Saturday, May 30, 2026
HomeLatest Newsकेंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक पर लगा NSA हटाया, 6 महीने बाद...

केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक पर लगा NSA हटाया, 6 महीने बाद हिरासत खत्म

केंद्र सरकार ने लद्दाख के जाने-माने जलवायु कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक की NSA के तहत की गई हिरासत को खत्म करने का फैसला लिया है।

सरकार ने शनिवार को आदेश जारी करते हुए कहा कि वांगचुक को तुरंत प्रभाव से रिहा किया जाए। करीब 6 महीने बाद उनकी हिरासत समाप्त हुई है। इस फैसले को लद्दाख में तनाव कम करने और बातचीत को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
सितंबर 2025 में हुई थी गिरफ्तारी
सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को लेह के जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर NSA के तहत हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई 24 सितंबर 2025 को लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद की गई थी। उन प्रदर्शनों में 4 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। यह विरोध प्रदर्शन लद्दाख को राज्य का दर्जा देने, छठी अनुसूची में शामिल करने, भूमि और संसाधनों की सुरक्षा, स्थानीय लोगों के लिए नौकरियों में आरक्षण और संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर हो रहे थे।
सरकार का बयान
गृह मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और भरोसे का माहौल बनाना चाहती है। इसी उद्देश्य से और कई स्तरों पर विचार करने के बाद सरकार ने NSA के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए सोनम वांगचुक की हिरासत को रद्द करने का फैसला किया है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि वांगचुक NSA के तहत तय अधिकतम हिरासत अवधि का लगभग आधा समय पहले ही पूरा कर चुके थे।
बातचीत तेज होने की उम्मीद
सरकार ने यह भी कहा कि वह लद्दाख के लोगों को जरूरी सुरक्षा और अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों को उम्मीद है कि वांगचुक की रिहाई के बाद सरकार और स्थानीय संगठनों के बीच बातचीत फिर से तेज होगी। लद्दाख के मुद्दों पर चर्चा के लिए पहले से ही एक हाई पावर्ड कमिटी बनाई गई है, जिसमें केंद्रीय मंत्री और स्थानीय नेता शामिल हैं। यह कमिटी राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची में शामिल करने, जमीन और नौकरियों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत कर रही है।
2019 के बाद से जारी हैं मांगें
2019 में जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था। तभी से कई स्थानीय संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता राज्य का दर्जा, स्थानीय लोगों के लिए 33 प्रतिशत नौकरी आरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। सोनम वांगचुक की रिहाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि इन मुद्दों पर सरकार और स्थानीय नेताओं के बीच सकारात्मक समाधान की दिशा में बातचीत आगे बढ़ेगी।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments