Friday, July 3, 2026
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Punjab Police ने सीमा पार से मादक पदार्थ गिरोह का किया भंडाफोड़

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर नशे के खिलाफ चल रही जंग के दौरान एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए

 मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर नशे के खिलाफ चल रही जंग के दौरान एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए तरनतारन पुलिस ने एक महिला नशा तस्कर को गिरफ्तार करके उसके कब्जे से 4 किलो हेरोइन जब्त करके नशा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) तरनतारन अभिमन्यु राणा ने बुधवार को दी। बता दें कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान रूपिंदर कौर निवासी गांव धनोआ खुर्द, घरिंडा, अमृतसर ग्रामीण के रूप में हुई है।
एसएसपी अभिमन्यु राणा ने बताया कि आरोपी और उसका बेटा गगनप्रीत सिंह पाकिस्तान स्थित तस्करों के सीधे संपर्क में थे और सीमा पार से नशीले पदार्थों की खेप प्राप्त करते थे, क्योंकि आरोपी का निवास ड्रोन क्षेत्र में स्थित है। उन्होंने बताया कि जांच में पता चला कि ड्रोन की मदद से खेप गिराई जा रही थी।
4 किलो हेरोइन के साथ महिला नशा तस्कर गिरफ्तार
ऑपरेशन का विवरण साझा करते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अभिमन्यु राणा आईपीएस ने कहा कि विश्वसनीय सूचना पर कार्रवाई करते हुए, एसपी (डी) अजय राज सिंह, डीएसपी (डी) गुरिंदरपाल सिंह नागरा और आई/सी सीआईए स्टाफ अमनदीप रंधावा की देखरेख में सीआईए, स्टाफ की एक पुलिस टीम ने 30 अप्रैल को अमृतसर ग्रामीण के गांव धनोआ खुर्द के इलाके में एक लक्षित अभियान चलाया और रूपिंदर कौर को 4 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया।
एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 (सी), 29 के तहत मामला दर्ज
एसएसपी ने कहा कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां व बरामदगी होने की संभावना है, क्योंकि रूपिंदर कौर का बेटा गगनप्रीत सिंह भी इस गठजोड़ में शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि आपूर्तिकर्ताओं, डीलरों और खरीदारों के पूरे नेटवर्क को उजागर करने के साथ-साथ गिरफ्तार आरोपियों द्वारा अब तक प्राप्त की गई कुल मात्रा का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। 30 अप्रैल, 2025 को एफआईआर नंबर 38 के तहत सराय अमानत खान पुलिस स्टेशन, तरनतारन में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 (सी), 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

Jalandhar Police और गैंगस्टर के बीच मुठभेड़, आरोपी के पैर में लगी गोली

आज सुबह जालंधर ग्रामीण पुलिस और एक गैंगस्टर के बीच मुठभेड़ हो गई।

आज सुबह जालंधर ग्रामीण पुलिस और एक गैंगस्टर के बीच मुठभेड़ हो गई। यह घटना उस समय हुई जब पुलिस ने बाइक सवार युवक को रोकने की कोशिश की। बाइक सवार युवक ने खुद को फंसता देख पुलिस पर फायरिंग कर दी।
आरोपी के पैर में लगी गोली
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें आरोपी घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, जब पुलिस ने वाहन को रोकने का प्रयास किया तो युवकों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आत्मरक्षा में गोली चलाई, जो आरोपी के पैर में लगी। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गिरफ्तार आरोपी की हुई पहचान
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमृतसर निवासी साजन नैय्यर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार साजन नैय्यर पर पहले से ही 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें डकैती, हथियार तस्करी और गंभीर अपराध शामिल हैं।
संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि साजन नैय्यर पंजाब के विभिन्न जिलों में अवैध हथियारों की आपूर्ति कर रहा था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है कि ये हथियार कौन और क्यों मुहैया करा रहा था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उसके नेटवर्क की जांच जारी है।

America जा रहे थे पूर्व मंत्री Suchha Singh Chhotepur, IGI एयरपोर्ट पर पासपोर्ट हुआ जब्त

पंजाब की राजनीति के वरिष्ठ चेहरे और शिरोमणि अकाली दल (सुधार) के नेता सुच्चा सिंह छोटेपुर को अमेरिका यात्रा की इजाजत नहीं दी गई।

पंजाब की राजनीति के वरिष्ठ चेहरे और शिरोमणि अकाली दल (सुधार) के नेता सुच्चा सिंह छोटेपुर को अमेरिका यात्रा की इजाजत नहीं दी गई। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने उनका पासपोर्ट जब्त कर उन्हें यात्रा से रोक दिया। छोटेपुर अपनी पोती की शादी में शामिल होने के लिए लॉस एंजिल्स जा रहे थे।
-इमिग्रेशन अधिकारियों ने की कार्रवाई
घटना बुधवार रात की बताई जा रही है, जब छोटेपुर दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि पासपोर्ट के दुरुपयोग की सूचना है, जिस आधार पर यह कार्रवाई की गई। हालांकि, छोटेपुर ने इस पर हैरानी जताई और कहा कि उनके पास सभी दस्तावेज सही हैं, और न ही उन पर कोई आपराधिक या सिविल मामला लंबित है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “मैं अपनी पोती की शादी में शरीक होने जा रहा था, सारे दस्तावेज मेरे पास थे। मुझे अब तक समझ नहीं आ रहा कि आखिर मुझे रोका क्यों गया। अधिकारियों ने मेरी एक भी बात सुनने से इनकार कर दिया।”

-सवालों में उठी कार्रवाई

इस घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह कोई तकनीकी त्रुटि थी, या किसी साजिश का हिस्सा? फिलहाल, छोटेपुर के समर्थक और राजनीतिक हलकों में इस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई जा रही है। मामले की जांच की मांग की जा रही है ताकि सच सामने आ सके और यदि यह एक गलती है, तो उसे शीघ्र सुधारा जाए।