Saturday, May 30, 2026
HomeLatest Newsनेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया-राहुल को राहत, ED की चार्जशीट पर संज्ञान...

नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया-राहुल को राहत, ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से कोर्ट का इनकार

नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ दायर ED की याचिका पर संज्ञान लेने से फिलहाल कोर्ट ने इनकार कर दिया है.

नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य को बड़ी राहत मिली है. नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ED की ओर से दाखिल चार्जशीट राउज एवेन्यू कोर्ट ने संज्ञान लेने से फिलहाल इनकार कर दिया है. हालांकि, कोर्ट ने कहा है कि ED की जांच जारी रख सकती है.
ईडी ने 9 अप्रैल को गांधी परिवार और अन्य आरोपियों के खिलाफ PMLA के तहत चार्जशीट दायर की थी. राउज एवेन्यू कोर्ट में एक विशेष सांसदों/विधायकों की अदालत में इस पर यह फैसला लिया गया है. इसी के साथ राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपियों की अन्य याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि नेशनल हेराल्ड में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की तरफ से दर्ज FIR की कॉपी सोनिया , राहुल गांधी को नहीं मिलेगी.
कोर्ट ने EOW की ओर से दायर अर्जी पर फैसला दिया है, हालांकि कोर्ट ने कहा कि FIR से जुड़ी जानकारी आरोपियों को दी जा सकती है. बता दें कि नवंबर 2025 में ED ने PMLA की धारा 66(2) के तहत दिल्ली पुलिस को जानकारी दी और उसके आधार पर पुलिस की ईओडब्ल्यू ने 3 अक्टूबर 2025 को सोनिया, राहुल और अन्य के खिलाफ नई FIR दर्ज की (IPC की धाराएं 420, 406, 403, 120-B: धोखाधड़ी, विश्वासघात, साजिश).

क्या नेशनल हेराल्ड मामला?

नेशनल हेराल्ड केस भारत के एक प्रमुख राजनीतिक और कानूनी विवाद की जड़ बन गया है. यह 2012 में बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत से शुरू हुआ. यह एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) नामक कंपनी से जुड़ा है, जो नेशनल हेराल्ड अखबार (जवाहरलाल नेहरू द्वारा 1938 में स्थापित) को चलाती थी AJL पर कर्ज का बोझ था, फिर कांग्रेस पार्टी ने इसे 90.25 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त कर्ज दिया.
बाद में यह कर्ज यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (YIL) नामक कंपनी को मात्र 50 लाख रुपये में हस्तांतरित कर दिया गया, जिसके माध्यम से AJL की अरबों रुपये की संपत्तियां (दिल्ली, मुंबई आदि में) YIL के नियंत्रण में चली गईं. ED का आरोप है कि यह एक साजिश थी, जिसमें सरकारी संपत्ति को निजी लाभ के लिए हड़पा गया, धोखाधड़ी, विश्वासघात और मनी लॉन्ड्रिंग हुई.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments