वे दोपहर 12 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। इस बैठक को आम आदमी पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

‘राइट टू रिकॉल’ की उठेगी मांग

सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री मान इस मुलाकात में हाल ही में पार्टी छोड़ने वाले सांसदों के खिलाफ ‘राइट टू रिकॉल’ लागू करने की मांग रख सकते हैं। उनका कहना है कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को बीच कार्यकाल में पार्टी बदलने की छूट नहीं मिलनी चाहिए।

राघव चड्ढा भी करेंगे अलग मुलाकात

वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा भी अपने समर्थक सांसदों के साथ राष्ट्रपति से अलग मुलाकात करेंगे। वे पंजाब सरकार पर राजनीतिक बदले की कार्रवाई के आरोप लगाते हुए एफआईआर और छापेमारी जैसे मामलों में हस्तक्षेप की मांग कर सकते हैं।

तीन बसों में दिल्ली के लिए रवाना हुए विधायक

जानकारी के अनुसार, सभी विधायक तीन बसों में दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं और काफिले की अगुवाई खुद मुख्यमंत्री मान कर रहे हैं। दिल्ली पहुंचकर वे कपूरथला हाउस में ठहरेंगे, जहां उनके लिए खाने और बैठक की व्यवस्था की गई है। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री विधायकों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।

सांसदों का भाजपा में शामिल होना

गौरतलब है कि 24 अप्रैल 2026 को आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया था। इन नेताओं का दावा है कि वे पार्टी के कुल सांसदों के दो-तिहाई से अधिक हैं, इसलिए संविधान के दल-बदल विरोधी कानून के तहत उन्हें अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता।

लुधियाना में पराली से लदा ट्रक पलटा:सुबह तक नहीं पहुंची क्रेन; जवादी पुल पर लगा लंबा जाम, घंटों फंसे रहे वाहन

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लुधियाना-फिरोजपुर रोड से गिल रोड को जोड़ने वाले अहम मार्ग पर बीती रात (3 मई) बड़ा हादसा हो गया।

जवादी पुल के पास पराली से लदा एक भारी-भरकम ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क के ठीक बीचों-बीच पलट गया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई।
हैरानी की बात तो यह है कि हादसा देर रात हुआ था, लेकिन अगली सुबह तक प्रशासन या संबंधित विभाग के किसी भी अधिकारी ने ट्रक को हटाने की जहमत नहीं उठाई। सड़क पर पलटे इस ट्रक और चारों तरफ बिखरी हुई पराली के कारण मुख्य मार्ग पूरी तरह से ब्लॉक हो गया।
सड़क पर पराली बिखरी हुई।
सड़क पर पराली बिखरी हुई।
जाम में फंसी रही आम जनता, लोगों में भारी रोष
सुबह जब लोग अपने काम के लिए निकले तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। जवादी पुल के पास यातायात पूरी तरह से ठप रहा। चार पहिया वाहन चालकों को मजबूरन लंबे और दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ा। वहीं बाइक सवार घंटों तक जाम में रेंगने को मजबूर हुए।
ट्रक के कारण रोड पर बंद।
ट्रक के कारण रोड पर बंद।
तुरंत सड़क को खाली करवाया जाए- लोग बोले
इतने बड़े हादसे के बाद भी हाईवे से मलबा हटाने के लिए तुरंत राहत कार्य शुरू न होने से लोगों में प्रशासन के खिलाफ रोष है। जनता सवाल पूछ रही है कि आखिर क्रेन बुलाकर रास्ता साफ करने में इतनी देरी क्यों की जा रही है? लोगों की मांग है कि तुरंत सड़क को खाली करवाया जाए, ताकि यातायात सुचारू हो सके और उन्हें इस परेशानी से निजात मिले।
मामले की जानकारी देते ट्राफिक जॉन इंचार्ज हरप्रीत सिंह।
मामले की जानकारी देते ट्राफिक जॉन इंचार्ज हरप्रीत सिंह।
जाम देख रास्ता क्लीयर करवाया- ट्राफिक जॉन इंचार्ज
ट्राफिक जॉन इंचार्ज हरप्रीत सिंह ने कहा कि हम ट्रैफिक का राउंड काटते हुए आ रहे थे। इस दौरान देखा कि पराली वाली ट्राली पलटी हुई है। जाम देख हमने रास्ता क्लीयर करवाया है।

अमृतसर में कार में लगी भीषण आग:शॉर्ट सर्किट की आशंका, फौजी को छोड़ने जा रहे थे; बच्चे समेत 4 लोग बचे

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अमृतसर के जंडियाला गुरु के पास नेशनल हाईवे पर बीती देर (3 मई) रात करीब 11 बजे कार में अचानक आग लग गई।

कार में 4 लोग सवार थे, जिनमें एक 10 साल का बच्चा भी शामिल था। बताया जा रहा है कि सभी लोग पट्टी के गांव कच्चे पक्के से जंडियाला गुरु आए थे।
कार में आर्मी जवान भी मौजूद था, जो छुट्टी खत्म कर वापस ड्यूटी के लिए जम्मू जा रहा था। परिवार उसे जालंधर छोड़ने जा रहे थे, जहां से उसे अपने दूसरे फौजी साथी के साथ आगे जाना था। इसी दौरान वे दूसरे जवान का इंतजार कर रहे थे, जो अमृतसर से आ रहा था।
आग बुझाते फायर कर्मी।
आग बुझाते फायर कर्मी।
इंतजार के दौरान अचानक कार में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि सभी सवार समय रहते कार से बाहर निकल आए और कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
शॉर्ट सर्किट से आग की आशंका
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है। वहीं, कार सवारों ने फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अगर समय पर मदद मिलती तो शायद गाड़ी को पूरी तरह जलने से बचाया जा सकता था। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हुए हैं।

2 साल पहले बनाई TVK पार्टी, तमिलनाडु जनता ने बना दिया CM… जानें अभिनेता से नेता बने विजय थलपति की कहानी

तमिल सिनेमा के बड़े सितारों में गिने जाने वाले विजय थलपति ने सिर्फ 69 फिल्मों में काम करके ही जबरदस्त पहचान बना ली।

 तमिल सिनेमा के बड़े सितारों में गिने जाने वाले विजय थलपति ने सिर्फ 69 फिल्मों में काम करके ही जबरदस्त पहचान बना ली। लोग उन्हें न सिर्फ उनकी एक्टिंग बल्कि उनके स्टाइल और गानों के लिए भी पसंद करते हैं। अब उन्होंने फिल्मों से आगे बढ़कर  राजनीति में कदम रख लिया है।

राजनीति में एंट्री और नई पार्टी

फरवरी 2024 में विजय ने अपनी  राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) की शुरुआत की। इसी के साथ उन्होंने फिल्मों से दूरी बनाकर पूरी तरह राजनीति में सक्रिय होने का ऐलान किया। 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के शुरुआती रुझानों में उनकी पार्टी को अच्छी बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। इससे यह साफ है कि जैसे फिल्मों में उन्हें सफलता मिली, वैसे ही राजनीति में भी उनकी पकड़ मजबूत हो रही है।

असली नाम और शुरुआती जीवन

विजय का असली नाम जोसेफ विजय चंद्रशेखर है। उनका जन्म 22 जून 1974 को हुआ। उनके पिता एस. ए. चंद्रशेखर एक फिल्म निर्देशक हैं और मां शोभा चंद्रशेखर गायिका हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बाल कलाकार के रूप में की थी। बाद में 18 साल की उम्र में उन्होंने बतौर लीड एक्टर अपनी पहली फिल्म ‘नालाया थीरपू’ साइन की।

सुपरस्टार बनने का सफर

विजय ने कई हिट फिल्में दी हैं, जिनमें ‘थेरी’, ‘बीस्ट’, ‘शाहजहां’ और ‘मिनसारा कन्ना’ शामिल हैं। उनकी फिल्म लियो (2023) ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की। उनकी फिल्म ‘जन नायगन’ को उनकी आखिरी फिल्म माना जा रहा था, लेकिन यह रिलीज से पहले ही विवादों में आ गई। ‘जन नायगन’ को सेंसर बोर्ड से मंजूरी मिलने में देरी हुई और मामला कोर्ट तक पहुंच गया। इसके बाद फिल्म ऑनलाइन लीक भी हो गई। यही नहीं, अलग-अलग कारणों से इस फिल्म का विरोध भी हुआ। बता दें इससे पहले विजय की फिल्मों को लेकर विवाद हुआ। थलाइवा (2013) की टैगलाइन को लेकर विवाद हुआ और सरकार (2018)  पर सरकारी योजनाओं को गलत दिखाने का आरोप लगा।

राजनीति में पहले से सक्रियता

विजय ने 2009 में अपना फैन क्लब ‘विजय मक्कल अय्यकम’ बनाया था। 2011 के चुनाव में इस संगठन ने AIADMK का समर्थन किया। 2022 के स्थानीय चुनावों में उनके समर्थकों ने 115 सीटें जीतीं। इससे उनकी राजनीतिक ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है।

दुखद रैली हादसा

27 सितंबर 2025 को करूर में विजय की रैली के दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई। विजय ने इस पर दुख जताया और पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद देने का ऐलान किया। राजनीति में आने के बाद विजय ने कहा कि एम. जी. रामचंद्रन, जे. जयललिता और एम. करुणानिधि उनके आदर्श हैं।

निजी जीवन

विजय ने 1999 में संगीता सोरनालिंगम से शादी की। उनके दो बच्चे बेटा जेसन संजय और बेटी दिव्या साशा हैं हालांकि 2025 में उनकी पत्नी ने तलाक की अर्जी दी और 2026 में कुछ निजी आरोप भी लगाए, जिससे यह मामला चर्चा में आ गया।

राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता

तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कभी विजय को अपना करीबी दोस्त बताया था। उन्होंने विजय की फिल्म ‘कुरुवी’ भी प्रोड्यूस की थी, लेकिन अब दोनों राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बन चुके हैं, क्योंकि विजय की पार्टी ने एम. के. स्टालिन के खिलाफ चुनाव लड़ा।

जालंधर में बर्गर में बाल को लेकर विवाद:दुकान मालिक बोला-स्कैम गिरोह चल रहा, खुद बाल डालते हैं, पैसा मांगते हैं, पुलिस से शिकायत

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जालंधर के बाबू जगजीवन राम चौक स्थित पटियाला शाही चिकन सूप के मालिक और एक कथित पत्रकार के बीच बर्गर में बाल को लेकर विवाद हो गया।

घटना रविदार देर रात 12 बजे की है। विवाद इतना बढ़ा कि दुकानदार थाने चला गया। दुकान के मालिक बब्बल ने आरोप लगाया कि उससे बर्गर लिया गया। इसके बाद युवक बर्गर लेकर बाहर साइड में चले गए। थोड़ी देर बाद आए कि बर्गर में बाल है। दुकानदार ने कहा कि वह गुरसिख है। सिर पर पगड़ी है। दुकान में काम करने वालों के सिर पर कैप है, बाल जा ही नहीं सकता। दुकानदार ने कहा कि इस पर युवक बहस करने लगे और वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद ब्लैकमेल करने और सोशल मीडिया के जरिए उनकी छवि खराब करने की धमकी दी। बब्बल का कहना है कि वे पिछले 10 वर्षों से काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ लोग पैसा ठगने का रैकेट चला रहे हैं।
दुकानदार बब्बल ने बताया कि रिवावार शाम 6 बजे शुरू हुआ विवाद रात 12 बजे थाने पहुंचा।
दुकानदार बब्बल ने बताया कि रिवावार शाम 6 बजे शुरू हुआ विवाद रात 12 बजे थाने पहुंचा।
दुकानदार ने बताई विवाद की पूरी कहानी…
  • दुकान पर 2 युवक आए और बर्गर ले गए- दुकानदार बब्बल ने बताया कि रविवार शाम 6 से साढ़े 6 बजे के करीब मामले की शुरुआत तब हुई जब 2 युवक दुकान पर आए और बर्गर खरीदकर ले गए। दुकानदार के अनुसार, कुछ देर बाद वे वापस आए और दावा किया कि बर्गर में बाल है। बब्बल का आरोप है कि वह बाल जानबूझकर डाला गया था या हवा में उड़कर आया होगा, क्योंकि उनकी दुकान पर साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता है।
  • पत्रकार का दावा कर वीडियो बनाया- इसके बाद पत्रकार होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति, जिसकी पहचान गुरप्रीत सिंह गोपी के रूप में हुई है, ने दुकान की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दी और उसे बदनाम करना शुरू कर दिया। पीड़ित दुकानदार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उक्त व्यक्ति ने कैमरे देखते ही दुकान के अंदर से भागने की कोशिश की और बाद में बाहर जाकर वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी।
दुकानदार का दावा-सोची समझी साजिश के तहत किया-दुकानदार का दावा है कि यह एक सोची-समझी साजिश है ताकि नामी दुकानों को निशाना बनाकर उनसे पैसे ऐंठे जा सकें। उन्होंने अन्य दुकानदारों को भी ऐसे नकली पत्रकारों से सतर्क रहने की सलाह दी है जो फूड सैंपल भरवाने और लाइसेंस रद्द कराने की धमकियां देकर डराते हैं।
थाना बस्ती बावा खेल का आईओ नीला सिंह जानकारी देते हुए।
थाना बस्ती बावा खेल का आईओ नीला सिंह जानकारी देते हुए।
थाना बस्ती बावा खेल में शिकायत दर्ज इस मामले में थाना बस्ती बावा खेल की पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है। ड्यूटी ऑफिसर नीला सिंह ने बताया कि आरोपी व्यक्ति को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। पुलिस का कहना है कि अगर खाने की गुणवत्ता में कोई कमी थी, तो उसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग या फूड इंस्पेक्टर से की जानी चाहिए थी, न कि इस तरह से किसी दुकानदार को सार्वजनिक रूप से प्रताड़ित या ब्लैकमेल किया जाना चाहिए। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। दुकानदार का कहना है कि उन्होंने बहुत मेहनत और संघर्ष के बाद अपना नाम बनाया है और वे अपनी साख बचाने के लिए इस मामले में मानहानि का केस भी करेंगे। वहीं, पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी ताकि व्यापारियों को बेवजह परेशान न किया जा सके।

पंजाब में महिलाओं को सम्मान राशि और मुफ्त बिजली मिलती रहेगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा, “सूबे के समझदार लोग विपक्ष के इन नेताओं के संदिग्ध और धोखेबाज चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं और वे जरूर इन्हें सबक सिखाएंगे।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज होशियारपुर जिले के दसूहा हलके के घोगरा में लोक मिलनी में विपक्ष पर सीधा निशाना साधते हुए एलान किया कि जब तक आम आदमी पार्टी (आप) सत्ता में है, महिलाओं को उनकी सम्मान राशि और सूबे में मुफ्त बिजली मिलती रहेगी।
इस मौके पर उन्होंने संकल्प लेते हुए कहा कि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) अधिनियम, 2026 ने बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी रूप से व्यवस्था कर दी है क्योंकि बेअदबी के अपराधी को अब उम्रकैद की सजा भुगतनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष की नीयत साफ होती तो बहुत पहले बेअदबी की घटनाओं का होना बंद हो सकता था।
पंजाब को नशों में डुबोने के लिए अकाली दल और सूबे को बदनाम करने के लिए हर रोज झूठा प्रचार करने वाली सभी विपक्षी पार्टियों पर बरसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार और पहले आई सरकारों में एक ही फर्क है कि अब लोगों का पैसा लोगों के पास जाता है, पहले की तरह नेताओं की जेबों में नहीं जाता।
लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सूबे की बेमिसाल तरक्की और खुशहाली से ईर्खा करते हुए पंजाब के द्रोही बुरी नीयत से मेरे खिलाफ झूठा प्रचार कर रहे हैं। ये ताकतें जो सूबे के विकास और इसके लोगों की खुशहाली की दुश्मन हैं, अब मुझे बेहूदा मुद्दों पर बदनाम करने के लिए निचले स्तर पर गिर चुकी हैं। मेरा जीवन एक खुली किताब है क्योंकि मैंने अपना सारा जीवन पंजाब और पंजाबियों की भलाई को समर्पित किया है और इस नेक काम के लिए सख्त प्रयास कर रहा हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “परंपरागत पार्टियों ने हमेशा लोगों को अपना वोट बैंक समझा है और कभी उनकी भलाई की परवाह नहीं की, और वे इसे हजम नहीं कर पा रहे हैं, जिस कारण मेरे खिलाफ निराधार प्रचार कर रहे हैं।”
विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये ताकतें अब निराधार, तर्कहीन और भ्रामक प्रचार से मेरी छवि खराब करने पर तुली हुई हैं, जिस कारण सूबे के लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे। मैं सूबे के बेमिसाल विकास को सुनिश्चित करने के लिए जी-जान से काम कर रहा हूं और प्रतिदिन हम लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कई लोक-हितैषी कदम उठा रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पिछली सरकारों के विपरीत, मैंने कभी भी सरकारी खजाने से एक पैसा भी नहीं मांगा, बल्कि मैंने यह सुनिश्चित किया है कि करदाताओं का एक-एक रुपया जनता की भलाई के लिए समझदारी से खर्च किया जाए।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “उनके बेटे और भाई के नाते मैं अपने पहले के नेताओं की तरह अमीरी की जिंदगी जीने के बजाय आम लोगों के दुख-दर्द बांटने पर ध्यान केंद्रित किए हुए हूं। पहले का कोई भी शासक लोगों के पास इस तरह नहीं आया था कि उनकी मुश्किलों के बारे में खुलकर बातचीत करे और उन मुश्किलों को लगन से हल करे।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “उन घमंडी सियासतदांनों ने हमेशा लोगों से मिलने के बजाय अपने महल की ऊंची दीवारों में अपने आप को सीमित रखा है और अब सूबा सरकार के हर कदम से वे बौखलाए हुए हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “मैं हमेशा विकासोन्मुखी और नागरिक केंद्रित नीतियां बनाने के लिए सीधे लोगों से फीडबैक लेने के लिए मैदान में रहा हूं, जिससे पंजाब के विकास को बड़ा बढ़ावा मिला है। इससे पूरा विपक्ष सदमे में है और सभी विरोधियों ने झूठे आरोप लगाकर मुझे बदनाम करने के लिए सोची-समझी रणनीति से मेरे खिलाफ हाथ मिलाया है।”
उन्होंने आगे कहा, “ये ताकतें मनघड़ंत और अपमानजनक कहानी गढ़कर लोगों को बहकाने की कोशिश कर रही हैं, जिसे लोग स्वीकार नहीं करेंगे और इन ताकतों को सबक सिखाया जाएगा।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा, “सूबे के समझदार लोग विपक्ष के इन नेताओं के संदिग्ध और धोखेबाज चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं और वे जरूर इन्हें सबक सिखाएंगे। विपक्ष के नाटक मुझे कभी भी सूबे के लोगों की सेवा से नहीं रोक सकते और मैं अपनी अंतिम सांस तक डटा रहूंगा।”
उन्होंने आगे कहा, “इन पार्टियों के पास सूबा सरकार के खिलाफ कोई एजेंडा नहीं है क्योंकि पंजाब सरकार ने लोक भलाई के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिसकी वजह से विपक्षी दल मुद्दाहीन हैं।”
अकाली दल पर सीधा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकालियों को डाला गया हर वोट गुरु साहिब जी और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन बाणी की बेअदबी के पक्ष में होगा। उन्होंने कहा कि इन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करके हर व्यक्ति की मानसिकता को गहरी ठेस पहुंचाई है और बहबल कलां और बरगाड़ी में निर्दोषों पर गोली चलाने का हुक्म दिया है। इन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब का भी घोर निरादर किया है।”
उन्होंने आगे कहा, “पूर्व उप मुख्यमंत्री दावा करते हैं कि उनके शासन के दौरान सूबे का बड़ा विकास हुआ है, लेकिन कोटकपूरा, बहबल कलां और अन्य स्थानों के मुद्दे पर आंखें बंद कर लेते हैं, जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई और निर्दोष लोग मारे गए।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली दल की पंजाब बचाओ यात्रा असल में ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। 15 साल तक सूबे को लूटने के बाद, उन्हें बताना चाहिए कि वे सूबे को किससे बचाने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “अकालियों ने पंजाबियों की मानसिकता को गहरी चोट पहुंचाने और सूबे के कई माफियाओं को संरक्षण देने के अलावा, सूबे को बेरहमी से लूटा है। अकाली नेतृत्व को कभी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि यह सूबे की कई पीढ़ियों के नरसंहार के लिए जिम्मेदार था और नशे के कारोबार को संरक्षण दिया गया था और उनके लंबे कुशासन के दौरान यह कारोबार फला-फूला।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “अकालियों पर पीढ़ियों के नरसंहार के लिए मुकदमा चलाया जाना चाहिए क्योंकि नशे के व्यापार को उनके द्वारा संरक्षण दिया गया था। इन नेताओं के हाथ लाखों युवाओं के खून से रंगे हुए हैं जो उनकी सरकारी गाड़ियों में सूबे में सप्लाई किए जाने वाले नशे का शिकार हो गए थे। इन नेताओं के पाप माफ नहीं किए जा सकते और उन्हें उनके कुकर्मों के लिए लोग कभी माफ नहीं कर सकते।”
विधायी कार्रवाई पर प्रकाश डालते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम भाग्यशाली हैं कि परमात्मा ने हमें सर्वसम्मति से जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) अधिनियम, 2026 पारित करने की जिम्मेदारी सौंपी है, जिससे श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के लिए सख्त सजा निर्धारित की गई है। यह अधिनियम भविष्य में बेअदबी के अंत को दर्शाता है क्योंकि यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी कभी भी ऐसे जघन्य अपराध में शामिल होने की हिम्मत नहीं करेगा।”
उन्होंने आगे कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी का जघन्य जुर्म सूबे में सख्त मेहनत करके हासिल की गई शांति, सद्भावना, भाईचारा और सांप्रदायिक सौहार्द को भंग करने की गहरी साजिश थी। यह अधिनियम यह सुनिश्चित करेगा कि इस अपराध में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जाएगा और दूसरों के लिए मिसाल कायम होगी।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के पिता हैं और सूबा सरकार पवित्र ग्रंथ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वचनबद्ध है। दुनिया भर के लोग खुश हैं और मुझे रोजाना उन लोगों के कई फोन आ रहे हैं जो इस ऐतिहासिक अधिनियम के लिए मेरा धन्यवाद करते हैं।”
अकाली नेतृत्व पर बरसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये मौकापरस्त नेता हैं जो अपनी सुविधा और निजी  राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह अपने रंग और स्टैंड बदलते हैं। हर कोई जानता है कि यह परिवार अंग्रेजों की कठपुतली था और इन्होंने देश के लिए लड़ने वाले देशभक्तों के खिलाफ साजिश रचने के लिए उन्हें ‘सर’ की उपाधि दी थी।”
उन्होंने आगे कहा, “इस परिवार ने 13 अप्रैल, 1919 को जलियांवाला बाग कत्लेआम के दोषी जनरल डायर को इस जघन्य घटना के बाद रात के खाने की मेजबानी करके सम्मानित किया था। इस कार्रवाई ने उनकी राष्ट्र विरोधी और पंजाब विरोधी मानसिकता और चरित्र को नंगा कर दिया।”
उन्होंने आगे कहा, “केवल इतना ही नहीं, परिवार ने यह भी सुनिश्चित किया कि जनरल डायर को श्री हरिमंदिर साहिब में सिरोपा और माफी दी जाए। यह और भी हैरान करने वाली बात है कि जत्थेदार अरूड़ सिंह, जिसने सिरोपा दिया था, पूर्व लोकसभा सदस्य सिमरजीत सिंह मान के नाना जी थे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि इतिहास मिटाया नहीं जा सकता और बादलों के पुरखों का संदिग्ध चरित्र इतिहास के पन्नों पर अंकित है। इस परिवार के हाथ देशभक्तों के खून से रंगे हुए हैं और राष्ट्रवादियों की पीठ में छुरा घोंपने में उनकी भूमिका को कभी नहीं भुलाया जा सकता।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कांग्रेस में हर नेता सूबे का मुखिया बनने की इच्छा रखता है, जिस कारण उनके पास चुनावों में काम करने के लिए आम कार्यकर्ताओं की जगह ज्यादा मुख्यमंत्री के चेहरे हैं। कांग्रेस पार्टी एक बंटा हुआ घर है जो उनके आपसी कलह से ही ढह जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों में लोगों के पास तीन कलमों में से किसी एक को चुनने का विकल्प होगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहली कलम लाल स्याही वाली कांग्रेस की कलम है, जो श्री हरिमंदिर साहिब पर हमले, 1984 के दंगों और अन्य सिख विरोधी तथा पंजाब विरोधी स्टैंडों की प्रतीक है। दूसरी कलम अकालियों की है जिसके पास सिर्फ एक स्याही है, जिसने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की। तीसरी कलम ‘आप’ पार्टी की है जो हर दिन मार्गदर्शक पहलों से पंजाब को रंगला पंजाब बना रही है।”
प्रशासन की उपलब्धियों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों के टैक्स का पैसा सूबे का है और हम इसे समझदारी से लोगों की भलाई पर खर्च कर रहे हैं। लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के जरिए लोगों के पास वापस आ रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि हमने 90 फीसद घर-परिवारों को मुफ्त बिजली प्रदान की, भ्रष्टाचार के बिना युवाओं को 65,000 से अधिक नौकरियां दीं, मजबूत सड़कें बनाईं, टोल प्लाजा बंद किए, जिससे प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत हुई है, और ठोस बुनियादी ढांचा तैयार कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, “जिस समय हम सत्ता में आए, उस समय सूबे में सिंचाई के उद्देश्यों के लिए सिर्फ 22 फीसद नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा था।”
समाज सुधार पर जोर देते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कोई भी मुफ्त या रियायत वाले कार्ड गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकते, लेकिन शिक्षा वह कुंजी है जो लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उन्हें इस जाल से बाहर निकाल सकती है। शिक्षा वह रोशनी है जो अंधेरे को दूर करके दुनिया को रोशन करती है और इसीलिए हम इस पर विशेष जोर दे रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को सेहत कार्ड जारी किए जा रहे हैं और हर परिवार 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है। 30 लाख से अधिक लाभार्थी पहले ही सेहत कार्ड बनवा चुके हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “इस योजना के तहत अब तक 1.65 लाख लोगों ने मुफ्त इलाज की सुविधा हासिल की है और मैं लोगों से इन कार्डों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करता हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “सूबे के इतिहास में यह पहली बार है कि धान के सीजन के दौरान खेतों के लिए ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली की सप्लाई दी गई है। किसानों को अब पहली बार सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनकी जिंदगी बदल गई है।”

महिला सशक्तिकरण के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ” मांवां धीयां सतिकार योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये और 18 साल से अधिक उम्र की अनुसूचित जाति से संबंधित महिलाओं को 1500 रुपये दिए जा रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “यह कोई  राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि लोगों से बातचीत का एक माध्यम है। कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन किसी ने भी लोगों की भलाई की परवाह नहीं की। इन पार्टियों ने अपने मुनाफे के लिए घिनौने खेल खेले और राज्य की दौलत लूटी, लेकिन लोगों ने झाड़ू को वोट दिया, जिसने स्कूलों, अस्पतालों और अन्य क्षेत्रों की तस्वीर बदल दी है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली नेता पांच मौके दिए जाने के बावजूद लोगों से एक और मौका मांग रहे हैं। लोगों की सेवा करने के बजाय, उन्होंने सूबे को लूटा और उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “ये पार्टियां सूबे की दौलत को फिर से लूटने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं, जो कि सत्ता प्राप्त करने का उनका एकमात्र उद्देश्य है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये लोग कभी भी सूबे या यहां के लोगों की परवाह नहीं करते और उनका एकमात्र उद्देश्य सरकार का दुरुपयोग करके सत्ता हथियाना है। ये मौकापरस्त नेता हैरान हैं क्योंकि लोग अब उनकी तरफ आंख नहीं उठा रहे और उनका एजेंडा अपने परिवारों की भलाई तक सीमित है।”
उन्होंने आगे कहा, “इन पार्टियों ने लंबे समय तक राज किया, लेकिन अपनी अयोग्यता और कुशासन के कारण लोगों ने आम आदमी पार्टी को चुना जो उनके लिए अथक मेहनत कर रही है। परंपरागत पार्टियां हमसे इसलिए ईर्खा करती हैं क्योंकि हमने आम आदमी की भलाई का एजेंडा रखा है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “इन पार्टियों ने सत्ता में आकर लोगों और देश को लूटने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। सुखबीर सिंह बादल पंजाब के एक कॉन्वेंट पढ़े-लिखे राजनीतिक नेता हैं जो सूबे की बुनियादी भौगोलिक स्थिति से वाकिफ नहीं हैं, लेकिन फिर भी राजनीतिक सत्ता प्राप्त करना चाहते हैं।”